फर्रुखाबाद में एडीजी ने कांवड़ मेले की परखी सुरक्षा व्यवस्था, घाटों पर बैरिकेडिंग और सतर्कता के दिए निर्देश
रिपोर्ट – हर्ष वर्मा
फर्रुखाबाद: सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार को एडीजी जोन कानपुर अनुपम कुलश्रेष्ठ ने फर्रुखाबाद के प्रसिद्ध पांचाल घाट का दौरा कर कांवड़ मेले की सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ डीआईजी यमुना प्रसाद और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह सहित प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गंगा घाटों, कांवड़ यात्रा मार्ग, बैरिकेडिंग, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। एडीजी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
गंगा घाटों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने गंगा घाटों पर लगाए गए सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और जल भरने के लिए घाटों पर पहुंचते हैं। इसलिए घाटों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां भी आवश्यकता हो, वहां अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगाई जाए ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे। इसके साथ ही संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
डूबने की घटनाओं की रोकथाम पर विशेष जोर
एडीजी ने गंगा घाटों पर संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी के गहरे क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां स्पष्ट चेतावनी संकेत लगाए जाएं। साथ ही पुलिस, जल पुलिस, गोताखोरों और राहत टीमों को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश
निरीक्षण के दौरान एडीजी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी के तहत सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन, नगर निकाय, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर कार्य करें ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
कांवड़ यात्रियों की सुविधाओं की भी समीक्षा
सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ एडीजी ने श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यात्रा मार्ग पर पर्याप्त मात्रा में पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, शौचालय, प्राथमिक उपचार और आराम स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु कई किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं। ऐसे में उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि किसी स्थान पर सुविधाओं की कमी हो तो उसे तत्काल पूरा किया जाए।
यातायात व्यवस्था को लेकर दिए आवश्यक निर्देश
कांवड़ यात्रा के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। इसे देखते हुए एडीजी ने पुलिस अधीक्षक को यातायात प्रबंधन की विशेष योजना लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो वहां वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कराया जाए। साथ ही आम नागरिकों और श्रद्धालुओं दोनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यातायात संचालन किया जाए। इसके अतिरिक्त आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष कॉरिडोर भी तैयार रखने को कहा गया।
कन्नौज और फतेहगढ़ की व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा
एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने बताया कि फर्रुखाबाद के साथ-साथ कन्नौज और फतेहगढ़ क्षेत्र में भी कांवड़ यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा और सुविधा संबंधी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था एक समान मानकों के अनुरूप होनी चाहिए ताकि किसी भी क्षेत्र में लापरवाही की स्थिति उत्पन्न न हो।
पुलिस बल को मुस्तैदी से ड्यूटी करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एडीजी ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सतर्कता और अनुशासन के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण पर्व है। इसलिए पुलिस का व्यवहार श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए।
समन्वय से सफल होगा कांवड़ मेला
प्रशासन का मानना है कि कांवड़ मेले का सफल आयोजन तभी संभव है जब सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। इसी उद्देश्य से पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों के बीच लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान भी विभिन्न विभागों के अधिकारियों से व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।
श्रद्धालुओं से भी की गई सहयोग की अपील
प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों और स्थानीय नागरिकों से भी अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सम्मान करें। घाटों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन और श्रद्धालुओं के आपसी सहयोग से ही कांवड़ यात्रा सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकेगी।
फर्रुखाबाद में एडीजी जोन कानपुर अनुपम कुलश्रेष्ठ द्वारा किया गया निरीक्षण इस बात का संकेत है कि कांवड़ मेले को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग, डूबने की घटनाओं की रोकथाम, यातायात प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तृत तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सके और पूरे मेले का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।

