स्वच्छता ही सेवा अभियान: पुरईन इंटर कॉलेज में 138 विद्यार्थियों ने पेंटिंग-स्लोगन प्रतियोगिता में लिया भाग

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रिपोर्ट – अशोक सिंह

खागा। स्वच्छता के प्रति विद्यार्थियों और समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत राज बहादुर इंटर कॉलेज, पुरईन में पेंटिंग एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वच्छता, स्वच्छ पर्यावरण, व्यक्तिगत स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े संदेशों को अपनी कला और रचनात्मक सोच के माध्यम से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का आयोजन NHAI PIU कानपुर एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के निर्देशानुसार किया गया। वहीं, प्रतियोगिता के आयोजन में त्रिवेणी संगम हाईवेज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का मार्गदर्शन परियोजना प्रबंधक राकेश भारद्वाज ने किया। विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य हंसराज की उपस्थिति रही।

138 विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ लिया हिस्सा

प्रतियोगिता में विद्यालय के लगभग 138 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने पेंटिंग और स्लोगन के माध्यम से स्वच्छता को लेकर अपनी कल्पनाशीलता और जागरूकता का प्रदर्शन किया। किसी विद्यार्थी ने स्वच्छ एवं सुंदर वातावरण का संदेश दिया, तो किसी ने व्यक्तिगत स्वच्छता को स्वस्थ जीवन का आधार बताया।

इसके अलावा, विद्यार्थियों की रचनाओं में सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने, पर्यावरण संरक्षण और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषय भी प्रमुखता से दिखाई दिए। इस प्रकार प्रतियोगिता केवल एक रचनात्मक गतिविधि तक सीमित नहीं रही, बल्कि विद्यार्थियों को स्वच्छता के व्यापक महत्व से जोड़ने का माध्यम भी बनी।

स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर

आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता विकसित करना और उन्हें स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था। दरअसल, स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

इसी क्रम में विद्यार्थियों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि घर, विद्यालय, सड़क और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी सामूहिक है। यदि छोटी उम्र से ही बच्चों में स्वच्छता की आदत विकसित की जाए, तो इसका सकारात्मक प्रभाव परिवार और समुदाय तक पहुंच सकता है।

पेंटिंग और स्लोगन के जरिए दिया जागरूकता का संदेश

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी कला के जरिए स्वच्छता से जुड़े विभिन्न संदेश प्रस्तुत किए। पेंटिंग और स्लोगन जैसे रचनात्मक माध्यमों के जरिए जटिल सामाजिक संदेशों को सरल और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

वहीं, विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी दिया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्रों ने स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर अपनी सोच को रंगों और शब्दों के माध्यम से सामने रखा।

विजेता विद्यार्थियों को 2 अक्टूबर को मिलेगा सम्मान

प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रशस्ति देकर सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, विजेता विद्यार्थियों का सम्मान 2 अक्टूबर को किया जाएगा।

त्रिवेणी संगम हाईवेज की ओर से विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ अन्य छात्रों को भी भविष्य में इस तरह की जागरूकता गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरणा मिलेगी।

हाईवे अधिकारियों ने भी निभाई सहभागिता

कार्यक्रम के दौरान त्रिवेणी संगम हाईवेज से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भी उपस्थिति रही। मौके पर रूट पेट्रोलिंग इंचार्ज कृष्ण मुरारी, अनीस सिंह और कल्याण सिंह सहित हाईवे से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रचनात्मक गतिविधियों का अवलोकन किया और स्वच्छता के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।

स्वच्छता और सामुदायिक जिम्मेदारी का संदेश

स्वच्छता ही सेवा अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। इसी भावना के अनुरूप पुरईन के राज बहादुर इंटर कॉलेज में आयोजित प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को स्वच्छता से जोड़ने का काम किया।

इसके साथ ही, कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता को केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत बनाया जाना आवश्यक है। घर से लेकर विद्यालय और सार्वजनिक स्थलों तक स्वच्छता बनाए रखने में प्रत्येक व्यक्ति अपनी भूमिका निभा सकता है।

विद्यार्थियों से लेकर समुदाय तक पहुंचा संदेश

कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों के साथ-साथ स्थानीय समुदाय तक भी स्वच्छता का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया। बच्चों के माध्यम से स्वच्छता के संदेश को परिवारों तक पहुंचाना जन-जागरूकता की दिशा में प्रभावी कदम माना जा सकता है।

इस प्रकार पेंटिंग और स्लोगन प्रतियोगिता ने रचनात्मकता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को एक मंच पर जोड़ने का काम किया। विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण बनाया और स्वच्छता के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार किया।

अंततः, “स्वच्छता ही सेवा—स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” के संदेश के साथ आयोजित यह कार्यक्रम स्वच्छता, जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया।

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