कानपुर: बिनौर रेलवे क्रॉसिंग के पास मिले अज्ञात शव की हुई पहचान, फतेहपुर निवासी निकला मृतक
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर। कानपुर नगर के सचेंडी थाना क्षेत्र स्थित रामगंगा नगर के बिनौर रेलवे क्रॉसिंग के निकट मिले लगभग 40 वर्षीय अज्ञात पुरुष के शव की पहचान आखिरकार हो गई है। पुलिस की सतत जांच, वैज्ञानिक परीक्षण और विभिन्न माध्यमों से किए गए प्रयासों के बाद मृतक की पहचान मनीष कुमार पाण्डेय के रूप में हुई है, जो जनपद फतेहपुर के थाना चांदपुर क्षेत्र के ग्राम गुहरारी के निवासी थे। पहचान होने के बाद पुलिस ने नियमानुसार पंचनामा एवं पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त के निर्देश पर तेज हुई शिनाख्त प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस. एम. कासिम आबिदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शव की जल्द से जल्द पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सचेंडी पुलिस ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाए।
सबसे पहले शव का वैज्ञानिक परीक्षण कराया गया, जिसमें फोरेंसिक साक्ष्यों का संकलन भी शामिल रहा। इसके अतिरिक्त पुलिस ने मृतक की पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से आसपास के जनपदों और संबंधित थाना क्षेत्रों को आवश्यक सूचनाएं भेजीं। यही नहीं, आमजन तक जानकारी पहुंचाने के लिए समाचार पत्रों तथा अन्य उपलब्ध संचार माध्यमों का भी सहारा लिया गया।
महिला ने मोर्चरी पहुंचकर की पहचान
लगातार प्रयासों का सकारात्मक परिणाम उस समय सामने आया, जब 4 अगस्त 2026 को एक महिला नीलम द्विवेदी मोर्चरी पहुंचीं। उन्होंने वहां रखे शव की पहचान अपने भाई मनीष कुमार पाण्डेय के रूप में की।
महिला के अनुसार, मनीष कुमार पाण्डेय स्वर्गीय/श्री चन्द्रभान पाण्डेय के पुत्र थे और उनका मूल निवास ग्राम गुहरारी, थाना चांदपुर, जनपद फतेहपुर में है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके भाई पिछले कुछ समय से बिधनू क्षेत्र में कार्य करते थे।
इस पहचान के बाद पुलिस ने आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव के पंचनामा की कार्रवाई संपन्न कराई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी।
वैज्ञानिक जांच से मिली पहचान में मदद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार किसी भी अज्ञात शव की पहचान स्थापित करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में वैज्ञानिक जांच, फोरेंसिक साक्ष्य और विभिन्न जिलों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसी क्रम में इस मामले में भी पुलिस ने आधुनिक जांच प्रक्रिया अपनाई। फोरेंसिक टीम द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों का संकलन किया गया तथा पहचान से संबंधित संभावित सूचनाओं का विभिन्न स्तरों पर मिलान किया गया। इसके साथ ही पुलिस ने सार्वजनिक सूचना प्रणाली का उपयोग करते हुए आम नागरिकों तक भी जानकारी पहुंचाई, जिससे अंततः मृतक की पहचान संभव हो सकी।
आसपास के जिलों को भी भेजी गई थी सूचना
मामले की गंभीरता को देखते हुए सचेंडी पुलिस ने केवल स्थानीय स्तर तक ही जांच सीमित नहीं रखी। मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आसपास के जिलों के पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित थानों को भी सूचना भेजी गई थी।
इसके अलावा विभिन्न माध्यमों के जरिए यह प्रयास किया गया कि यदि कोई व्यक्ति अपने परिजन की तलाश कर रहा हो तो वह पुलिस से संपर्क कर सके। यही पहल बाद में पहचान स्थापित होने में सहायक साबित हुई।
पोस्टमार्टम के बाद आगे बढ़ेगी जांच
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शव की पहचान होने के बाद अब नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसके अनुरूप वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस ने अपनाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया
शव की पहचान स्थापित होने के बाद पुलिस ने भारतीय कानून के अनुरूप सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी शुरू कर दी हैं। इनमें पंचनामा, पोस्टमार्टम, संबंधित अभिलेखों का संधारण तथा आवश्यक सूचना का रिकॉर्ड तैयार करना शामिल है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं का विधिवत परीक्षण किया जाएगा।
पहचान में परिवार की भूमिका रही महत्वपूर्ण
अज्ञात शवों की पहचान के मामलों में परिजनों की सूचना महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में भी नीलम द्विवेदी द्वारा मोर्चरी पहुंचकर अपने भाई की पहचान किए जाने के बाद जांच की दिशा स्पष्ट हुई।
इसके बाद पुलिस ने पहचान से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। अधिकारियों का कहना है कि समय पर पहचान होने से मामले के निस्तारण में भी सहायता मिलती है।
पुलिस ने नागरिकों से किया सहयोग का आग्रह
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के लापता होने की जानकारी हो तो संबंधित थाना या पुलिस हेल्पलाइन को समय रहते सूचित करें। समय पर प्राप्त सूचना कई मामलों में पहचान स्थापित करने और जांच को गति देने में सहायक होती है।
साथ ही पुलिस ने यह भी दोहराया कि अज्ञात व्यक्तियों से जुड़े मामलों में वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्य और जनसहयोग—तीनों की संयुक्त भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
सचेंडी थाना क्षेत्र में बिनौर रेलवे क्रॉसिंग के निकट मिले अज्ञात शव की पहचान हो जाना पुलिस के समन्वित प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। वैज्ञानिक जांच, विभिन्न जिलों को भेजी गई सूचनाएं और सार्वजनिक माध्यमों से की गई अपील के बाद मृतक की पहचान फतेहपुर निवासी मनीष कुमार पाण्डेय के रूप में हुई। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।

