बांदा के बड़ोखर बुजुर्ग में 10 साल से जलभराव की समस्या, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई समाधान की गुहार
रिपोर्ट – पंकज त्रिपाठी
बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के महुआ ब्लॉक अंतर्गत बड़ोखर बुजुर्ग गांव में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या अब ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है।
आम रास्ते पर पिछले करीब 10 वर्षों से पानी जमा रहने और कीचड़ की स्थिति बने रहने से लोगों को रोजाना आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के मुख्य रास्ते पर जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इसके चलते रास्ता कीचड़ से भर जाता है और लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है।
वहीं, छोटे बच्चों को स्कूल जाने और वापस आने में सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार बच्चे कीचड़ भरे रास्ते से गुजरते समय गिर जाते हैं, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है।
1000 से अधिक लोगों के आवागमन का रास्ता प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार, यह रास्ता गांव के मुख्य चौराहे से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब एक हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है। इसके बावजूद अभी तक इस रास्ते को दुरुस्त कराने या जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह रास्ता आसपास की बस्ती के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रोजमर्रा के कामों के लिए इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। लेकिन जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है।
अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या के संबंध में कई बार ग्राम पंचायत प्रधान, सचिव और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बावजूद अभी तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है। लगातार शिकायतों के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मजबूर होकर ग्रामीण जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्या से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि गांव के आम रास्ते पर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए और सड़क को ठीक कराया जाए, ताकि लोगों को रोजाना होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।
बारिश के मौसम में बढ़ जाती है परेशानी
बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या और विकराल रूप ले लेती है। बारिश के बाद रास्ते पर कई दिनों तक पानी जमा रहता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं, कीचड़ के कारण फिसलन बढ़ जाती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नाली निर्माण और सड़क सुधार का कार्य कराया जाए तो इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। इसके अलावा जल निकासी की बेहतर व्यवस्था होने से बरसात के समय लोगों को राहत मिलेगी।
बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जलभराव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को होती है। बच्चों को मजबूरी में कीचड़ भरे रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार कपड़े खराब हो जाते हैं और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वहीं, बुजुर्ग लोगों को भी इस रास्ते से गुजरने में काफी दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की इस मूलभूत समस्या पर जल्द ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
डीएम से ग्रामीणों को समाधान की उम्मीद
जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन देने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का संज्ञान लेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि मौके का निरीक्षण कराकर जलभराव की समस्या को दूर कराया जाए।
अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वह लंबे समय से इस परेशानी को झेल रहे हैं और अब उन्हें स्थायी समाधान की आवश्यकता है।

