श्रावण के प्रथम सोमवार से पहले नंदेश्वर बाबा मंदिर पहुंचे डीसीपी पूर्वी, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था का लिया जायजा

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रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी 

कानपुर। श्रावण मास का प्रथम सोमवार भगवान शिव के भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस अवसर पर शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु दर्शन व्यवस्था और यातायात संचालन प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाता है। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) श्री सत्यजीत गुप्ता ने थाना महाराजपुर क्षेत्र स्थित श्री नंदेश्वर बाबा मंदिर धाम, सरसौल का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का व्यापक जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान डीसीपी पूर्वी ने मंदिर परिसर में मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित और सहज वातावरण में जलाभिषेक एवं दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त ने कहा कि श्रावण मास में मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक होती है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मंदिर परिसर और उसके आसपास लगातार निगरानी बनाए रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन तैयार रखें।

उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुविधा का ध्यान रखने पर जोर देते हुए कहा कि पुलिस कर्मी श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार करें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएं।

भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं की हुई समीक्षा

श्रावण के प्रथम सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए डीसीपी पूर्वी ने प्रभावी भीड़ प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की कतारें पूरी तरह व्यवस्थित रहें ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या अनावश्यक भीड़भाड़ की स्थिति उत्पन्न न हो।

इसके अलावा उन्होंने बैरिकेडिंग व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए कहा कि प्रवेश और निकास मार्ग स्पष्ट रूप से अलग-अलग निर्धारित किए जाएं। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनी रहेगी और दर्शन प्रक्रिया भी बिना किसी बाधा के संचालित हो सकेगी।

मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग का किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त ने मंदिर परिसर, मुख्य प्रवेश द्वार, दर्शन मार्ग तथा निकास मार्ग का स्वयं निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे तथा श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि दर्शन मार्ग पर किसी प्रकार का अतिक्रमण या अवरोध न रहे, जिससे श्रद्धालु आसानी से जलाभिषेक और दर्शन कर सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने को भी कहा।

यातायात और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष जोर

श्रावण मास के दौरान मंदिर क्षेत्र में वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए डीसीपी पूर्वी ने यातायात प्रबंधन की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पार्किंग स्थलों की स्थिति का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहनों की पार्किंग सुव्यवस्थित ढंग से कराई जाए ताकि मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।

इसके अतिरिक्त उन्होंने तैयार किए गए डायवर्जन प्लान की समीक्षा करते हुए कहा कि आवश्यकतानुसार वैकल्पिक मार्गों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए। इससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी यातायात संबंधी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सीसीटीवी और प्रकाश व्यवस्था की जांच

सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस उपायुक्त ने मंदिर परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कैमरे पूरी तरह सक्रिय रहें तथा उनकी निरंतर निगरानी की जाए।

इसके साथ ही उन्होंने प्रकाश व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर, पार्किंग स्थल, प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित की जाए ताकि रात्रिकालीन समय में भी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

सुरक्षा व्यवस्था को बनाया जाएगा और प्रभावी

निरीक्षण के दौरान डीसीपी पूर्वी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सतर्क और सक्रिय रखा जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा वस्तु की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी लगातार भ्रमणशील रहें और श्रद्धालुओं की सहायता के लिए हर समय उपलब्ध रहें।

श्रद्धालुओं से भी किया सहयोग का आग्रह

पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा दर्शन के दौरान कतारबद्ध व्यवस्था बनाए रखें। यदि किसी प्रकार की समस्या या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत निकटतम पुलिसकर्मी को सूचना दें।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर आने वाले सभी श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में भगवान शिव का जलाभिषेक और दर्शन कर सकें तथा धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।

प्रशासन पूरी तरह सतर्क

श्रावण मास के प्रथम सोमवार को लेकर कानपुर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। नंदेश्वर बाबा मंदिर धाम में किए गए इस निरीक्षण से स्पष्ट है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन व्यवस्था और यातायात संचालन को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक आस्था के इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वह बिना किसी परेशानी के भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक का पुण्य लाभ प्राप्त कर सके।

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