सरायमीर में इंस्टाग्राम पर डमी पिस्टल के साथ रील बनाने वाला युवक गिरफ्तार, ऑपरेशन वज्रपात के तहत पुलिस की कार्रवाई

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रिपोर्ट- पित्तेश्वर कुमार 

आज़मगढ़। उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जनपद के सरायमीर थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर डमी पिस्टल के साथ रील बनाकर पोस्ट करना एक युवक को महंगा पड़ गया। पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और संबंधित युवक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से डमी पिस्टल भी बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों जैसे दिखने वाले सामान के साथ वीडियो बनाकर साझा करने से समाज में गलत संदेश जाता है और इससे कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है।

पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई ऑपरेशन वज्रपात के तहत की गई, जिसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, भ्रामक अथवा कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करें और ऐसे किसी भी कंटेंट से बचें जिससे समाज में भ्रम या भय का वातावरण उत्पन्न हो।

ऑपरेशन वज्रपात के दौरान हुई कार्रवाई

सरायमीर थाना पुलिस के अनुसार रविवार, 03 अगस्त को उपनिरीक्षक प्रशान्त सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ कस्बा क्षेत्र में ऑपरेशन वज्रपात के अंतर्गत नियमित चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान पुलिस के संज्ञान में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही एक इंस्टाग्राम रील आई।

प्राथमिक जांच में पता चला कि वीडियो में दिखाई दे रहा युवक अभिषेक सोनी पुत्र अनिल कुमार सेठ, निवासी ठठेरी बाजार, सरायमीर है। युवक ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी abhishek_seth_59 से एक रील पोस्ट की थी, जिसमें उसने कमर में डमी पिस्टल लगाकर पंजाबी गाने की धुन पर वीडियो बनाया था।

हालांकि वीडियो में दिखाई गई पिस्टल वास्तविक नहीं बल्कि डमी पिस्टल थी, फिर भी पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया क्योंकि ऐसे वीडियो आम लोगों के बीच भ्रम और गलत संदेश फैला सकते हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई रील

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा था। स्थानीय स्तर पर भी इस वीडियो को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इस प्रकार की रील पर आपत्ति जताते हुए इसे समाज के लिए अनुचित बताया।

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन जैसे दृश्य, चाहे वे वास्तविक हों या नकली, कई बार युवाओं को गलत दिशा में प्रेरित कर सकते हैं। इसके अलावा ऐसे वीडियो कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकते हैं क्योंकि देखने वाले व्यक्ति वास्तविक और नकली हथियार में अंतर नहीं कर पाते।

डमी पिस्टल बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद उसके कब्जे से वीडियो में इस्तेमाल की गई डमी पिस्टल भी बरामद कर ली गई। पुलिस ने बरामदगी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए संबंधित धाराओं में कार्रवाई की।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस प्रकार की सामग्री साझा करना उचित नहीं है। यदि कोई व्यक्ति ऐसे वीडियो के माध्यम से सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

कानून व्यवस्था बनाए रखने पर पुलिस का जोर

सरायमीर पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ऑपरेशन वज्रपात के तहत लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी भी की जा रही है।

पुलिस के अनुसार यदि किसी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर ऐसा कंटेंट साझा किया जाता है जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना हो, तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में आरोपी के विरुद्ध धारा 170 बीएनएसएस के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई की गई है।

सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से करें उपयोग

विशेषज्ञों का मानना है कि आज सोशल मीडिया लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। हालांकि इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। केवल अधिक व्यूज़, लाइक या फॉलोअर्स प्राप्त करने के उद्देश्य से ऐसा कंटेंट साझा नहीं किया जाना चाहिए जिससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो।

विशेष रूप से युवाओं को यह समझने की आवश्यकता है कि किसी भी प्रकार के हथियार, वर्दी, सरकारी पहचान या कानून व्यवस्था से जुड़े प्रतीकों का अनुचित प्रदर्शन कई बार कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।

पुलिस की आमजन से अपील

सरायमीर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की संदिग्ध, भ्रामक या कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली पोस्ट दिखाई दे तो उसकी जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। साथ ही किसी भी वायरल वीडियो को बिना सत्यापन के आगे साझा करने से बचें।

पुलिस ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों के लिए किया जाना चाहिए। कानून का पालन करते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी से उपयोग करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

सरायमीर में डमी पिस्टल के साथ इंस्टाग्राम रील बनाने के मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई यह दर्शाती है कि सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली सामग्री पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। हालांकि बरामद पिस्टल डमी थी, फिर भी पुलिस ने इसे सार्वजनिक शांति और कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से गंभीरता से लिया। ऐसे मामलों में जागरूकता, जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार और कानून का पालन ही सुरक्षित एवं सकारात्मक सोशल मीडिया वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।

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