कानपुर में ग्राम प्रधान बनेंगे सड़क सुरक्षा अग्रदूत, ग्रामीणों को यातायात नियमों के प्रति करेंगे जागरूक
रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा
कानपुर: सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। अब ग्राम प्रधानों को सड़क सुरक्षा अभियान से जोड़ते हुए उन्हें सड़क सुरक्षा अग्रदूत की भूमिका दी जाएगी। इसके तहत ग्राम प्रधान अपने गांवों में लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूक करेंगे।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की संस्कृति को मजबूत करना है, ताकि लोग वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके। प्रशासन का मानना है कि गांवों में ग्राम प्रधानों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, इसलिए उनके माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
ग्राम प्रधान करेंगे ग्रामीणों को जागरूक
एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुसार यह अभियान प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जा रहा है। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के निर्देश पर विकासखंड स्तर पर ग्राम प्रधानों को सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान अपने गांवों में लोगों को यातायात नियमों की जानकारी देंगे। इसके अंतर्गत वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, कार में सफर करते समय सीट बेल्ट लगाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने जैसे महत्वपूर्ण नियमों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
इसके अलावा, ग्रामीणों को तेज गति से वाहन चलाने से बचने, सड़क संकेतों का पालन करने और सुरक्षित तरीके से वाहन संचालन के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सड़क दुर्घटनाओं को कम करना मुख्य उद्देश्य
सड़क दुर्घटनाएं आज एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। कई बार लापरवाही, यातायात नियमों की अनदेखी और सुरक्षा उपायों की कमी के कारण हादसे होते हैं। ऐसे में प्रशासन का प्रयास है कि लोगों को जागरूक कर दुर्घटनाओं की संख्या को कम किया जाए।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग दोपहिया और चार पहिया वाहनों का उपयोग करते हैं। ऐसे में उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देना बेहद जरूरी है।
ग्राम प्रधान स्थानीय स्तर पर लोगों से सीधे जुड़े होते हैं। इसलिए उनके माध्यम से चलाया जाने वाला जागरूकता अभियान अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।
बेहतर कार्य करने वाले ग्राम प्रधान होंगे सम्मानित
इस अभियान को प्रोत्साहित करने के लिए एक समिति का गठन भी किया जाएगा। यह समिति ग्राम प्रधानों द्वारा किए गए सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यों का मूल्यांकन करेगी।
जो ग्राम प्रधान सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करेंगे, उन्हें सड़क सुरक्षा अग्रदूत के सम्मान से नवाजा जाएगा। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
इस पहल से ग्राम प्रधानों में भी सड़क सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी और वे अपने गांवों में लोगों को सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित करेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी जागरूकता
प्रशासन का मानना है कि सड़क सुरक्षा केवल शहरों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यातायात नियमों का पालन उतना ही आवश्यक है। गांवों से निकलकर लोग अक्सर हाईवे और प्रमुख सड़कों पर वाहन चलाते हैं, ऐसे में नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
यदि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपायों को अपनी आदत बना लेते हैं तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है।
इसके साथ ही, यह अभियान लोगों में जिम्मेदार वाहन चालक बनने की भावना भी विकसित करेगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुई पहल
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में ग्राम प्रधानों को अभियान से जोड़ने का निर्णय लिया गया है।
सरकार का उद्देश्य है कि सड़क सुरक्षा का संदेश हर गांव तक पहुंचे और आम नागरिक यातायात नियमों को अपनी जिम्मेदारी समझें।
इसके लिए परिवहन विभाग, प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। ग्राम प्रधान इस अभियान में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेंगे।
यातायात नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी
सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। वाहन चलाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपनी और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, वाहन चलाते समय मोबाइल से दूरी बनाना और सड़क नियमों का पालन करना छोटी-छोटी सावधानियां हैं, जो बड़े हादसों को रोक सकती हैं।
इसी उद्देश्य के साथ ग्राम प्रधानों को सड़क सुरक्षा अग्रदूत बनाने की पहल शुरू की गई है। उम्मीद है कि इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ेगी और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

