टीएमयू मुरादाबाद में स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का शुभारंभ, स्वच्छ परिसर बनाने का लिया संकल्प
रिपोर्ट- मो. अरशद
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (टीएमयू), मुरादाबाद में स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का शुभारंभ उत्साह और जनभागीदारी के साथ किया गया। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, माई भारत, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और उन्नत भारत अभियान के सहयोग से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा कर्मचारियों को स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ना है।
स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का आयोजन 1 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। इस वर्ष अभियान की मुख्य थीम “स्वच्छ परिसर, स्वस्थ परिसर, समृद्ध भारत” रखी गई है। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वच्छता को केवल एक गतिविधि नहीं बल्कि दैनिक जीवन की आदत बनाने का संदेश दिया है।
क्लीन कैंपस डे के साथ हुई अभियान की शुरुआत
स्वच्छता पखवाड़े के पहले दिन विश्वविद्यालय परिसर में “क्लीन कैंपस डे” का आयोजन किया गया। इस दौरान टीएमयू के विभिन्न विभागों, कार्यालयों और परिसर के प्रमुख स्थानों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए साफ-सफाई की और परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। जब विद्यार्थी और युवा वर्ग स्वच्छता अभियान में भाग लेते हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की भावना मजबूत होती है।
स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
टीएमयू प्रशासन ने स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के दौरान कई महत्वपूर्ण गतिविधियों के आयोजन की योजना बनाई है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया जाएगा।
आगामी दिनों में विश्वविद्यालय में स्वच्छता शपथ, प्लास्टिक मुक्त परिसर अभियान, अपशिष्ट पृथक्करण, जल संरक्षण अभियान, हरित परिसर अभियान और सामुदायिक स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व की जानकारी दी जाएगी।
वहीं, स्वच्छ भारत रैली, नवाचार प्रतियोगिताएं, डिजिटल स्वच्छता अभियान और “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” जैसी रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करना और उन्हें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
विद्यार्थियों और कर्मचारियों से सक्रिय भागीदारी की अपील
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से स्वच्छता पखवाड़े की प्रत्येक गतिविधि में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल समाज का निर्माण संभव है।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने यह भी संदेश दिया कि परिसर की स्वच्छता बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। नियमित साफ-सफाई, कचरे का उचित निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयास भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।
स्वच्छता अभियान से सामाजिक जिम्मेदारी का विकास
आज के समय में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य से टीएमयू में आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा विद्यार्थियों को समाज और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का माध्यम बनेगा।
इसके अलावा, ऐसे अभियानों से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और समाज सेवा की भावना को भी बढ़ावा मिलता है। यही युवा आगे चलकर स्वच्छ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
प्रमुख शिक्षकों और पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के शुभारंभ अवसर पर विश्वविद्यालय के कई प्रमुख अधिकारी, फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. एम.पी. सिंह, डॉ. माधव शर्मा, एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. रवि प्रकाश सिंह, दीपक मलिक, ममता यादव सहित अन्य फैकल्टी सदस्य एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
सभी उपस्थित लोगों ने स्वच्छता अभियान को सफल बनाने और विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
15 अगस्त को होगा स्वच्छता पखवाड़े का समापन
टीएमयू में चलने वाला यह स्वच्छता पखवाड़ा 15 अगस्त 2026 को समाप्त होगा। समापन अवसर पर वैलेडिक्टरी एवं रिपोर्टिंग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान पूरे पखवाड़े में आयोजित विभिन्न गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
साथ ही, स्वच्छता अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि यह अभियान विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच स्वच्छता की स्थायी आदत विकसित करने में सफल रहेगा।
टीएमयू मुरादाबाद में शुरू हुआ स्वच्छता पखवाड़ा-2026 केवल परिसर की साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे अभियान युवाओं को जागरूक करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं।
टीएमयू स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के माध्यम से विश्वविद्यालय ने यह संदेश दिया है कि स्वच्छ परिसर से ही स्वस्थ समाज और समृद्ध भारत की नींव मजबूत होगी।

