मथुरा में कांग्रेस का तहसील घेराव: महंगाई, खाद संकट, स्मार्ट मीटर और भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

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रिपोर्टः योगेश भारद्वाज

मथुराः 3 अगस्त। उत्तर प्रदेश में बढ़ती महंगाई, किसानों को खाद उपलब्ध न होने, सरकारी विभागों में कथित भ्रष्टाचार, स्मार्ट मीटरों से जुड़े उपभोक्ता विवाद तथा अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सोमवार को मथुरा जिले के महावन तहसील मुख्यालय पर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जनहित से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।

पशु पेंठ से शुरू हुआ पैदल मार्च

कार्यक्रम की शुरुआत महावन स्थित पशु पेंठ परिसर से हुई, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान एकत्रित हुए। इसके बाद सभी ने पैदल मार्च करते हुए महावन तहसील तक रैली निकाली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर नारे लगाए और सरकार का ध्यान किसानों, आम उपभोक्ताओं तथा आम जनता की समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।

प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

महंगाई को लेकर सरकार पर साधा निशाना

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम नागरिकों का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ने से गरीब, मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों के कारण परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ऐसे में आम जनता को राहत देने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि आवश्यक वस्तुएं आम लोगों की पहुंच में बनी रहें।

किसानों के लिए खाद संकट बना बड़ी चुनौती

कांग्रेस नेताओं ने किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। मुकेश धनगर ने कहा कि वर्तमान समय खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई का है। इस दौरान किसानों को यूरिया और डीएपी खाद की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, लेकिन कई स्थानों पर किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं होने से किसान परेशान हैं और खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस ने सरकार से मांग की कि सभी सहकारी समितियों और बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्मार्ट मीटर को लेकर भी उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान स्मार्ट मीटरों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से स्मार्ट मीटरों के अधिक रीडिंग दर्ज करने और बिजली बिल बढ़ने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

मुकेश धनगर ने कहा कि पहले से महंगाई की मार झेल रहे बिजली उपभोक्ताओं पर बढ़े हुए बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि कहीं तकनीकी खामियां हैं तो उन्हें तत्काल दूर किया जाए, जिससे उपभोक्ताओं का विश्वास कायम रह सके।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी जताई चिंता

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अपने संबोधन में सरकारी विभागों में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को कई सरकारी कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता है ताकि आम लोगों को बिना किसी बाधा के सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि यदि शासन और प्रशासन जनहित के मुद्दों पर समय रहते प्रभावी कदम उठाए तो जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को भी उठाया। जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने आरोप लगाया कि इस मामले पर सरकार को स्पष्ट स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषय पर पारदर्शिता आवश्यक है।

इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी विभिन्न राजनीतिक आरोप लगाए तथा कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में सभी पक्षों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।

छात्रों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

पूर्व महानगर कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम बाल्मीकि ने अपने संबोधन में छात्रों से जुड़े हालिया घटनाक्रम और राम मंदिर चढ़ावा मामले का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच एवं पारदर्शी कार्रवाई आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि जनता सरकार से इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब चाहती है और लोकतांत्रिक संस्थाओं में लोगों का विश्वास बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

कांग्रेस ने जनहित के मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, महंगाई पर नियंत्रण नहीं हुआ और आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो पार्टी भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन जारी रखेगी।

कांग्रेस का कहना है कि सरकार को किसानों, मजदूरों, युवाओं और मध्यम वर्ग की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए प्रभावी नीति बनानी चाहिए। साथ ही स्मार्ट मीटरों से जुड़ी शिकायतों का भी निष्पक्ष समाधान किया जाना चाहिए।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक अध्यक्ष पंकज चौधरी ने किया। इस अवसर पर बलवीर प्रधान, हाकिम सिंह छोकर, शैलेंद्र चौधरी, टिंकू धनगर, राजा गौतम, राजकुमार तिवारी, राजेश सारस्वत, दीपक आर्य, मनोज गौड़, अप्रतिम सक्सैना, पुष्पेंद्र चौधरी, पीर मोहम्मद, विपुल पाठक, हारुन, सुखदेव चौधरी, नेम सिंह, धर्मेंद्र प्रधान, अमित दीक्षित, दीपक दीक्षित, गौरांग अग्रवाल, हाशिम, करन निषाद, गीता दिवाकर, भगवान सिंह, दीपक सिंह, अजीम शाह, अनिल खरे, अमर प्रताप, शरीक कुरैशी, हुंकार सिंह, होरी लाल, कोमल सिंह, जितेंद्र धनगर, राजकुमार सिंह, ब्रज बिहारी लाल, दिलशाद खान, राजेश कुमार सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता एवं किसान उपस्थित रहे।

महावन तहसील पर आयोजित कांग्रेस का यह प्रदर्शन प्रदेश की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ राजनीतिक विरोध का हिस्सा रहा। प्रदर्शन के दौरान महंगाई, किसानों को खाद उपलब्ध कराने, स्मार्ट मीटरों की शिकायतों, कथित भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। वहीं, सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले समय में इन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

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