लखनऊ के पंचमुखी हनुमान मंदिर में चोरी: 12 किलो चांदी का मुकुट समेत कई धार्मिक वस्तुएं गायब, जांच शुरू

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Digital Up News Desk

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित पंचमुखी हनुमान मंदिर में चोरी की घटना सामने आने के बाद स्थानीय श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में चिंता का माहौल है। महानगर थाना क्षेत्र स्थित बीरबल साहनी मार्ग पर बने इस मंदिर में अज्ञात चोरों ने ताले काटकर प्रवेश किया और मंदिर से करीब 12 किलोग्राम वजन का चांदी का मुकुट सहित कई धार्मिक वस्तुएं चोरी कर लीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत लगभग 35 लाख रुपये बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही महानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। हालांकि, चोर मंदिर परिसर में लगा सीसीटीवी डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) भी अपने साथ ले गए, जिससे जांच को कुछ चुनौती मिल सकती है। इसके बावजूद पुलिस आसपास के अन्य कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

ताले काटकर मंदिर में दाखिल हुए चोर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चोर देर रात मंदिर परिसर में पहुंचे और मुख्य प्रवेश द्वार के ताले काटकर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर में स्थापित भगवान के श्रृंगार में उपयोग होने वाले चांदी के मुकुट और छत्र सहित अन्य कीमती धार्मिक वस्तुओं को अपने कब्जे में ले लिया।

बताया जा रहा है कि चोरों ने पूरी घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। इतना ही नहीं, पहचान छिपाने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से मंदिर का सीसीटीवी डीवीआर भी साथ ले गए। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने पहले से मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया था।

सुबह जानकारी मिलने पर पुलिस को दी गई सूचना

मंदिर में चोरी की जानकारी उस समय हुई जब सुबह नियमित पूजा-अर्चना के लिए मंदिर के पुजारी और अन्य लोग पहुंचे। मंदिर के ताले टूटे देखकर उन्हें घटना का पता चला। जब अंदर जाकर देखा गया तो भगवान के श्रृंगार में प्रयुक्त कई चांदी के मुकुट और छत्र गायब थे।

इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही महानगर थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित किया।

12 किलो चांदी का मुकुट बताया जा रहा सबसे कीमती सामान

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चोरी हुए सामान में लगभग 12 किलोग्राम वजन का चांदी का मुकुट सबसे मूल्यवान बताया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर में उपयोग होने वाले कई चांदी के छत्र और अन्य धार्मिक सामग्री भी चोरी हुई है।

अनुमान है कि चोरी गए सभी सामान की कुल कीमत करीब 35 लाख रुपये हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि वास्तविक मूल्य का आकलन मंदिर प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज

महानगर थाना पुलिस ने मंदिर प्रबंधन की तहरीर के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। इसके अलावा तकनीकी टीम को भी जांच में लगाया गया है, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान की जा सके।

सीसीटीवी डीवीआर ले जाने से जांच हुई चुनौतीपूर्ण

इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आरोपी मंदिर परिसर में लगा सीसीटीवी डीवीआर भी अपने साथ ले गए। इससे मंदिर के अंदर की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं हो सकेगी।

हालांकि, पुलिस का कहना है कि आसपास के प्रतिष्ठानों, सड़कों और निजी भवनों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई जा रही है। इसके अतिरिक्त संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

श्रद्धालुओं ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की उठाई मांग

घटना के बाद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन के लिए आते हैं, इसलिए यहां आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था होना आवश्यक है।

स्थानीय लोगों का सुझाव है कि प्रमुख मंदिरों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे, डिजिटल निगरानी प्रणाली और रात्रिकालीन सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इससे इस प्रकार की घटनाओं की संभावना कम की जा सकती है।

पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच कई बिंदुओं पर की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। साथ ही, हाल के दिनों में हुई समान घटनाओं का भी अध्ययन किया जा रहा है, ताकि किसी संभावित कड़ी का पता लगाया जा सके।

इसके अलावा पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर फिर हुई चर्चा

इस घटना के बाद एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिन मंदिरों में बहुमूल्य धातुओं से बने मुकुट, आभूषण और धार्मिक सामग्री रखी जाती है, वहां सुरक्षा के आधुनिक उपायों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इसके साथ ही नियमित सुरक्षा ऑडिट, अलार्म सिस्टम, डिजिटल रिकॉर्डिंग की बैकअप व्यवस्था और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाने जैसे कदम भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम में सहायक हो सकते हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य सुरागों के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा।

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