कानपुर में RTC योजना के तहत ट्रैफिक व्यवस्था होगी और बेहतर, डीसीपी ट्रैफिक ने प्रमुख चौराहों का किया निरीक्षण
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुरः शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने अपनी सक्रियता और तेज कर दी है। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त यातायात रविन्द्र कुमार ने Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme के अंतर्गत शहर के कई प्रमुख चौराहों एवं व्यस्त मार्गों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यातायात व्यवस्था, अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा एवं ऑटो संचालन, सड़क किनारे अतिक्रमण और चौराहों पर ट्रैफिक प्रबंधन की वास्तविक स्थिति का बारीकी से मूल्यांकन किया गया।
इस निरीक्षण का उद्देश्य केवल वर्तमान व्यवस्था का आकलन करना ही नहीं था, बल्कि भविष्य में ट्रैफिक जाम की समस्या को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करना भी रहा। अधिकारियों को मौके पर ही कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित बनाई जा सके।
प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों का किया गया निरीक्षण
डीसीपी ट्रैफिक ने शहर के अत्यधिक व्यस्त माने जाने वाले हैलेट अस्पताल मार्ग, गोल चौराहा, कार्डियोलॉजी मार्ग, रावतपुर तिराहा, मरियमपुर चौराहा, फजलगंज चौराहा तथा विजयनगर चौराहा का भौतिक निरीक्षण किया।
इन स्थानों पर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। इसके अलावा अस्पताल क्षेत्रों में मरीजों, तीमारदारों और एम्बुलेंस की आवाजाही अधिक होने के कारण यहां यातायात व्यवस्था को विशेष रूप से संवेदनशील माना जाता है। इसलिए निरीक्षण के दौरान इन मार्गों पर ट्रैफिक संचालन की प्रत्येक गतिविधि का गहन अध्ययन किया गया।
अवैध पार्किंग पर रहेगा विशेष अभियान
निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से हैलेट अस्पताल और कार्डियोलॉजी अस्पताल के आसपास ऐसे वाहन जो अनावश्यक रूप से सड़क पर खड़े रहते हैं या यातायात बाधित करते हैं, उनके विरुद्ध नियमित अभियान चलाया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अस्पतालों के आसपास अवैध पार्किंग के कारण अक्सर एम्बुलेंस को समय पर रास्ता नहीं मिल पाता, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए अस्पताल क्षेत्रों में निर्बाध यातायात सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
ई-रिक्शा और ऑटो संचालन के लिए जारी हुए नए निर्देश
डीसीपी ट्रैफिक ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर के सभी प्रमुख चौराहों और तिराहों से कम से कम 100 मीटर की दूरी तक ई-रिक्शा और ऑटो खड़े नहीं होने चाहिए।
अक्सर देखा जाता है कि चौराहों के बिल्कुल समीप ई-रिक्शा और ऑटो सवारी भरने के लिए खड़े हो जाते हैं, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह प्रभावित होता है और जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसी समस्या को समाप्त करने के उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों और यातायात पुलिस को नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने पर भी रहेगा जोर
निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे किए गए अस्थायी एवं स्थायी अतिक्रमण को भी यातायात बाधा का प्रमुख कारण माना गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्थानीय प्रशासन के सहयोग से ऐसे अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सड़क की पूरी चौड़ाई का उपयोग यातायात के लिए उपलब्ध रहे तो ट्रैफिक जाम की स्थिति स्वतः काफी हद तक नियंत्रित की जा सकती है। इसी कारण अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को RTC योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
यातायात कर्मियों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीसीपी ट्रैफिक ने मौके पर मौजूद यातायात पुलिस कर्मियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे ट्रैफिक संचालन के दौरान केवल चालान की कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी करें।
इसके साथ ही निर्देश दिए गए कि व्यस्त समय में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी चौराहे पर वाहनों का अनावश्यक दबाव न बने। यदि कहीं जाम की स्थिति उत्पन्न होती है तो तत्काल वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू की जाए।
अस्पताल मार्गों पर मरीजों की सुविधा रहेगी सर्वोच्च प्राथमिकता
हैलेट अस्पताल एवं कार्डियोलॉजी अस्पताल के आसपास प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। इसके अलावा एम्बुलेंस की लगातार आवाजाही भी रहती है। ऐसे में सड़क पर खड़े निजी वाहन और अनियंत्रित पार्किंग गंभीर समस्या बन जाते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए डीसीपी ट्रैफिक ने निर्देश दिया कि अस्पताल क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध पार्किंग को तत्काल हटाया जाए तथा एम्बुलेंस को बिना किसी बाधा के अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
RTC योजना का उद्देश्य क्या है?
Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme का मुख्य उद्देश्य शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना तथा नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
इस योजना के अंतर्गत नियमित निरीक्षण, ट्रैफिक विश्लेषण, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई, अतिक्रमण हटाना, ई-रिक्शा एवं ऑटो संचालन को व्यवस्थित करना तथा प्रमुख चौराहों पर यातायात प्रबंधन को आधुनिक तरीके से मजबूत किया जा रहा है।
इसके माध्यम से पुलिस विभाग का प्रयास है कि शहर में जाम की समस्या कम हो, यात्रा का समय घटे और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी कम हो।
नागरिकों से सहयोग की अपील
यातायात पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे सड़क किनारे अनधिकृत पार्किंग से बचें, निर्धारित स्थानों पर ही वाहन खड़े करें तथा चौराहों के समीप ई-रिक्शा एवं ऑटो खड़े न करें। इसके साथ ही सभी वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करें ताकि शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
प्रशासन का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई से ही ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह सुचारु नहीं हो सकती, बल्कि नागरिकों के सहयोग से ही स्थायी सुधार संभव है।
शहर को मिलेगा बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन
लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए कानपुर में आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है। ऐसे में RTC योजना के अंतर्गत किए जा रहे निरीक्षण और सुधारात्मक कदम भविष्य में यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
यदि अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और अनियंत्रित सार्वजनिक परिवहन संचालन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होता है तो न केवल जाम की समस्या कम होगी, बल्कि अस्पतालों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर लोगों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन का लाभ भी मिलेगा। शहरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन द्वारा शुरू की गई यह पहल कानपुर को अधिक व्यवस्थित और सुगम यातायात व्यवस्था प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

