कानपुर में 3 से 7 अगस्त तक स्कूल आधारित टीडी-डीपीटी टीकाकरण अभियान, 60 हजार विद्यार्थियों को मिलेगा सुरक्षा कवच

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रिपोर्टः विक्की रघुवंशी 

कानपुरः बच्चों को गंभीर संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कानपुर नगर में 3 से 7 अगस्त तक स्कूल आधारित टीडी-डीपीटी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत जनपद के सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी विद्यालयों तथा मदरसों में अध्ययनरत कक्षा 5 से 12 तक के लगभग 60 हजार विद्यार्थियों को टीडी-डीपीटी का निःशुल्क टीका लगाया जाएगा। अभियान का शुभारंभ सोमवार को छावनी परिषद स्कूल, फेथफुलगंज में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक छात्रा को टीका लगवाकर किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने विद्यालयों, शिक्षकों, अभिभावकों और स्वास्थ्य विभाग से अपील करते हुए कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी बच्चा टिटनेस, डिप्थीरिया और काली खांसी जैसी गंभीर बीमारियों से असुरक्षित न रहे। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों से शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया।

बच्चों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है टीडी-डीपीटी टीका

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि टीडी-डीपीटी टीका बच्चों को टिटनेस, डिप्थीरिया और काली खांसी जैसी जानलेवा बीमारियों से प्रभावी सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि जन्म से पांच वर्ष तक बच्चों का नियमित टीकाकरण अधिकांश परिवार समय पर कराते हैं, लेकिन इसके बाद लगने वाले बूस्टर डोज कई बार छूट जाते हैं।

उन्होंने कहा कि पांच वर्ष, 10 वर्ष और 16 वर्ष की आयु में निर्धारित बूस्टर डोज लगवाना उतना ही आवश्यक है, जितना शुरुआती टीकाकरण। यदि यह डोज समय पर नहीं लगती है तो बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है।

शासन के निर्देश पर चलाया जा रहा विशेष अभियान

जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीडी-डीपीटी टीका पूरी तरह सुरक्षित, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और निःशुल्क है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कुछ बच्चे टीकाकरण से छूट जाते हैं तो इसका असर केवल उन पर ही नहीं बल्कि पूरे विद्यालय और समुदाय पर पड़ सकता है। इसलिए विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, अभिभावक और स्वास्थ्य विभाग सभी की साझा जिम्मेदारी है कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को समय पर टीका अवश्य लगाया जाए।

डिप्थीरिया, टिटनेस और काली खांसी से मिलेगा प्रभावी बचाव

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों के साथ-साथ मदरसों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह सके।

उन्होंने बताया कि डिप्थीरिया एक गंभीर जीवाणु संक्रमण है, जो गले और श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। समय पर उपचार न मिलने पर यह सांस लेने में गंभीर कठिनाई उत्पन्न कर सकता है।

इसी प्रकार काली खांसी बच्चों में लंबे समय तक चलने वाली तेज खांसी का कारण बनती है। छोटे बच्चों के लिए यह बीमारी अत्यंत गंभीर साबित हो सकती है तथा कई बार अस्पताल में भर्ती कराने की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है।

वहीं टिटनेस घाव के माध्यम से शरीर में प्रवेश करने वाले जीवाणु से होने वाला संक्रमण है, जिससे मांसपेशियों में अकड़न, ऐंठन और अन्य गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इन तीनों बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय पर टीडी-डीपीटी टीकाकरण ही है।

शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग मिलकर चला रहे अभियान

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.पी. यादव ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।

उन्होंने बताया कि जनपद के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी विद्यालयों एवं मदरसों में कक्षा 5 से 12 तक के पात्र विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।

इसके अतिरिक्त विद्यालयों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे पात्र विद्यार्थियों की सूची तैयार कर स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाए रखें, ताकि किसी भी विद्यार्थी का टीकाकरण छूटने न पाए।

अभिभावकों से सहयोग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को निर्धारित तिथि पर विद्यालय अवश्य भेजें और टीकाकरण को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति पर विश्वास न करें।

विशेषज्ञों के अनुसार टीडी-डीपीटी टीका वर्षों से राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी प्रभावशीलता वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। इसलिए समय पर टीकाकरण बच्चों के स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कंट्रोल रूम से मिलेगी पूरी जानकारी

स्वास्थ्य विभाग ने अभियान के दौरान अभिभावकों की सुविधा के लिए सीएमओ कार्यालय में विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। यदि किसी अभिभावक को टीकाकरण संबंधी जानकारी चाहिए या कोई समस्या हो तो वे 9335301096 पर संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इसके अलावा अभिभावक अपने बच्चे के विद्यालय, संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अथवा जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय से भी टीकाकरण कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय आधारित टीकाकरण अभियान बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को एक साथ टीकाकरण का लाभ मिलता है और संक्रमण फैलने की संभावना भी कम होती है।

इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन से भी सहयोग की अपील की है ताकि अभियान पूरी सफलता के साथ संपन्न हो सके। यदि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को समय पर टीका लग जाता है तो न केवल बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा बल्कि विद्यालय और समाज में संक्रामक रोगों के प्रसार की आशंका भी काफी हद तक कम होगी।

कार्यक्रम में रहे मौजूद

अभियान के शुभारंभ अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, एनयूएचएम के नोडल अधिकारी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, विद्यालय के प्रधानाचार्य, जेएसआई के प्रोग्राम ऑफिसर, अर्बन हेल्थ फील्ड कोऑर्डिनेटर, जिला सूचना अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग एवं विद्यालय के अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए टीडी-डीपीटी टीकाकरण अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। समय पर लगाया गया एक टीका कई गंभीर बीमारियों से आजीवन सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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