एनसीसी साइक्लोथॉन-2026: युवाओं को फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रसेवा का दिया संदेश
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: भारत की आजादी के 79 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नेशनल कैडेट कोर (NCC) ने रविवार, 2 अगस्त 2026 को राजधानी नई दिल्ली में एनसीसी साइक्लोथॉन-2026 का भव्य आयोजन किया।
इस विशेष पहल का उद्देश्य युवाओं को फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन और सतत जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। साथ ही कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक सहभागिता जैसे मूल्यों को भी मजबूत करने का प्रयास किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, विश्व प्रसिद्ध मुक्केबाज़ एम.सी. मैरी कॉम तथा पूर्व भारतीय टेनिस स्टार लिएंडर पेस भी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने प्रतिभागियों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।
79 वर्ष की आजादी के सम्मान में 79 किलोमीटर की प्रतीकात्मक यात्रा
एनसीसी साइक्लोथॉन-2026 की सबसे खास बात यह रही कि भारत की आजादी के 79 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने 79 एनसीसी कैडेटों के साथ 79 किलोमीटर की सांकेतिक साइकिल यात्रा में भाग लिया।
यह यात्रा मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम से शुरू हुई और नई दिल्ली के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं ऐतिहासिक स्थलों से होकर निर्धारित मार्ग पूरा करने के बाद पुनः वहीं समाप्त हुई।
इस प्रतीकात्मक यात्रा का उद्देश्य युवाओं को यह संदेश देना था कि स्वतंत्रता केवल इतिहास की विरासत नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।
“स्वच्छ भारत, हरित भारत, फिट भारत” रही मुख्य थीम
इस वर्ष एनसीसी साइक्लोथॉन का विषय “स्वच्छ भारत, हरित भारत, फिट भारत” रखा गया।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को केवल शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का भी संदेश दिया गया।
आयोजकों के अनुसार, स्वस्थ समाज और स्वच्छ पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। इसलिए फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़कर यह अभियान आयोजित किया गया।
राष्ट्रीय अभियानों को मिला समर्थन
साइक्लोथॉन के दौरान एनसीसी ने केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण जन-जागरूकता अभियानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इन अभियानों में शामिल हैं—
- टीबी मुक्त भारत
- स्वच्छ भारत अभियान
- एक पेड़ माँ के नाम
- हर घर तिरंगा अभियान
प्रतिभागियों ने इन अभियानों के संदेशों को आम लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने की अपील की।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना भी था।
आयोजकों ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच साइकिल जैसे पर्यावरण-अनुकूल परिवहन साधनों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
प्रतिभागियों को कार्बन उत्सर्जन कम करने, अधिक से अधिक साइकिल का उपयोग करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यक्तिगत स्तर पर योगदान देने का संदेश दिया गया।
इसके अलावा, लोगों को वृक्षारोपण और हरित जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली पर विशेष जोर
साइक्लोथॉन के दौरान युवाओं को नियमित व्यायाम, संतुलित जीवनशैली और खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
साइकिल चलाना न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, हृदय की कार्यक्षमता और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी उपयोगी है।
इसी सोच को ध्यान में रखते हुए एनसीसी ने इस आयोजन को जन-जागरूकता अभियान का रूप दिया।
सड़क सुरक्षा के प्रति भी किया गया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा के महत्व पर भी विशेष बल दिया गया।
प्रतिभागियों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने और जिम्मेदार नागरिक के रूप में सड़क पर सुरक्षित व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।
आयोजकों ने कहा कि फिटनेस के साथ-साथ सड़क सुरक्षा भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश
एनसीसी का मूल उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करना है।
साइक्लोथॉन-2026 के माध्यम से कैडेटों ने टीमवर्क, धैर्य, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि देश के युवाओं में सकारात्मक सोच, अनुशासन और सेवा भाव विकसित कर ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
युवाओं को मिला प्रेरणादायक मंच
इस आयोजन में बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेटों, विद्यार्थियों, खेल प्रेमियों और नागरिकों ने भाग लिया।
विश्व स्तरीय खिलाड़ियों एम.सी. मैरी कॉम और लिएंडर पेस की उपस्थिति ने युवाओं को खेल, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा से जुड़े अभियानों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
स्वस्थ और हरित भारत के निर्माण की दिशा में कदम
एनसीसी अधिकारियों के अनुसार यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय एकता का अभियान था।
इस पहल के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि वे व्यक्तिगत स्वास्थ्य के साथ-साथ समाज और पर्यावरण के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एनसीसी साइक्लोथॉन-2026 ने एक बार फिर यह साबित किया कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी साधन भी है। फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा जैसे मूल्यों को एक साथ जोड़ते हुए यह आयोजन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना।
भारत की आजादी के 79 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह साइक्लोथॉन देश के युवाओं को स्वस्थ, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करने वाला एक महत्वपूर्ण अभियान साबित हुआ।

