बिजनौर में कमलनाथ के पिता की 26 बीघा जमीन का मामला, लेखपाल समेत चार पर FIR; दो गिरफ्तार
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की नजीबाबाद तहसील क्षेत्र में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पिता स्वर्गीय महेंद्रनाथ की जमीन से जुड़ा कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, अमीखानपुर गांव में स्थित करीब 90 बीघा जमीन में से 26 बीघा भूमि को कथित तौर पर फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र के जरिए अपने नाम कराने का प्रयास किया गया। मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बिजनौर के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने प्रेस वार्ता में मामले की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में धर्मपाल सिंह और विजय शंकर पांडेय शामिल हैं, जबकि जसबिंदर सिंह ढिल्लो और हल्का लेखपाल डेविड कुमार की तलाश की जा रही है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
26 बीघा जमीन को लेकर कैसे सामने आया मामला?
पुलिस के अनुसार, कमलनाथ के पिता महेंद्रनाथ की नजीबाबाद तहसील के अमीखानपुर गांव में करीब 90 बीघा कृषि भूमि है। यह जमीन बटाई पर दी गई थी। बताया गया कि लंबे समय से जमीन की देखरेख के लिए परिवार की ओर से कोई व्यक्ति वहां नहीं पहुंचा था।
इसी बीच, कमलनाथ ने जमीन की विरासत दर्ज कराने के लिए 18 मई 2026 को नजीबाबाद तहसीलदार न्यायालय में आवेदन किया। आवेदन की प्रक्रिया के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि करीब 26 बीघा भूमि को लेकर विवाद दर्ज है। लेखपाल की रिपोर्ट में भी जमीन को विवादित बताया गया था। इसके बाद मामले से जुड़े पुराने दस्तावेज और राजस्व रिकॉर्ड सामने आए।
फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र का आरोप
पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि को लेकर तहसीलदार न्यायालय में धर्मपाल बनाम ग्राम सभा के नाम से वाद चल रहा था। आरोप है कि इस मामले में धर्मपाल सिंह की ओर से एक वसीयत प्रस्तुत की गई, जिसे पुलिस ने कथित तौर पर फर्जी बताया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह वसीयत पंजीकृत भी नहीं थी।
इसके अलावा, कमलनाथ के पिता महेंद्रनाथ का एक मृत्यु प्रमाणपत्र भी रिकॉर्ड में लगाए जाने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, इस प्रमाणपत्र में मृत्यु की तारीख 10 अप्रैल 2003 दर्ज थी, जबकि कमलनाथ की शिकायत के मुताबिक उनके पिता का निधन 7 सितंबर 2004 को दिल्ली में हुआ था।
यही अंतर मामले की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित दस्तावेज किस तरह तैयार हुए और उनका इस्तेमाल जमीन पर अधिकार जताने के लिए कैसे किया गया।
चार लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
कमलनाथ की शिकायत के आधार पर नजीबाबाद थाने में धर्मपाल सिंह, जसबिंदर सिंह ढिल्लो, विजय शंकर पांडेय और हल्का लेखपाल डेविड कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोप है कि इन लोगों ने कथित तौर पर दस्तावेजों के जरिए जमीन को अपने नाम कराने और आगे बेचने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट होगी।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के अनुसार, मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
दो आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
पुलिस ने धर्मपाल सिंह और विजय शंकर पांडेय को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी विजय शंकर पर कथित फर्जी वसीयत टाइप करने की भूमिका सामने आई है।
वहीं, जसबिंदर सिंह ढिल्लो और हल्का लेखपाल डेविड कुमार की तलाश जारी है। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि 26 बीघा जमीन से संबंधित कथित दस्तावेज किस स्तर पर तैयार हुए और किन परिस्थितियों में उन्हें राजस्व या न्यायालयी प्रक्रिया में इस्तेमाल किया गया।
बाकी जमीन की भी जांच कर रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, अमीखानपुर मौजा में महेंद्रनाथ की करीब 90 बीघा जमीन बताई गई है। इसमें से 26 बीघा भूमि को लेकर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। अब पुलिस बाकी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
इस जांच के दौरान राजस्व अभिलेख, जमीन की स्थिति, बटाई से जुड़े विवरण और अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों को देखा जा सकता है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि विवाद केवल 26 बीघा जमीन तक सीमित है या इससे जुड़े अन्य पहलू भी हैं।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
फिलहाल, नजीबाबाद में कमलनाथ के पिता की जमीन से जुड़ा यह मामला पुलिस जांच के अधीन है। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों और गिरफ्तार किए गए लोगों की भूमिका का अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का फोकस कथित फर्जी दस्तावेजों के स्रोत, जमीन के राजस्व रिकॉर्ड और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका पर है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मामले में जांच जारी होने और अन्य आरोपियों की तलाश की जानकारी दी है।
इस पूरे प्रकरण ने नजीबाबाद तहसील के अमीखानपुर गांव की जमीन से जुड़े पुराने रिकॉर्ड को जांच के दायरे में ला दिया है। अब पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

