वाराणसी में जीआरपी-आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई: नेपाली प्रेमी-प्रेमिका समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, लाखों का चोरी का सामान बरामद

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रिपोर्ट- धर्मेंद्र पाण्डेय 

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से जीआरपी , आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस अभियान के दौरान नेपाली प्रेमी-प्रेमिका समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की एक मोटरसाइकिल, कई मोबाइल फोन और अन्य चोरी का सामान बरामद किया है। बरामद सामान की अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और आरोपियों के नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

संयुक्त अभियान में मिली बड़ी सफलता

जानकारी के अनुसार वाराणसी कैंट रेलवे जीआरपी, बनारस स्टेशन आरपीएफ तथा सीआईबी की संयुक्त टीम पिछले कुछ समय से रेलवे स्टेशन और उसके आसपास बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर लगातार नजर रखे हुए थी। इसी क्रम में विशेष अभियान चलाया गया, जिसके दौरान संदिग्ध गतिविधियों में शामिल तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल, कई मोबाइल फोन तथा अन्य कीमती सामान बरामद हुआ।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह संकेत मिले हैं कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से चोरी की वारदातों में सक्रिय हो सकते हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से परहेज किया है।

नेपाली प्रेमी-प्रेमिका समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नेपाली मूल के एक युवक और एक युवती भी शामिल हैं, जिन्हें प्रेमी-प्रेमिका बताया जा रहा है। इनके साथ एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों से अलग-अलग और संयुक्त रूप से पूछताछ की जा रही है ताकि चोरी की अन्य घटनाओं तथा संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों का संबंध किसी बड़े गिरोह से है या वे स्वतंत्र रूप से वारदातों को अंजाम देते थे। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बरामद सामान के वास्तविक मालिकों की तलाश

संयुक्त टीम द्वारा बरामद किए गए मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और अन्य सामान की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस विभिन्न थानों में दर्ज चोरी के मामलों का रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि बरामद सामान का मिलान संबंधित शिकायतों से किया जा सके।

यदि बरामद वस्तुएं किसी दर्ज मामले से संबंधित पाई जाती हैं तो उन्हें विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा जाएगा। वहीं, जिन सामानों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है, उनके संबंध में भी विस्तृत जांच जारी है।

कई घटनाओं से जुड़ सकते हैं तार

पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध केवल एक घटना तक सीमित नहीं हो सकता। इसलिए उनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, आवाजाही और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी का सामान किन माध्यमों से बेचा जाता था और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी अतिरिक्त तथ्य की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।

रेलवे परिसरों में सुरक्षा बढ़ाने पर विशेष जोर

हाल के वर्षों में रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी समय-समय पर संयुक्त कार्रवाई कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती हैं।

अधिकारियों का कहना है कि रेलवे परिसर में चोरी, जेबकतरी और अन्य अपराधों को रोकने के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। सीसीटीवी कैमरों की सहायता, नियमित चेकिंग और संयुक्त गश्त के माध्यम से अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस जुटा रही है तकनीकी और भौतिक साक्ष्य

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस केवल बरामद सामान पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि अन्य तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को भी एकत्र कर रही है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपियों ने किन-किन स्थानों पर वारदातों को अंजाम दिया और चोरी किए गए सामान का उपयोग या बिक्री किस प्रकार की गई।

इसके अतिरिक्त आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन किया जा रहा है। यदि उनके खिलाफ पहले से अन्य राज्यों या जिलों में मामले दर्ज पाए जाते हैं, तो संबंधित एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा।

यात्रियों से सतर्क रहने की अपील

रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने सामान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत जीआरपी या आरपीएफ को दें। समय पर दी गई सूचना कई बार बड़ी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इसके साथ ही यात्रियों को अपने मोबाइल फोन, बैग और अन्य कीमती सामान को बिना निगरानी के न छोड़ने की सलाह भी दी गई है।

अभियान आगे भी रहेगा जारी

जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी अधिकारियों ने कहा कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संयुक्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। साथ ही, अपराधियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि वर्तमान मामले में जांच अभी जारी है। बरामद सामान की पहचान, आरोपियों के संभावित नेटवर्क और अन्य घटनाओं से उनके संबंधों की जांच के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

वाराणसी में जीआरपी, आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त कार्रवाई रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और लाखों रुपये के चोरी के सामान की बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा एजेंसियां अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सक्रिय हैं। वहीं, जांच पूरी होने के बाद इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहने की उम्मीद है।

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