2027 वनडे वर्ल्ड कप में 14 टीमें, ICC ने बदला फॉर्मेट; तीन चरणों में होगा खिताब का फैसला
Digital UP News Desk
स्पोर्ट: क्रिकेट प्रेमियों के लिए 2027 का वनडे वर्ल्ड कप पहले के मुकाबले और ज्यादा रोमांचक होने वाला है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी ICC ने पुरुष वनडे विश्व कप के प्रारूप में बदलाव करते हुए टूर्नामेंट को 10 से बढ़ाकर 14 टीमों का कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट में अब टीमों को खिताब तक पहुंचने के लिए अलग-अलग चरणों से गुजरना होगा। ICC ने 15 जुलाई 2026 को नए प्रारूप की आधिकारिक जानकारी साझा की थी।
नए फॉर्मेट की सबसे खास बात यह है कि टूर्नामेंट सीधे ग्रुप स्टेज से शुरू नहीं होगा। इसके बजाय पहले एक सुपर सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद 12 टीमों का मुख्य ग्रुप चरण होगा और फिर सात टीमों के बीच सुपर 7 चरण आयोजित किया जाएगा। अंत में शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी और विजेता टीम फाइनल में विश्व कप ट्रॉफी के लिए मैदान में उतरेगी।
14 टीमों को लेकर ICC का बड़ा फैसला
2023 में भारत की मेजबानी में हुए वनडे विश्व कप में कुल 10 टीमें शामिल थीं। हालांकि, 2027 में ICC ने प्रतियोगिता का विस्तार करते हुए 14 टीमों को मौका देने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य विश्व क्रिकेट में ज्यादा टीमों को मंच उपलब्ध कराना और टूर्नामेंट को व्यापक बनाना है।
2027 विश्व कप की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे। यह तीनों देशों के लिए क्रिकेट के लिहाज से बड़ा आयोजन होगा। दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को मेजबान होने के कारण टूर्नामेंट में स्थान मिलेगा, जबकि नामीबिया की स्थिति अलग है और उसे निर्धारित क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा।
इसके अलावा ICC वनडे रैंकिंग और क्वालिफिकेशन प्रक्रिया के जरिए अन्य टीमों के स्थान तय किए जाएंगे। चार स्थान क्वालिफायर के माध्यम से हासिल किए जाएंगे। ऐसे में विश्व कप में जगह बनाने की जंग टूर्नामेंट शुरू होने से काफी पहले ही तेज हो चुकी है।
सबसे पहले होगी सुपर सीरीज
ICC के नए प्रारूप में सबसे शुरुआती चरण को सुपर सीरीज नाम दिया गया है। इसमें क्वालिफाई करने वाली 14 टीमों में रैंकिंग के आधार पर 12वें, 13वें और 14वें स्थान पर रहने वाली टीमें आपस में मुकाबला करेंगी।
इन तीन टीमों के बीच राउंड-रॉबिन आधार पर मुकाबले होंगे। यानी प्रत्येक टीम बाकी दोनों टीमों के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली टीम मुख्य प्रतियोगिता के अगले चरण में प्रवेश करेगी।
इस बदलाव से टूर्नामेंट की शुरुआत से ही मुकाबलों का महत्व बढ़ जाएगा। निचली रैंक वाली टीमों के पास विश्व कप में आगे बढ़ने का मौका रहेगा, लेकिन इसके लिए उन्हें शुरुआती चरण में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। ICC के अनुसार यह नया चरण टूर्नामेंट को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक अहम बदलाव है।
12 टीमों के बीच होगा मुख्य ग्रुप चरण
सुपर सीरीज के बाद कुल 12 टीमें मुख्य ग्रुप चरण में पहुंचेंगी। इन्हें दो ग्रुप में बांटा जाएगा और प्रत्येक ग्रुप में छह-छह टीमें होंगी।
दोनों ग्रुप में राउंड-रॉबिन मुकाबले खेले जाएंगे। इस चरण में कुल 30 मैच होंगे। प्रत्येक टीम अपने ग्रुप की अन्य टीमों से मुकाबला करेगी। ऐसे में हर मैच का अंक तालिका पर सीधा असर पड़ेगा।
इसके बाद दोनों ग्रुप की शीर्ष तीन-तीन टीमें अगले चरण के लिए क्वालिफाई करेंगी। इसके अलावा दोनों ग्रुप में चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों में से बेहतर प्रदर्शन करने वाली एक टीम को भी अगले दौर में जगह मिलेगी। इस तरह कुल सात टीमें सुपर 7 चरण में प्रवेश करेंगी।
सुपर 7 में बढ़ेगा असली दबाव
2027 विश्व कप के नए फॉर्मेट में सुपर 7 चरण सबसे महत्वपूर्ण दौर में से एक होगा। इस चरण में सात टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करेंगी और अंक तालिका में शीर्ष चार स्थान हासिल करने वाली टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
इस चरण में हर मुकाबले का महत्व काफी अधिक होगा। किसी एक हार या जीत का असर सेमीफाइनल की दौड़ पर पड़ सकता है। इसलिए टीमों को लंबे टूर्नामेंट में निरंतर प्रदर्शन करना होगा।
सुपर 7 चरण में कुल 21 मुकाबले प्रस्तावित हैं। इसके बाद अंक तालिका की शीर्ष चार टीमें नॉकआउट दौर में पहुंचेंगी। इस तरह 2027 विश्व कप में लीग चरण से लेकर सुपर 7 तक टीमों को लगातार अच्छा क्रिकेट खेलना होगा।
सेमीफाइनल के बाद फाइनल से होगा चैंपियन का फैसला
सुपर 7 चरण के बाद अंक तालिका में पहले स्थान पर रहने वाली टीम का मुकाबला चौथे स्थान वाली टीम से होगा। वहीं दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमें दूसरे सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी।
दोनों सेमीफाइनल के विजेता इसके बाद फाइनल में प्रवेश करेंगे। फाइनल मुकाबले में जीतने वाली टीम 2027 वनडे विश्व कप की चैंपियन बनेगी।
इस तरह नए फॉर्मेट में टीमों के लिए शुरुआती दौर से लेकर नॉकआउट तक निरंतरता बनाए रखना बेहद जरूरी होगा। किसी एक चरण में खराब प्रदर्शन करने वाली टीम के लिए वापसी करना आसान नहीं होगा।
नए फॉर्मेट पर उठे सवाल भी
हालांकि ICC के इस नए प्रारूप को लेकर उत्साह के साथ-साथ कुछ सवाल भी सामने आए हैं। खासकर एसोसिएट देशों से जुड़े क्रिकेट बोर्डों ने बदलाव की प्रक्रिया और समय को लेकर चिंता जताई है।
क्रिकेट स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स क्रिकेट बोर्ड ने ICC के नए बदलावों पर सार्वजनिक रूप से असंतोष जताया है। दोनों बोर्डों का कहना है कि विश्व कप की क्वालिफिकेशन प्रक्रिया और प्रारूप में बदलाव से एसोसिएट टीमों के लिए योजना बनाना मुश्किल हो सकता है।
दूसरी ओर, ICC का मानना है कि नए प्रारूप से टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और दर्शकों को अधिक रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। 14 टीमों की मौजूदगी से विश्व कप का दायरा भी बढ़ेगा और अलग-अलग क्रिकेटिंग देशों को बड़े मंच पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा।
मौजूदा क्रिकेट में भी बढ़ रहा रोमांच
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी कई महत्वपूर्ण मुकाबलों का दौर जारी है। वनडे, टेस्ट और टी20 क्रिकेट में टीमें लगातार व्यस्त हैं। ऐसे में 2027 विश्व कप की तैयारी भी धीरे-धीरे शुरू हो चुकी है।
टीमों की नजर अब केवल द्विपक्षीय सीरीज के नतीजों पर नहीं, बल्कि ICC रैंकिंग और विश्व कप क्वालिफिकेशन पर भी है। अफगानिस्तान ने भी 2027 वनडे विश्व कप के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है, जिससे प्रतियोगिता में उसकी स्थिति मजबूत हुई है।
वहीं, वेस्टइंडीज जैसी दिग्गज टीम का सीधे क्वालिफाई करने से चूकना यह दिखाता है कि मौजूदा दौर में वनडे क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा कितनी बढ़ गई है। वेस्टइंडीज को अब विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफिकेशन के अगले रास्ते से गुजरना होगा।
भारत समेत बड़ी टीमों पर रहेगी नजर
2027 विश्व कप में भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान जैसी प्रमुख क्रिकेट टीमों पर भी प्रशंसकों की नजर रहेगी। हालांकि टूर्नामेंट में अभी काफी समय बाकी है, लेकिन टीमों ने भविष्य की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है।
विशेष रूप से वनडे क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों को तैयार करना और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ सही संतुलन बनाना टीमों के लिए बड़ी चुनौती होगी। दक्षिण अफ्रीका में परिस्थितियां भी टीमों की रणनीति को प्रभावित कर सकती हैं। तेज गेंदबाजों के लिए मददगार परिस्थितियों के साथ-साथ अलग-अलग मैदानों पर बल्लेबाजों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी।
2027 विश्व कप क्यों होगा खास?
2027 का वनडे विश्व कप इसलिए भी खास होगा क्योंकि इसमें 14 टीमें हिस्सा लेंगी और मुकाबले तीन अलग-अलग प्रतिस्पर्धी चरणों में आगे बढ़ेंगे। इसके अलावा पहली बार नामीबिया भी विश्व कप की संयुक्त मेजबानी का हिस्सा होगा।
नए फॉर्मेट से टूर्नामेंट में छोटे और उभरते क्रिकेट देशों की मौजूदगी बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि एसोसिएट देशों की चिंताओं के बीच ICC के लिए यह भी जरूरी होगा कि विस्तार के साथ विश्व क्रिकेट के विकास का उद्देश्य कायम रहे।
कुल मिलाकर 2027 वनडे विश्व कप का नया प्रारूप क्रिकेट प्रशंसकों के लिए कई नए समीकरण लेकर आने वाला है। 14 टीमों की भागीदारी, सुपर सीरीज, दो ग्रुप का चरण, सुपर 7 और फिर सेमीफाइनल-फाइनल तक पहुंचने का सफर इस टूर्नामेंट को काफी दिलचस्प बनाएगा। अब जैसे-जैसे क्वालिफिकेशन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे यह तस्वीर भी साफ होती जाएगी कि कौन-कौन सी टीमें दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में विश्व कप की ट्रॉफी के लिए मैदान में उतरेंगी।

