मुरादाबाद में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं की समीक्षा, सीडीओ ने समयबद्ध कार्रवाई के दिए निर्देश

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रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद 

मुरादाबाद: जनपद में संचालित पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं का लाभ समय पर पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं की प्रगति, शिक्षण संस्थानों द्वारा प्रोफाइल एवं मास्टर डाटा लॉक करने की स्थिति, आवेदन सत्यापन तथा विभागीय समन्वय की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को शासन की समय-सारिणी के अनुरूप सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय में पूरी करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, टीएमयू के कुलसचिव सहित शिक्षा एवं कल्याण विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाएं शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल हैं। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचे योजना का लाभ

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान करना है। इसलिए यह आवश्यक है कि आवेदन प्रक्रिया से लेकर सत्यापन और स्वीकृति तक सभी चरण समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं।

उन्होंने कहा कि यदि संबंधित विभाग और शिक्षण संस्थान बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें तो पात्र छात्र-छात्राओं को बिना किसी अनावश्यक विलंब के योजना का लाभ मिल सकता है।

पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना की हुई समीक्षा

बैठक के दौरान पूर्वदशम (कक्षा 9 एवं 10) छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनपद के 125 विद्यालयों में से अब तक 95 विद्यालयों ने अपने संस्थान का प्रोफाइल लॉक कर दिया है।

समीक्षा में यह भी बताया गया कि प्रोफाइल लॉक करने की अंतिम तिथि 5 अगस्त 2026 निर्धारित है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि शेष सभी विद्यालयों का प्रोफाइल भी निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से लॉक कराया जाए।

तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि यदि किसी विद्यालय को ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है तो उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

उन्होंने समाज कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सभी तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी विद्यालय का कार्य समय सीमा के कारण प्रभावित न हो।

दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना की भी हुई समीक्षा

बैठक में दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि जनपद की 192 उच्च शिक्षण संस्थाओं में से अब तक केवल 10 संस्थानों द्वारा मास्टर डाटा लॉक किया गया है।

इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

15 अगस्त तक मास्टर डाटा लॉक कराने के निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए मास्टर डाटा लॉक करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।

उन्होंने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी शिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय सीमा के भीतर मास्टर डाटा लॉक कराना सुनिश्चित किया जाए।

आवेदन सत्यापन पर विशेष जोर

बैठक के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा किए गए ऑनलाइन आवेदन पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि आवेदन पत्रों का सत्यापन शासन की निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब होने से पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने में देरी हो सकती है। इसलिए प्रत्येक स्तर पर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

विभागीय समन्वय को बताया सफलता की कुंजी

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि छात्रवृत्ति योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी समस्या का समाधान संयुक्त रूप से किया जाए तथा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए।

उनके अनुसार विभागीय समन्वय जितना बेहतर होगा, योजनाओं का लाभ उतनी ही तेजी से विद्यार्थियों तक पहुंचेगा।

नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी की जाए।

उन्होंने कहा कि प्रोफाइल लॉक, मास्टर डाटा लॉक, आवेदन सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं की लगातार समीक्षा की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लंबित प्रकरण तुरंत निस्तारित किए जा सकें।

शासन की प्राथमिकता वाली योजना

बैठक में यह भी कहा गया कि छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाएं राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल हैं।

इन योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

ऐसे में संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि सभी पात्र विद्यार्थियों तक योजना का लाभ समय पर पहुंचे।

विद्यार्थियों के हित में समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक

बैठक के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी ने पुनः निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी का पूरी गंभीरता से पालन किया जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर देरी से विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है। इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन करें तथा योजनाओं के प्रत्येक चरण को पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा करें।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विभागों के संयुक्त प्रयासों से इस वर्ष भी अधिकतम पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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