सीसामऊ में निकली संत रविदास महाराज की रज कलश यात्रा, सेवा बस्तियों में पहुंचा सामाजिक समरसता का संदेश

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रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी 

कानपुर। संत शिरोमणि रविदास महाराज के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता का संदेश प्रसारित करने के उद्देश्य से मंगलवार को कानपुर के सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र में भव्य रज कलश यात्रा निकाली गई। रविदास मंदिर, ईदगाह से प्रारंभ हुई यह यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण के बीच विभिन्न सेवा बस्तियों से होकर कर्नलगंज गुरुद्वारे पर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर रज कलश का स्वागत किया, जबकि संत रविदास महाराज के जयघोषों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में रंग गया।

यह आयोजन केवल एक धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से समाज में समानता, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश भी व्यापक रूप से प्रसारित किया गया। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों की उपस्थिति देखने को मिली।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ रज कलश का पूजन

रज कलश यात्रा के शुभारंभ से पहले रविदास मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी कानपुर उत्तर के जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित, महापौर प्रमिला पांडे तथा वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश अवस्थी ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार रज कलश का पूजन किया।

इसके बाद जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने श्रद्धापूर्वक रज कलश को अपने सिर पर धारण कर यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने संत रविदास महाराज के जयघोष लगाए और पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

सेवा बस्तियों से होकर निकली यात्रा

रज कलश यात्रा रविदास मंदिर, ईदगाह से प्रारंभ होकर सीसामऊ विधानसभा के चुन्नीगंज मंडल की विभिन्न सेवा बस्तियों से होकर गुजरी। यात्रा के मार्ग में स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कलश का स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया और संत रविदास महाराज के संदेशों का स्मरण किया।

यात्रा का समापन कर्नलगंज गुरुद्वारे में हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से संत रविदास महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया।

संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास महाराज का जीवन समाज को समानता, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। उन्होंने अपने जीवनकाल में जाति, ऊंच-नीच और भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाई तथा सभी मनुष्यों को समान दृष्टि से देखने की प्रेरणा दी।

वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में भी संत रविदास के विचार समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। इसलिए उनके संदेशों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। रज कलश यात्रा का उद्देश्य भी यही है कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक संत रविदास की शिक्षाएं पहुंचें और सामाजिक सौहार्द को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

समरसता और सामाजिक एकता पर रहा विशेष जोर

यात्रा के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि समाज में समरसता तभी स्थापित होगी जब सभी वर्ग एक-दूसरे के सम्मान और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ेंगे। संत रविदास महाराज का जीवन इसी विचारधारा का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि सेवा बस्तियों में इस प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होने से लोगों के बीच संवाद बढ़ता है और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचता है। साथ ही युवाओं को भी भारतीय संत परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है।

श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह

पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल हुए। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने रज कलश का स्वागत किया।

यात्रा के मार्ग पर श्रद्धालुओं ने अनुशासन बनाए रखा और शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम में भाग लिया। धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द का संदेश भी इस आयोजन की प्रमुख विशेषता रहा।

भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की रही सक्रिय भागीदारी

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से धीरज बाल्मीकि, विजय वर्मा, जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा, जिला महामंत्री अभिनव दीक्षित, प्रमोद विश्वकर्मा, सीमा एमबीए, रीता पासवान, प्रशांत त्रिपाठी, मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत खन्ना बाल्मीकि, रोहित राज, हरिराम गौतम, डैनी गौतम, राहुल पासवान, पूनम कंवर, राधा सैनी सहित अनेक कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने यात्रा में सहभागिता की।

समाज को जोड़ने का माध्यम बनी यात्रा

आयोजकों के अनुसार रज कलश यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। संत रविदास महाराज के आदर्श आज भी सामाजिक समानता, भाईचारे और मानवता की प्रेरणा देते हैं। इसी उद्देश्य से यात्रा को सेवा बस्तियों तक ले जाया गया, ताकि समाज के सभी वर्गों तक उनका संदेश पहुंचे।

कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने संत रविदास महाराज के बताए मार्ग पर चलने और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी समाज में सकारात्मक परिवर्तन और सामाजिक एकता को प्रोत्साहित करते रहेंगे।

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