बिजनौर में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, कांवड़ियों की सेवा में लगा रहा मुस्लिम समाज
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: श्रावण कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से गंगा-जमुनी तहजीब की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा के लिए लगाए गए पुलिस शिविर में मुस्लिम समाज के लोग भी आगे आए। उन्होंने भंडारे में पहुंचकर शिवभक्तों को अपने हाथों से भोजन परोसा और सेवा कार्य में सहयोग किया।
कांवड़ यात्रा के दौरान आमतौर पर पुलिस प्रशासन की भूमिका सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित मानी जाती है। हालांकि, बिजनौर में इस बार पुलिस व्यवस्था के साथ सामाजिक सहयोग की तस्वीर भी देखने को मिल रही है। पुलिस शिविर में आयोजित भंडारे में मुस्लिम समाज के लोगों की भागीदारी ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
पुलिस शिविर के भंडारे में मुस्लिम समाज ने की सेवा
हरिद्वार से गंगाजल लेकर रामपुर समेत अलग-अलग स्थानों की ओर जा रहे डाक कांवड़िए बिजनौर के रास्ते से गुजर रहे हैं। इसी दौरान नजीबाबाद क्षेत्र की साहनपुर चौकी के पास पुलिस शिविर में लगाए गए भंडारे में शिवभक्तों के लिए भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
इस सेवा कार्य में मुस्लिम समाज के लोगों ने भी भागीदारी की। उन्होंने शिवभक्तों को भोजन परोसा और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखा। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जिले से गुजरने के बीच इस तरह की सहभागिता सामाजिक सौहार्द की तस्वीर पेश करती नजर आई।
कांवड़ियों ने भी इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन के साथ स्थानीय लोग भी श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं। इससे लंबी यात्रा कर रहे शिवभक्तों को सुविधाएं मिल रही हैं और उन्हें अपनापन महसूस हो रहा है।
सुरक्षा के साथ सेवा में भी जुटा पुलिस परिवार
श्रावण कांवड़ यात्रा को देखते हुए बिजनौर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। हरिद्वार बॉर्डर से लेकर जिले के अलग-अलग मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। जिले के 21 थाना क्षेत्रों में कांवड़ियों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अलावा पुलिस परिवार के लोग भी सेवा कार्य में भाग लेते नजर आ रहे हैं। पुलिस शिविरों में कांवड़ियों के लिए भोजन, पानी और विश्राम जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। वहीं, पुलिसकर्मी यात्रा मार्गों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
इस दौरान पुलिस की ओर से शिवभक्तों को सड़क सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। डाक कांवड़ में तेज गति से चलने वाले वाहनों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए यातायात नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है।
लाखों शिवभक्तों से गुलजार है बिजनौर
श्रावण मास में हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर जाने वाले कांवड़ियों के लिए बिजनौर महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में शिवभक्त जिले से होकर गुजर रहे हैं।
कांवड़ यात्रा के चलते जिले के विभिन्न मार्गों पर धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी और आराम की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं, कांवड़ियों के जत्थों के गुजरने के दौरान ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। कई मार्गों पर भगवा ध्वज और कांवड़ियों के जत्थे नजर आ रहे हैं। इससे पूरा वातावरण भक्तिमय दिखाई दे रहा है।
गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश
बिजनौर की इस तस्वीर को सामाजिक सद्भाव और आपसी सहयोग के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। धार्मिक यात्रा के दौरान दूसरे समुदाय के लोगों का सेवा कार्य में शामिल होना स्थानीय स्तर पर भाईचारे की भावना को मजबूत करने वाला संदेश देता है।
भारत की सांस्कृतिक पहचान में अलग-अलग धर्मों और समुदायों के बीच सहयोग और सहभागिता की परंपरा लंबे समय से रही है। ऐसे अवसरों पर जब लोग धार्मिक पहचान से ऊपर उठकर एक-दूसरे की सहायता करते हैं, तो सामाजिक एकता का संदेश मजबूत होता है।
बिजनौर में पुलिस शिविर के भंडारे में मुस्लिम समाज की भागीदारी भी इसी भावना को सामने लाती है। यहां सेवा को किसी एक समुदाय तक सीमित न रखते हुए स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों की मदद में अपना योगदान दिया।
कांवड़ियों ने भी जताया आभार
हरिद्वार से गंगाजल लेकर रामपुर जा रहे शिवभक्त रवि सैनी और सचिन ने सेवा व्यवस्था की सराहना की। उनका कहना है कि यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों की ओर से कांवड़ियों की मदद की जा रही है। बिजनौर में पुलिस और स्थानीय लोगों की ओर से की जा रही सेवा से श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिल रही है।
कांवड़ियों के मुताबिक, लंबी दूरी तय करने के दौरान रास्ते में भोजन और पानी की सुविधा मिलना बेहद उपयोगी होता है। ऐसे में पुलिस शिविरों और स्थानीय सेवा शिविरों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
यातायात और सुरक्षा पर पुलिस की नजर
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए सड़क सुरक्षा भी पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। जिले के विभिन्न मार्गों पर पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं।
डाक कांवड़ के दौरान कई वाहन तेज गति से चलते हैं। ऐसे में पुलिस की ओर से कांवड़ियों और वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। साथ ही यात्रा मार्ग पर किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
हरिद्वार सीमा से बिजनौर के विभिन्न थाना क्षेत्रों तक पुलिस की तैनाती के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुचारु तरीके से पूरी हो।
साहनपुर चौकी की तस्वीर बनी चर्चा का विषय
नजीबाबाद क्षेत्र की साहनपुर चौकी के पास पुलिस शिविर में सामने आई सेवा की तस्वीर ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। यहां पुलिसकर्मियों के साथ स्थानीय मुस्लिम समाज के लोगों को भी शिवभक्तों की सेवा करते देखा गया।
एक ओर जहां पुलिसकर्मी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सेवा शिविर में श्रद्धालुओं के लिए भोजन परोसने और अन्य व्यवस्थाओं में लोग सहयोग कर रहे हैं। इस सामूहिक प्रयास ने कांवड़ यात्रा के दौरान सामाजिक सहभागिता की एक सकारात्मक तस्वीर पेश की है।
कुल मिलाकर, श्रावण कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान बिजनौर में मुस्लिम समाज ने कांवड़ियों की सेवा की और पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर भंडारे में सहयोग किया। लाखों शिवभक्तों की आवाजाही के बीच सामने आई यह तस्वीर धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव और आपसी सहयोग का संदेश भी देती है। वहीं, पुलिस प्रशासन सुरक्षा, यातायात और सेवा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

