मुरादाबाद में महिला की मौत के बाद वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, दूसरे दिन भी पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुओं की लगातार मौजूदगी के बीच वन विभाग को एक और बड़ी सफलता मिली है। लालापुर पीपलसाना गांव में लगातार दूसरे दिन एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद किया गया है। बताया जा रहा है कि पकड़ा गया तेंदुआ वही हो सकता है, जिसने क्षेत्र में एक महिला पर हमला किया था। हालांकि, तेंदुए की पहचान की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
तेंदुए के पकड़े जाने की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। पिछले कई दिनों से क्षेत्र के गांवों में तेंदुओं की गतिविधियों को लेकर चिंता बनी हुई थी। वन विभाग की टीमें लगातार सर्च और रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। इसके परिणामस्वरूप दो दिनों में दो तेंदुओं को पिंजरे में कैद किया गया है।
लालापुर पीपलसाना में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ
ठाकुरद्वारा क्षेत्र के लालापुर पीपलसाना गांव में वन विभाग की टीमों ने निगरानी और सर्च अभियान के दौरान तेंदुए को पिंजरे में कैद किया। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद वन विभाग ने संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ाई और रेस्क्यू अभियान को तेज किया।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों के कारण लोगों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही थी। खासकर ग्रामीण इलाकों में खेतों और गांव के आसपास आवाजाही को लेकर लोग सतर्क थे।
तेंदुए के पिंजरे में कैद होने के बाद ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। हालांकि, वन विभाग की ओर से आसपास के क्षेत्रों में निगरानी अभी भी जारी रखी जा रही है, क्योंकि दूसरे तेंदुओं की मौजूदगी की सूचनाएं भी सामने आ रही हैं।
महिला पर हमले की घटना से बढ़ी थी चिंता
ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए के हमले में एक महिला की जान जाने के बाद ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई थी। घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने तेंदुए की तलाश के लिए अभियान शुरू किया।
ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग की टीमों ने संभावित क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया। इसके साथ ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई।
अब लालापुर पीपलसाना में तेंदुआ पकड़े जाने के बाद यह माना जा रहा है कि अभियान को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पकड़ा गया तेंदुआ महिला पर हमले के लिए जिम्मेदार वही जानवर है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच और विभागीय प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
मुनीमपुर गांव में युवक पर भी हुआ हमला
तेंदुओं की मौजूदगी को लेकर चिंता का एक और कारण पास के मुनीमपुर गांव में हुई घटना है। जानकारी के अनुसार, एक दिन पहले मुनीमपुर गांव में भी एक तेंदुए ने एक युवक पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। युवक का इलाज चल रहा है।
इस घटना के बाद आसपास के ग्रामीण इलाकों में सतर्कता और बढ़ा दी गई। वन विभाग की टीमें संभावित इलाकों में तेंदुए की तलाश कर रही हैं। ग्रामीणों को भी अकेले खेतों या सुनसान क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
इसके अलावा, रात के समय विशेष सावधानी बरतने और तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब जाने के बजाय तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की जा रही है।
आठ दिनों से जारी है सर्च और रेस्क्यू अभियान
ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र में पिछले करीब आठ दिनों से वन विभाग की टीमें लगातार सर्च और रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। अभियान के दौरान संभावित ठिकानों, खेतों और आसपास के इलाकों में निगरानी की जा रही है।
वन विभाग की टीमों का प्रयास है कि क्षेत्र में मौजूद तेंदुओं की गतिविधियों का पता लगाया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके। इसके लिए पिंजरे और अन्य निर्धारित रेस्क्यू उपायों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
दो दिनों में दो तेंदुओं का पकड़ा जाना वन विभाग के अभियान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। फिर भी, विभाग के सामने चुनौती पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, क्योंकि आसपास के गांवों से अभी भी तेंदुओं की मौजूदगी की खबरें मिल रही हैं।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
तेंदुओं की गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी जंगली जानवर को देखने पर उसके करीब न जाएं।
विशेष रूप से बच्चों को अकेले खेतों या गांव से बाहर भेजने से बचने और समूह में ही आवश्यक कार्यों के लिए बाहर जाने की सलाह दी जा रही है। वहीं, रात के समय घरों के आसपास पर्याप्त रोशनी रखने और अनावश्यक रूप से सुनसान स्थानों पर जाने से बचने की अपील भी की जा रही है।
यदि किसी व्यक्ति को तेंदुआ दिखाई देता है, तो उसे शोर मचाकर या उसके पीछे भागकर पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसके बजाय वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी देना अधिक सुरक्षित तरीका है।
दो दिनों में दो तेंदुए पकड़े जाना बड़ी सफलता
वन विभाग के लिए लगातार दो दिनों में दो तेंदुओं को पकड़ना अभियान की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे उन इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है, जहां पिछले कई दिनों से तेंदुओं की गतिविधियों की खबरें सामने आ रही थीं।
हालांकि, वन विभाग की टीमें अभी अभियान को समाप्त नहीं कर रही हैं। आसपास के गांवों में तेंदुओं की मौजूदगी की सूचनाओं को देखते हुए निगरानी और सर्च अभियान आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर
तेंदुओं की गतिविधियों को देखते हुए स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और जागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है। वन विभाग की टीमों के साथ स्थानीय प्रशासन ग्रामीणों को आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दे रहा है।
वहीं, ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और तेंदुए से जुड़ी जानकारी केवल संबंधित विभाग या प्रशासन को दें। इससे अनावश्यक भीड़ और भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है।
फिलहाल मुरादाबाद में तेंदुआ पिंजरे में कैद होने के बाद वन विभाग के अभियान को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। लालापुर पीपलसाना में पकड़े गए तेंदुए को लेकर विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। साथ ही आसपास के गांवों में निगरानी जारी रखी जा रही है, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
दो दिनों में दो तेंदुओं के पकड़े जाने से क्षेत्र के लोगों को राहत जरूर मिली है, लेकिन जब तक आसपास के इलाकों में तेंदुओं की मौजूदगी की आशंका पूरी तरह समाप्त नहीं होती, तब तक सावधानी और सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।

