आजमगढ़: बरूआ बाबा मंदिर चोरी का खुलासा, घंटा व अन्य सामान बरामद; दो आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट- पित्तेश्वर कुमार
आजमगढः जिले की कोतवाली पुलिस ने बरूआ बाबा मंदिर में हुई चोरी की घटना का सफल खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मंदिर से चोरी किया गया घंटा तथा अन्य सामान बरामद कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक मंदिर में चोरी करने वाला व्यक्ति और दूसरा चोरी का सामान खरीदने वाला दुकानदार शामिल है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है।
यह कार्रवाई अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच वैज्ञानिक तरीके से की गई, जिसके परिणामस्वरूप कुछ ही दिनों में घटना का सफल अनावरण कर लिया गया। इससे स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा है और मंदिरों सहित धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी सकारात्मक संदेश गया है।
20 जुलाई की रात हुई थी चोरी
पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली क्षेत्र के आगापुर स्थित बरूआ बाबा मंदिर में 20 जुलाई 2026 की रात अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर मंदिर परिसर से पीतल के घड़े, घंटा, साउंड सिस्टम, दानपेटी में रखी नकदी तथा अन्य उपयोगी सामान लेकर फरार हो गए थे।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मंदिर प्रबंधन और स्थानीय श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और थाना कोतवाली में मु0अ0सं0-407/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 एवं 317(2) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने गठित की विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने चोरी का जल्द खुलासा करने के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। टीम ने घटनास्थल के आसपास उपलब्ध सूचनाओं, स्थानीय लोगों से पूछताछ तथा अन्य तकनीकी और पारंपरिक जांच के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया।
इसके बाद पुलिस लगातार संभावित आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर कार्रवाई तेज कर दी गई।
हाफिजपुर क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस टीम ने 5 अगस्त 2026 की रात लगभग 10:40 बजे हाफिजपुर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए पहले आरोपी की पहचान विजय चौहान, पुत्र वासुदेव चौहान, निवासी बलरामपुर, थाना कोतवाली के रूप में हुई। पूछताछ में विजय चौहान ने मंदिर में चोरी करना स्वीकार किया। उसने पुलिस को बताया कि चोरी के बाद उसने मंदिर से चोरी किया गया सामान बिलरियागंज निवासी अशोक कुमार पटेल को केवल 1,500 रुपये में बेच दिया था।
दुकानदार ने भी स्वीकार की सामान खरीदने की बात
पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर दूसरे आरोपी अशोक कुमार पटेल ने भी कम कीमत पर चोरी का सामान खरीदने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने यह भी बताया कि वह पहले भी चोरी का सामान खरीद चुका है।
हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास दर्ज नहीं है। इसके बावजूद पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा मामला तो नहीं है।
निशानदेही पर बरामद हुआ मंदिर का सामान
पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर मंदिर से चोरी किया गया घंटा तथा अन्य सामान बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद पुलिस ने आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित करते हुए आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामान की पहचान मंदिर प्रबंधन द्वारा कराई जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार उसे सुपुर्द किया जाएगा।
न्यायालय भेजे गए दोनों आरोपी
पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
पुलिस ने कहा कि धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक परिसरों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस टीम की भूमिका रही अहम
इस सफल कार्रवाई में चौकी प्रभारी बलरामपुर उपनिरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों में—
- कांस्टेबल सुमित कुमार
- कांस्टेबल नीरज कुमार
- कांस्टेबल अमित कुमार
- कांस्टेबल राहुल पाण्डेय
- कांस्टेबल पंकज शर्मा
शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समयबद्ध जांच और समन्वित कार्रवाई के कारण चोरी की घटना का शीघ्र खुलासा संभव हो सका।
स्थानीय लोगों ने जताया संतोष
मंदिर में चोरी की घटना के खुलासे के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने संतोष व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर होने वाली चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा होने से कानून व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है।
साथ ही लोगों ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की भी मांग की, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बरूआ बाबा मंदिर चोरी मामले में आजमगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का उदाहरण मानी जा रही है। घटना के कुछ ही दिनों के भीतर पुलिस ने न केवल चोरी का खुलासा किया, बल्कि चोरी किया गया घंटा और अन्य सामान भी बरामद कर लिया। इसके साथ ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध नियंत्रण और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

