GSVM मेडिकल कॉलेज कानपुर में विश्व स्तनपान सप्ताह-2026 का शुभारंभ, मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर जोर

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रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा 

कानपुर: जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज कानपुर के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह-2026 का शुभारंभ उत्साह और जागरूकता के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य, माताओं के पोषण और स्तनपान के महत्व को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम का उद्घाटन जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने किया। इस अवसर पर उप-प्राचार्य डॉ. ऋचा गिरी और एसआईसी डॉ. सौरभ अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य और शिशु देखभाल से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

स्तनपान के महत्व पर दिया गया विशेष संदेश

विश्व स्तनपान सप्ताह के आयोजन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मां का दूध नवजात शिशु के लिए सबसे महत्वपूर्ण आहार होता है। यह शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में माताओं को स्तनपान से जुड़े लाभों की जानकारी देने और समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया, ताकि अधिक से अधिक परिवार स्तनपान के महत्व को समझ सकें।

इसके अलावा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण और सही देखभाल के बारे में भी जानकारी साझा की गई।

प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया सम्मानित

विश्व स्तनपान सप्ताह और विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर मेडिकल कॉलेज में पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इन प्रतियोगिताओं में स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया और उन्हें पुरस्कार प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वास्थ्य संबंधी विषयों के प्रति रचनात्मक सोच और जागरूकता को बढ़ावा देना था।

विभागाध्यक्ष पद का हुआ कार्यभार हस्तांतरण

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष पद का औपचारिक कार्यभार हस्तांतरण समारोह रहा। इस दौरान प्रो. डॉ. रेनू गुप्ता ने विभागाध्यक्ष का कार्यभार प्रो. डॉ. सीमा द्विवेदी को सौंपा।

इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों और विभागीय सदस्यों ने प्रो. डॉ. रेनू गुप्ता के नेतृत्व और योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में विभाग ने शिक्षा, चिकित्सा सेवाओं और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

वहीं, नव नियुक्त विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सीमा द्विवेदी को सभी ने शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में विभाग नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

वरिष्ठ चिकित्सकों और शिक्षकों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. किरण पाण्डेय, डॉ. कंचन शर्मा, डॉ. संगीता सारस्वत, डॉ. शीला शर्मा और डॉ. सपना सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

इसके अलावा विभाग की वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. डॉ. नीना गुप्ता, प्रो. डॉ. अनीता गौतम, प्रो. डॉ. शैली अग्रवाल और प्रो. डॉ. वंदना शर्मा सहित कई चिकित्सक और शिक्षक मौजूद रहे।

कार्यक्रम में एसोसिएट प्रोफेसर और विभाग के अन्य चिकित्सकों ने भी सहभागिता की। रेजिडेंट डॉक्टर, इंटर्न और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बनाया।

स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों ने कहा कि स्तनपान केवल शिशु के पोषण से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण पहलू है।

इसलिए समाज में इसके प्रति सही जानकारी पहुंचाना जरूरी है। मेडिकल संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराएं।

इसी उद्देश्य के तहत जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज का प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग लगातार स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

सफल संचालन के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. प्रज्ञा त्रिवेदी और डॉ. फरहीन द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया।

अंत में विभाग की ओर से स्तनपान को बढ़ावा देने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने और चिकित्सा शिक्षा एवं सेवाओं की बेहतर परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

विश्व स्तनपान सप्ताह-2026 का यह आयोजन चिकित्सा क्षेत्र में जागरूकता, शिक्षा और सेवा के महत्व को दर्शाने वाला रहा। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य संबंधी सकारात्मक बदलाव लाने में मदद मिलती है।