Form 6 पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, SIR पूरा होने वाले राज्यों में अतिरिक्त घोषणा पत्र हटाया गया

WhatsApp Image 2026-09-30 at 4.24.32 PM

DigitalUP News

नई दिल्ली। मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) के दौरान नए मतदाताओं से Form 6 के साथ लिए जा रहे अतिरिक्त घोषणा पत्र को लेकर चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के मुताबिक, वैधानिक Form 6 के मूल प्रारूप में कोई बदलाव नहीं किया गया है। SIR की प्रक्रिया के दौरान कुछ अतिरिक्त जानकारी और घोषणा पत्र की व्यवस्था अलग से की गई थी।

अब जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां ऑनलाइन Form 6 भरने की प्रक्रिया में अतिरिक्त घोषणा पत्र को हटाया गया है। ऐसे राज्यों में नए मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए मूल Form 6 ही भरना होगा।

SIR के दौरान क्यों मांगी जा रही थी अतिरिक्त जानकारी?

दरअसल, SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और अद्यतन करना है। चुनाव आयोग ने SIR के दौरान मतदाताओं के पुराने चुनावी रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी के सत्यापन पर भी जोर दिया। इसी प्रक्रिया में नए मतदाताओं के लिए Form 6 के साथ निर्धारित Declaration Form की व्यवस्था की गई थी।

आयोग के आधिकारिक दस्तावेजों में SIR के दौरान Form 6 के साथ Declaration Form जमा करने का उल्लेख है। इसके जरिए आवेदक की उम्र, भारतीय नागरिकता, सामान्य निवास और अन्य संबंधित घोषणाओं से जुड़ी जानकारी ली जाती थी।

हालांकि, यह व्यवस्था Form 6 के स्थायी मूल प्रारूप में बदलाव नहीं थी। यही वजह है कि SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित राज्यों में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को मूल Form 6 के अनुरूप किया जा रहा है।

नए मतदाताओं के लिए क्या बदला?

SIR पूरा हो चुके राज्यों में अब नया मतदाता बनने के लिए आवेदन करने वाले लोगों को मूल Form 6 भरना होगा। यानी आवेदन के दौरान माता-पिता या दादा-दादी के पुराने चुनावी रिकॉर्ड से संबंधित अतिरिक्त जानकारी देने की आवश्यकता उस सामान्य Form 6 प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होगी।

चुनाव आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर Form 6 को नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए उपलब्ध कराया गया है। पोर्टल के अनुसार, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र नागरिक नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए Form 6 भर सकते हैं।

इससे उन युवाओं और अन्य पात्र नागरिकों को राहत मिल सकती है, जो पहली बार मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।

पुराने चुनावी रिकॉर्ड की जानकारी को लेकर भ्रम क्यों हुआ?

SIR के दौरान पुराने चुनावी रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी जुटाए जाने के कारण कई आवेदकों के बीच यह धारणा बनी कि भविष्य में भी Form 6 के साथ ऐसी जानकारी देना अनिवार्य रहेगा। विशेष रूप से माता-पिता या दादा-दादी के पुराने मतदाता रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी को लेकर लोगों के बीच सवाल उठे।

लेकिन चुनाव आयोग की व्यवस्था को समझने के लिए सामान्य Form 6 और SIR के दौरान इस्तेमाल किए गए अतिरिक्त Declaration Form के बीच अंतर करना जरूरी है।

सामान्य Form 6 नए मतदाता के पंजीकरण के लिए निर्धारित आवेदन है। वहीं SIR के दौरान अतिरिक्त सत्यापन और घोषणा से जुड़ी प्रक्रिया अपनाई गई थी। आयोग के आधिकारिक दस्तावेज में भी SIR के दायरे में Form 6 के साथ निर्धारित Declaration Form जमा करने का प्रावधान दर्ज है।

ऑनलाइन आवेदन करने वालों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

नए मतदाताओं को आवेदन करते समय चुनाव आयोग के आधिकारिक Voters’ Services Portal का इस्तेमाल करना चाहिए। पोर्टल पर नए मतदाता पंजीकरण के लिए Form 6 की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने और मतदाता सूची में नाम खोजने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

हालांकि, अलग-अलग राज्यों में SIR की स्थिति और प्रक्रिया की समयसीमा अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट या चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम निर्देश देखना उपयोगी रहेगा।

SIR और सामान्य मतदाता पंजीकरण में अंतर

SIR एक विशेष प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची की व्यापक समीक्षा और सत्यापन करना है। चुनाव आयोग ने 2026 में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से SIR की प्रक्रिया संचालित की है। आयोग के अनुसार इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

वहीं दूसरी ओर, सामान्य मतदाता पंजीकरण के लिए Form 6 नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इसलिए SIR के दौरान लागू अतिरिक्त दस्तावेज या घोषणा को सामान्य Form 6 की स्थायी आवश्यकता मानना सही नहीं होगा।

मतदाताओं के लिए राहत की बात

चुनाव आयोग के इस स्पष्टीकरण से खासतौर पर पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं के लिए प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ होती है। जहां SIR पूरा हो चुका है, वहां ऑनलाइन Form 6 के साथ अतिरिक्त Declaration Form की जरूरत नहीं होने से आवेदन प्रक्रिया पहले की तरह मूल Form 6 पर आधारित रहेगी।

फिर भी, आवेदकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि Form 6 में दी जाने वाली जानकारी सही और पूर्ण हो। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार मतदाता पंजीकरण से संबंधित घोषणा में गलत जानकारी देना कानूनी कार्रवाई का विषय हो सकता है।

कुल मिलाकर, SIR के दौरान अतिरिक्त घोषणा पत्र और पुराने चुनावी रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी मांगे जाने को लेकर पैदा हुए भ्रम के बाद चुनाव आयोग की स्थिति महत्वपूर्ण है। SIR पूरा कर चुके राज्यों में सामान्य ऑनलाइन Form 6 प्रक्रिया को अलग रखा गया है। इसलिए नए मतदाताओं को आवेदन करते समय अपने राज्य के लिए लागू मौजूदा निर्देशों को देखकर ही Form 6 जमा करना चाहिए।

You may have missed