तकनीकी वस्त्र क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम, NTTM की GREAT योजना के तहत 31 स्टार्टअप को 13.65 करोड़ रुपये का समर्थन
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: भारत में तकनीकी वस्त्र (Technical Textiles) उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वस्त्र मंत्रालय के राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (NTTM) के अंतर्गत संचालित “ग्रांट फॉर रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप अक्रॉस एस्पायरिंग इनोवेटर्स इन टेक्निकल टेक्सटाइल्स (GREAT)” योजना के तहत अब तक 31 स्टार्टअप परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 15.40 करोड़ रुपये है, जिसमें भारत सरकार का योगदान 13.65 करोड़ रुपये रहेगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए वस्त्र राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से बताया कि सरकार का उद्देश्य तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है, ताकि भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सके।
2026-27 के लिए 256 करोड़ रुपये का बजट
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (NTTM) हेतु 256 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इस बजट में GREAT योजना के अंतर्गत स्टार्टअप्स को अनुदान प्रदान करने का भी प्रावधान शामिल है।
सरकार का मानना है कि अनुसंधान आधारित स्टार्टअप्स को वित्तीय सहयोग मिलने से नई तकनीकों का विकास तेज होगा और उन्हें व्यावसायिक उत्पादों में बदलने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही उद्योग और शोध संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
GREAT योजना का उद्देश्य क्या है?
GREAT योजना विशेष रूप से उन युवा नवप्रवर्तकों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों और स्टार्टअप उद्यमियों के लिए तैयार की गई है, जो तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में नए उत्पाद और तकनीक विकसित करना चाहते हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य नवाचार को प्रयोगशाला तक सीमित रखने के बजाय उसे उद्योग और बाजार तक पहुंचाना है। सरकार चाहती है कि स्टार्टअप्स द्वारा विकसित तकनीकों का व्यावसायीकरण हो, जिससे देश में मूल्यवर्धित तकनीकी वस्त्र उत्पादों का निर्माण बढ़े और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हों।
मूल्यांकन के लिए बनाई गई विशेष समिति
स्टार्टअप प्रस्तावों का निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए NTTM के अंतर्गत मूल्यांकन एवं निगरानी समिति (Evaluation & Monitoring Committee – EMC) का गठन किया गया है।
यह समिति प्रत्येक परियोजना के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की विस्तृत समीक्षा करती है। इसके बाद योग्य परियोजनाओं को सशक्त कार्यक्रम समिति (Empowered Programme Committee – EPC) के समक्ष अनुमोदन के लिए भेजा जाता है।
इसी प्रकार स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखने के लिए अलग से रिव्यू एंड मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है, जो समय-समय पर परियोजनाओं की समीक्षा करती है और अगली किस्त जारी करने या परियोजना को पूर्ण घोषित करने संबंधी सिफारिशें देती है।
नवाचार से उद्योग तक का सफर होगा आसान
सरकार का कहना है कि GREAT योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के बीच मजबूत साझेदारी विकसित की जा रही है।
योजना के तहत विकसित प्रोटोटाइप का परीक्षण, फील्ड ट्रायल, उत्पाद विकास और बाजार में उतारने की प्रक्रिया में उद्योग भागीदारों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जा रही है। इससे नई तकनीकों के व्यावसायिक उपयोग की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत में तकनीकी वस्त्र उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी और आयात पर निर्भरता भी कम होगी।
किन क्षेत्रों में विकसित होंगे नए उत्पाद?
GREAT योजना के अंतर्गत स्वीकृत 31 परियोजनाएं तकनीकी वस्त्रों के विभिन्न आधुनिक क्षेत्रों से जुड़ी हैं। इनमें स्वास्थ्य, रक्षा, अंतरिक्ष, खेल, ऑटोमोबाइल, पर्यावरण संरक्षण और स्मार्ट टेक्सटाइल्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
स्वीकृत परियोजनाओं में शामिल प्रमुख विषय इस प्रकार हैं—
- उच्च प्रदर्शन वाले गर्म और ठंडे वस्त्र
- डॉक्टरों के प्रशिक्षण के लिए टेक्सटाइल आधारित सर्जिकल सिमुलेशन मॉडल
- औद्योगिक भांग (Industrial Hemp) आधारित कंपोजिट
- ऊर्जा उत्पादन करने वाले स्मार्ट कपड़े
- पर्यावरण अनुकूल टायर धागे
- रक्षा क्षेत्र के लिए उन्नत कंपोजिट सामग्री
- नैनोमैटेरियल आधारित स्मार्ट टेक्सटाइल्स
- शैवाल आधारित लेपित वस्त्र
- स्वयं साफ होने वाले मेडिकल सुरक्षा परिधान
- अस्पतालों के लिए प्राकृतिक रोगाणुरोधी वस्त्र
- पहनने योग्य इलेक्ट्रॉनिक टेक्सटाइल्स
- अत्यधिक ठंड के लिए उन्नत ऊनी वस्त्र
- अंतरिक्ष उपयोग के लिए तकनीकी वस्त्र
- मानसिक स्वास्थ्य के लिए स्मार्ट वियरेबल टेक्सटाइल्स
- फ्लश करने योग्य पर्यावरण अनुकूल सैनिटरी पैड
- मकड़ी के रेशम से प्रेरित उच्च प्रदर्शन फाइबर
- चिकित्सा उपयोग के लिए उन्नत टेक्सटाइल उत्पाद
- स्मार्ट वेस्ट जो हृदय गति की लगातार निगरानी करेगी
- भवन निर्माण के लिए वस्त्र अपशिष्ट आधारित पैनल
- भांग आधारित रोगाणुरोधी घाव पट्टियां
- वाइटल मॉनिटरिंग तकनीक पर आधारित स्मार्ट टेक्सटाइल्स
इन परियोजनाओं के माध्यम से भारत तकनीकी वस्त्रों के कई नए क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकता है।
जागरूकता कार्यक्रमों पर भी जोर
वस्त्र मंत्रालय केवल अनुदान देने तक सीमित नहीं है। देशभर में उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों और संभावित स्टार्टअप्स को योजना से जोड़ने के लिए नियमित रूप से कार्यशालाएं, सेमिनार, उद्योग सम्मेलन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक युवा उद्यमियों को तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रेरित करना है, ताकि भारत इस क्षेत्र में वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में उभर सके।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
GREAT योजना का सबसे बड़ा लाभ रोजगार सृजन के रूप में सामने आएगा। जब स्टार्टअप्स नई तकनीकों का व्यावसायीकरण करेंगे, तब विनिर्माण, अनुसंधान, डिजाइन, गुणवत्ता परीक्षण और विपणन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इसके अलावा स्वदेशी तकनीकों के विकास से आयात पर निर्भरता कम होगी तथा ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (NTTM) की GREAT योजना भारत के तकनीकी वस्त्र उद्योग को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।
31 स्टार्टअप्स को 13.65 करोड़ रुपये के सरकारी सहयोग से न केवल अनुसंधान और नवाचार को गति मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य, रक्षा, अंतरिक्ष, पर्यावरण और स्मार्ट टेक्सटाइल्स जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीकों का विकास भी तेज होगा।
यदि उद्योग, शोध संस्थान और स्टार्टअप्स मिलकर कार्य करते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत तकनीकी वस्त्रों के वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने में सफल हो सकता है।

