11 साल बाद गिरफ्तार हुई 25 हजार की इनामी महिला, जमीन विवाद में देवर की हत्या के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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रिपोर्ट- बलराम चतुर्वेदी 

कानपुर देहात। कानपुर देहात पुलिस ने करीब 11 वर्ष पुराने हत्या के एक चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 25 हजार रुपये की इनामी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी महिला लंबे समय से फरार चल रही थी और उसके विरुद्ध न्यायालय से स्थायी वारंट जारी होने के साथ-साथ कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी थी। लगातार प्रयासों के बाद थाना देवराहट पुलिस ने उसे बिल्हापुर मोड़ के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार की गई महिला की पहचान सोना यादव पत्नी बलवान यादव, निवासी ग्राम चैन का पुरवा, थाना देवराहट, जनपद कानपुर देहात के रूप में हुई है। उस पर वर्ष 2015 में जमीन के बंटवारे के विवाद के दौरान अपने देवर की हत्या के मामले में सह-आरोपी होने का आरोप है। पुलिस अधीक्षक द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

जमीन के बंटवारे से शुरू हुआ विवाद

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2015 में परिवार के भीतर जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान बलवान यादव और उसकी पत्नी सोना यादव का अपने छोटे भाई बाबू यादव से विवाद बढ़ गया। जांच में दर्ज तथ्यों के आधार पर दोनों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।

घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन लंबे समय तक दोनों गिरफ्त से बाहर रहे। इसी कारण न्यायालय की अनुमति से आरोपी महिला के विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई की गई। बाद में उसे मफरूर घोषित करते हुए स्थायी वारंट भी जारी किया गया।

11 वर्षों तक गिरफ्तारी से बचती रही आरोपी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी महिला करीब 11 वर्षों तक लगातार गिरफ्तारी से बचती रही। इस दौरान पुलिस ने कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी और विभिन्न माध्यमों से उसकी तलाश जारी रखी। हालांकि वह लगातार अपना ठिकाना बदलती रही, जिससे उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपी महिला पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास तेज किए गए।

सूचना मिलने पर पुलिस ने की घेराबंदी

थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ राणा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को मंगलवार को सूचना मिली कि आरोपी महिला बिल्हापुर पुर मोड़ के आसपास मौजूद है। पुलिस के अनुसार वह अपनी जमीन बेचने की कोशिश में वहां पहुंची थी और वापस लौटने की तैयारी कर रही थी।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी कर मौके पर पहुंचकर आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया। आवश्यक पूछताछ के बाद उसे विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।

पति पहले से पैरोल पर

पुलिस के अनुसार हत्या के मामले का मुख्य सह-आरोपी और गिरफ्तार महिला का पति बलवान यादव वर्तमान में पैरोल पर है। वहीं, महिला की गिरफ्तारी के बाद अब मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई तेज होने की संभावना है।

अधिकारियों का कहना है कि पुराने मामलों में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में इस मामले में भी सफलता प्राप्त हुई है।

न्यायालय में किया गया पेश

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी महिला का आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही केस से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं का भी परीक्षण किया जा रहा है।

लंबे समय से चल रही थी तलाश

पुलिस का कहना है कि यह मामला लंबे समय से लंबित था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे थे। तकनीकी सूचनाओं और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी के आधार पर पुलिस को सफलता मिली।

विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने कई बार संभावित स्थानों पर दबिश दी। अंततः मंगलवार को मिली सूचना के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई को सफल बनाने में थाना देवराहट पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक सौरभ राणा, उपनिरीक्षक ओम प्रकाश मिश्रा, मुख्य आरक्षी दीपक कुमार यादव, मुख्य आरक्षी पवन कुमार यादव, आरक्षी भूपेंद्र गुर्जर, आरक्षी लोकेंद्र तथा महिला आरक्षी वंदिता शामिल रहीं।

पुलिस अधिकारियों ने टीम की सतर्कता और लगातार प्रयासों की सराहना की है।

पुलिस ने कहा है कि गंभीर मामलों में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि किसी व्यक्ति को किसी वांछित आरोपी के संबंध में जानकारी हो तो वह स्थानीय पुलिस को सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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