औरैया मेडिकल कॉलेज में हार्ट अटैक के मरीजों को मुफ्त मिलेगा 40 हजार रुपये तक का टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन – पढ़िए पूरी जानकारी
रिपोर्ट – अंजुमन तिवारी
औरैया: हार्ट अटैक जैसी गंभीर चिकित्सकीय स्थिति में समय पर उपचार मिलना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए औरैया मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मेडिकल कॉलेज में हार्ट अटैक के उपचार में इस्तेमाल होने वाला टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन अब पात्र मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
निजी अस्पतालों और बाजार में इस इंजेक्शन की कीमत करीब 40 हजार रुपये तक बताई जा रही है। ऐसे में सरकारी मेडिकल कॉलेज में इसके निशुल्क उपलब्ध होने से उन मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके लिए महंगी दवा खरीदना आर्थिक रूप से कठिन हो सकता है।
मेडिकल कॉलेज में पहुंची 20 इंजेक्शन की पहली खेप
औरैया मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन की पहली खेप में 20 इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इनका इस्तेमाल जरूरत और मरीज की चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. पवन शर्मा के अनुसार, सीने में तेज दर्द या हार्ट अटैक के संभावित लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की सबसे पहले चिकित्सकीय जांच की जाती है। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सक यह तय करते हैं कि संबंधित मरीज के लिए टेनेक्टाप्लेस का इस्तेमाल उचित है या नहीं।
यदि मरीज की स्थिति इस उपचार के अनुकूल पाई जाती है, तो चिकित्सकीय सलाह और निगरानी में इसे निर्धारित समय के भीतर दिया जाता है।
हार्ट अटैक में समय पर उपचार क्यों जरूरी?
हार्ट अटैक की स्थिति में शुरुआती समय को चिकित्सा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना और चिकित्सकीय जांच के बाद उपयुक्त उपचार शुरू करना जरूरी होता है।
टेनेक्टाप्लेस एक थ्रोम्बोलाइटिक दवा है, जिसका इस्तेमाल कुछ उपयुक्त मामलों में रक्त के थक्के को घोलने के लिए किया जाता है। हालांकि, हर हार्ट अटैक के मरीज को यह दवा नहीं दी जाती। इसके इस्तेमाल का निर्णय मरीज की स्थिति, जांच और चिकित्सकीय मानकों के आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टर करते हैं।
औरैया मेडिकल कॉलेज में भी इंजेक्शन देने से पहले मरीज की जांच और विशेषज्ञों की राय को प्राथमिकता दी जा रही है। इस तरह दवा के इस्तेमाल को चिकित्सकीय निगरानी से जोड़ा गया है।
मरीजों को आगे के इलाज के लिए भेजा जा सकता है बड़े केंद्र
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, जरूरत पड़ने पर इंजेक्शन देने के बाद मरीज को निगरानी में रखा जाता है। इसके बाद मरीज की स्थिति और आगे की चिकित्सा आवश्यकता को देखते हुए उसे उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा जा सकता है।
ऐसे मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर कानपुर कार्डियोलॉजी या लखनऊ के उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जा सकता है। इससे शुरुआती स्तर पर उपचार शुरू करने और आगे की विशेषज्ञ चिकित्सा के बीच बेहतर समन्वय बनाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, मरीज को रेफर करने या आगे का उपचार तय करने का निर्णय उसकी चिकित्सकीय स्थिति और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर ही किया जाता है।
आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मिलेगी राहत
इस सुविधा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसकी निशुल्क उपलब्धता है। निजी क्षेत्र में टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन की कीमत हजारों रुपये तक होने की स्थिति में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इसे खरीदना मुश्किल हो सकता है।
ऐसे में सरकारी मेडिकल कॉलेज में पात्र मरीजों को यह इंजेक्शन मुफ्त मिलने से उपचार की शुरुआती प्रक्रिया में आर्थिक बाधा कम करने में मदद मिल सकती है। खासतौर पर आपात स्थिति में परिजनों को महंगी दवा की व्यवस्था करने में लगने वाला समय बच सकता है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ इसके इस्तेमाल पर निगरानी भी रखी जा रही है।
इंजेक्शन के इस्तेमाल की रोजाना भेजी जाती है रिपोर्ट
मेडिकल कॉलेज में टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन के इस्तेमाल को लेकर निगरानी व्यवस्था बनाई गई है। प्रशासन के अनुसार, इसके उपयोग की रिपोर्ट प्रतिदिन उच्च अधिकारियों को भेजी जाती है।
इसके अलावा, मरीज को इंजेक्शन देने से पहले विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय ली जाती है। इंजेक्शन दिए जाने के बाद भी मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य दवा का इस्तेमाल निर्धारित चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार करना है।
प्रशासन के मुताबिक, अब तक करीब चार मरीजों को इस निशुल्क सुविधा का लाभ मिल चुका है। आने वाले समय में जरूरत के अनुसार उपलब्ध स्टॉक और चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत इसका इस्तेमाल किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के लिए बढ़ रहीं सुविधाएं
औरैया में मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं वाले मरीजों को शुरुआती स्तर पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कई सेवाओं का विस्तार हुआ है। इसी क्रम में हार्ट अटैक के मरीजों के लिए टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन की निशुल्क उपलब्धता को महत्वपूर्ण सुविधा के तौर पर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों की निगरानी में समय पर उपचार उपलब्ध होने से मरीजों को आगे की चिकित्सा के लिए रेफर करने से पहले आवश्यक प्रारंभिक उपचार दिया जा सकता है। साथ ही, निशुल्क दवा उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर तत्काल खर्च का दबाव भी कम हो सकता है।
हालांकि, हार्ट अटैक के लक्षण दिखाई देने पर किसी भी तरह की देरी करने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल या आपात चिकित्सा केंद्र पहुंचना जरूरी है। टेनेक्टाप्लेस जैसी दवाओं का इस्तेमाल केवल चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
औरैया मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई यह सुविधा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम प्रयास है। आने वाले समय में इसके प्रभाव और उपलब्धता को लेकर मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा महत्वपूर्ण बनी रहेगी।

