कानपुर दिव्यांग रोजगार मेले में 37 युवाओं को नौकरी, 50 ने स्वरोजगार के लिए कराया पंजीकरण
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: दिव्यांगजनों को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से मंगलवार को पांडुनगर स्थित राजकीय आईटीआई परिसर में विशेष दिव्यांग रोजगार एवं स्वरोजगार अभियान के तहत वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में रोजगार, स्वरोजगार और विभिन्न सरकारी योजनाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराया गया, जिससे दिव्यांग युवा अपनी योग्यता, कौशल और रुचि के अनुसार अवसरों का चयन कर सकें।
रोजगार मेले में 180 दिव्यांग अभ्यर्थियों ने भाग लिया। विभिन्न निजी कंपनियों द्वारा आयोजित साक्षात्कार के बाद 37 युवाओं का रोजगार के लिए चयन किया गया। वहीं 50 दिव्यांग युवाओं ने स्वरोजगार योजनाओं के तहत पंजीकरण कराया, जिससे उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने की दिशा में सहायता मिलेगी।
मेले का निरीक्षण जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने किया। दोनों अधिकारियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा प्रतिभागियों से संवाद कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
दिव्यांगजनों को एक ही मंच पर मिले रोजगार और योजनाओं के अवसर
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित इस विशेष अभियान का उद्देश्य दिव्यांगजनों को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराना है। इसी को ध्यान में रखते हुए रोजगार मेले में निजी कंपनियों, सरकारी विभागों और विभिन्न योजनाओं से जुड़े स्टॉल लगाए गए।
इस पहल से प्रतिभागियों को एक ही स्थान पर नौकरी के अवसर, स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी, पंजीकरण सुविधा तथा आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया। इससे दिव्यांग युवाओं को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
180 दिव्यांग युवाओं ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
रोजगार मेले में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 180 दिव्यांग युवक और युवतियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता और कौशल के अनुसार विभिन्न कंपनियों में आवेदन किया तथा साक्षात्कार में भाग लिया।
अधिकारियों ने बताया कि दिव्यांग युवाओं की सक्रिय भागीदारी इस बात का संकेत है कि वे रोजगार और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए आगे आ रहे हैं।
37 अभ्यर्थियों का विभिन्न कंपनियों में चयन
रोजगार मेले में कई प्रतिष्ठित निजी कंपनियों ने भाग लेकर अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिए। चयन प्रक्रिया के बाद कुल 37 उम्मीदवारों का चयन किया गया।
चयनित अभ्यर्थियों में शैडो फैक्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने 10, डॉ. रेड्डीज फाउंडेशन ने 8, जोमैटो प्राइवेट लिमिटेड ने 4, वर्क सेतु ने 4, एस वर्ड ने 3, प्रविक बुलटेक ने 3, जीटीवी हॉस्पिटल ने 1, आश्रय कम्युनिटी हॉस्पिटल ने 2 तथा लवलीन मल्होत्रा कैम्ब्रिज हाई एजुकेशनल सोसायटी ने 2 अभ्यर्थियों का चयन किया।
चयनित युवाओं को उनकी योग्यता और कंपनी की आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
50 दिव्यांगजनों ने चुनी स्वरोजगार की राह
रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार को भी बढ़ावा देने के लिए जिला उद्योग केंद्र और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने विशेष पहल की।
जिला उद्योग केंद्र ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना के अंतर्गत 32 पात्र दिव्यांगजनों का पंजीकरण किया। वहीं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने अपनी विभिन्न योजनाओं के तहत 18 पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण किया।
इस प्रकार कुल 50 दिव्यांग युवाओं ने स्वरोजगार की दिशा में पहला कदम बढ़ाया। इन योजनाओं के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता तथा उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
निःशुल्क मेडिकल कैंप का भी हुआ आयोजन
रोजगार मेले के दौरान डॉ. बी.एस. कुशवाहा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की ओर से दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क मेडिकल कैंप भी लगाया गया।
इस शिविर में प्रतिभागियों के स्वास्थ्य परीक्षण किए गए और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया गया। आयोजकों का कहना था कि रोजगार के साथ बेहतर स्वास्थ्य भी आत्मनिर्भर जीवन की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने युवाओं का बढ़ाया उत्साह
रोजगार मेले का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर 3 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक विशेष दिव्यांग रोजगार एवं स्वरोजगार अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनकी योग्यता के अनुरूप सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि रोजगार उपलब्ध कराने वाली सभी कंपनियों का सत्यापन सुनिश्चित किया गया है। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि चयनित अभ्यर्थियों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानदेय और नियमानुसार अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग युवाओं की उत्साहजनक भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि समाज में आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हो रही है।
10 अगस्त तक जारी रहेगा विशेष अभियान
अधिकारियों ने बताया कि विशेष दिव्यांग रोजगार एवं स्वरोजगार अभियान 10 अगस्त 2026 तक जारी रहेगा।
18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के इच्छुक दिव्यांग युवक और युवतियां किसी भी कार्य दिवस में राजकीय आईटीआई, पांडुनगर, कानपुर नगर स्थित उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
यहां उन्हें रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कई विभागों की रही सहभागिता
इस रोजगार मेले के सफल आयोजन में प्रधानाचार्य राजकीय आईटीआई पांडुनगर, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला उद्योग केंद्र, सेवायोजन विभाग तथा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सभी विभागों ने मिलकर दिव्यांग युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सकारात्मक पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे रोजगार मेले केवल नौकरी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में समावेशी विकास की सोच को भी मजबूत करते हैं। दिव्यांगजन जब अपनी योग्यता के अनुरूप रोजगार या स्वरोजगार से जुड़ते हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की यह पहल दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में ऐसे अभियान अधिक से अधिक युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।

