कानपुर में टीकाकरण से इनकार करने वाले परिवारों तक पहुंचेगी जोनल हेल्थ कमेटी, CDO ने दिए सख्त निर्देश
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: शहर में नियमित टीकाकरण (Routine Immunization) को और अधिक प्रभावी बनाने तथा यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे, जिला प्रशासन ने नई रणनीति लागू करने का निर्णय लिया है। अब ऐसे परिवारों तक जोनल हेल्थ कमेटियां स्वयं पहुंचेंगी, जो टीकाकरण को लेकर हिचकिचाहट दिखा रहे हैं या किसी कारणवश बच्चों का टीकाकरण नहीं करा रहे हैं। इन परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से नियमित टीकाकरण अभियान से जोड़ा जाएगा।
यह निर्णय मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिनव जे. जैन की अध्यक्षता में आयोजित सिटी हेल्थ एक्शन प्लान समीक्षा-सह-ओरिएंटेशन बैठक में लिया गया। बैठक में नगर के सभी छह जोन की जोनल हेल्थ कमेटियों के सदस्य, स्वास्थ्य विभाग तथा विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
टीकाकरण की पहुंच बढ़ाने पर रहेगा विशेष जोर
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने कहा कि नियमित टीकाकरण बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाने का प्रभावी माध्यम है। इसलिए प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र बच्चा या लाभार्थी टीकाकरण से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव, भ्रांतियों या अन्य कारणों से कुछ परिवार टीकाकरण से दूरी बना लेते हैं। ऐसे मामलों में केवल स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयासों से लोगों को जागरूक करना आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से जोनल हेल्थ कमेटियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
छह जोन में बहु-विभागीय कमेटियां करेंगी कार्य
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि नगर के सभी छह जोन में गठित बहु-विभागीय जोनल हेल्थ कमेटियों का नेतृत्व संबंधित जोनल अधिकारी करेंगे।
इन समितियों में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास (आईसीडीएस), शिक्षा विभाग, नगर निकाय तथा खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और सिटी हेल्थ एक्शन प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
हर सप्ताह होगी टीकाकरण की समीक्षा
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जोनल अधिकारी नियमित रूप से अपने क्षेत्र में टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा करें।
उन्होंने कहा कि समीक्षा के दौरान ऐसे बच्चों की पहचान की जाए, जिनका टीकाकरण निर्धारित समय पर नहीं हो पाया है। इसके बाद संबंधित परिवारों से संपर्क कर उन्हें टीकाकरण कार्यक्रम से जोड़ा जाए।
इस प्रक्रिया के माध्यम से टीकाकरण कवरेज को और अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
बुधवार और शनिवार को होगा विशेष पर्यवेक्षण
बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रत्येक बुधवार और शनिवार को आयोजित नियमित टीकाकरण सत्रों का जोनल अधिकारी एवं जोनल हेल्थ कमेटी के सदस्य निरीक्षण करेंगे।
सहायक पर्यवेक्षण के दौरान टीकाकरण केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं, लाभार्थियों की उपस्थिति, वैक्सीन की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाएगा।
यदि किसी स्थान पर कोई कमी पाई जाती है, तो उसे समयबद्ध तरीके से दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
संयुक्त भ्रमण कर दूर होंगी समस्याएं
सीडीओ अभिनव जे. जैन ने सभी जोनल हेल्थ कमेटियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का संयुक्त भ्रमण करें।
भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण गतिविधियों और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।
यदि किसी स्तर पर कोई समस्या सामने आती है, तो संबंधित विभागों के समन्वय से उसका शीघ्र समाधान कराया जाएगा। वहीं, जो समस्याएं जोन स्तर पर हल नहीं हो सकेंगी, उन्हें आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश
बैठक में समुदाय स्तर पर जनजागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि टीकाकरण के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाना उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना टीकाकरण सत्रों का सफल संचालन।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि लोगों को नियमित टीकाकरण के लाभ, बच्चों के स्वास्थ्य में इसकी भूमिका तथा निर्धारित समय पर वैक्सीन लगवाने के महत्व के बारे में लगातार जागरूक किया जाए।
UWIN ड्यू लिस्ट के आधार पर लाभार्थियों से होगा संपर्क
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि प्रत्येक यूएचएसएनडी (UHSND) सत्र से एक दिन पहले यूविन (UWIN) ड्यू लिस्ट के आधार पर लाभार्थियों से संपर्क किया जाए।
आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से परिवारों को टीकाकरण की तिथि और समय की जानकारी दी जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र बच्चा या गर्भवती महिला नियमित टीकाकरण से वंचित न रह जाए।
विभिन्न विभागों की रही सहभागिता
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एम. के. सिंह, नगर निगम के जोनल अधिकारी, जेएसआई (JSI) की प्रतिनिधि हुदा जेहरा, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा सभी छह जोन की जोनल हेल्थ कमेटियों के सदस्य उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर अपने सुझाव भी साझा किए।
बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित टीकाकरण बच्चों को कई गंभीर संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी उपाय है।
जिला प्रशासन द्वारा जोनल हेल्थ कमेटियों को सक्रिय भूमिका सौंपने से उन परिवारों तक भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, जो किसी कारणवश टीकाकरण से दूर हैं।
इसके साथ ही बहु-विभागीय समन्वय, नियमित निगरानी, जनजागरूकता अभियान और डिजिटल ड्यू लिस्ट आधारित संपर्क व्यवस्था से टीकाकरण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
प्रशासन को उम्मीद है कि इन प्रयासों से शहर में नियमित टीकाकरण का प्रतिशत बढ़ेगा और प्रत्येक पात्र बच्चे को समय पर आवश्यक टीके उपलब्ध कराए जा सकेंगे। यह पहल बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित भविष्य और स्वस्थ समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

