स्वच्छ मथुरा-वृन्दावन के लिए नगर आयुक्त ने पार्षदों संग की बैठक, जनभागीदारी से स्वच्छता अभियान को गति देने पर जोर

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रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज 

मथुरा-वृन्दावन। नगर निगम मथुरा-वृन्दावन क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को नगर आयुक्त श्री ओजस्वी राज ने मनोनीत माननीय पार्षदगणों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। भूतेश्वर स्थित नगर निगम कार्यालय में आयोजित इस बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं, विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य मथुरा-वृन्दावन को स्वच्छ, सुंदर और बेहतर शहर बनाने के लिए नगर निगम की व्यवस्थाओं को और मजबूत करना तथा स्वच्छता के प्रति नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना रहा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल नगर निगम के प्रयासों से शहर को पूरी तरह स्वच्छ बनाए रखना संभव नहीं है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है।

स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने पर जोर

बैठक के दौरान नगर आयुक्त श्री ओजस्वी राज ने कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि शहर के नागरिक अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, तो मथुरा-वृन्दावन को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि मथुरा-वृन्दावन धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। यहां देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। ऐसे में शहर की स्वच्छता व्यवस्था का प्रभाव स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों पर भी पड़ता है। इसलिए आवश्यक है कि नगर निगम के साथ आम नागरिक भी स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

नगर आयुक्त ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिकों के साथ संवाद स्थापित करते हुए स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाएं। साथ ही, लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न डालने, कूड़े को निर्धारित स्थान पर रखने और नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए।

पार्षदों से क्षेत्रवार समस्याओं पर चर्चा

बैठक में नगर आयुक्त ने मनोनीत पार्षदगणों से उनके क्षेत्रों की स्वच्छता व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, विकास कार्यों तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़ी आवश्यकताओं पर चर्चा हुई।

मनोनीत पार्षदगणों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और आवश्यकताओं से नगर आयुक्त को अवगत कराया। इसके साथ ही उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

पार्षदों ने स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं, नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने की आवश्यकता तथा विकास कार्यों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर नगर आयुक्त के साथ विचार-विमर्श किया। इसके अलावा स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

इस दौरान नगर आयुक्त ने पार्षदों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से सुना और आवश्यक बिंदुओं पर संबंधित अधिकारियों के स्तर से कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही।

स्थायी समाधान को प्राथमिकता

नगर आयुक्त श्री ओजस्वी राज ने कहा कि नगर निगम का प्रयास केवल तत्काल समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि समस्याओं का दीर्घकालीन और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र में यदि एक ही समस्या बार-बार सामने आती है तो उसके मूल कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी न हो। उनका कहना था कि शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में प्राथमिकता तय करते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

इसके साथ ही, क्षेत्रीय समस्याओं को समय पर संज्ञान में लाने और उनके समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों तथा नगर निगम के बीच संवाद को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

जनभागीदारी से मजबूत होगी स्वच्छता व्यवस्था

मथुरा-वृन्दावन की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी को महत्वपूर्ण आधार माना गया। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि यदि नागरिक स्वच्छता अभियान को अपनी दैनिक आदतों का हिस्सा बना लें, तो शहर की सफाई व्यवस्था में व्यापक सुधार किया जा सकता है।

दरअसल, नगर निगम द्वारा सफाई व्यवस्था के लिए लगातार प्रयास किए जाते हैं, लेकिन किसी भी शहर की स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों के कार्य पर निर्भर नहीं करती। नागरिकों का व्यवहार, सार्वजनिक स्थलों के प्रति जिम्मेदारी और कचरा प्रबंधन में सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

इसीलिए स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। वे स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा कर सकते हैं और नगर निगम तथा जनता के बीच प्रभावी संपर्क का माध्यम बन सकते हैं।

मथुरा-वृन्दावन की बेहतर छवि बनाने का प्रयास

मथुरा और वृन्दावन धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना नगर निगम की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था को लगातार बेहतर करना आवश्यक है। स्वच्छ सड़कें, साफ सार्वजनिक स्थल, बेहतर कचरा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता शहर की समग्र छवि को प्रभावित करती है। इसलिए नगर निगम स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के साथ नागरिकों को भी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

बैठक में इसी व्यापक दृष्टिकोण के तहत स्वच्छता और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने कहा कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से मथुरा-वृन्दावन को स्वच्छ, सुंदर और सुविधाजनक शहर बनाया जा सकता है।

पार्षदों के सुझावों पर आगे बढ़ेगा नगर निगम

बैठक के अंत में मनोनीत पार्षदगणों ने नगर आयुक्त के समक्ष अपने क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न सुझाव और आवश्यकताएं रखीं। इन सुझावों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर मौजूद समस्याओं की जानकारी नगर निगम प्रशासन तक पहुंची।

नगर आयुक्त ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों को विकास और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में उपयोगी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और शहर के विकास को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मथुरा-वृन्दावन को स्वच्छ एवं बेहतर शहर बनाने के लिए प्रशासन और जनता के बीच निरंतर सहयोग आवश्यक है। इसलिए स्वच्छता अभियान को केवल एक सरकारी कार्यक्रम न मानकर सामूहिक जिम्मेदारी और जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

बैठक में सामने आए सुझावों और चर्चा के बिंदुओं के आधार पर नगर निगम की स्वच्छता एवं नागरिक सुविधा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किए जाने पर जोर दिया गया। इस प्रकार, नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच हुआ यह संवाद शहर की स्वच्छता, विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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