कानपुर के धोबी मोहाल में जानवरों की लगातार मौत से चिंता, स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

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रिपोर्ट – मुकेश वर्मा 

कानपुर: शहर के चौक सर्राफा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धोबी मोहाल इलाके में पिछले दो दिनों के दौरान जानवरों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों ने स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। पहले चार कुत्तों की मौत और उसके अगले दिन उसी क्षेत्र में एक सांड के मृत मिलने की घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से इलाके में असहज माहौल बन गया है। वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दो दिनों में कई जानवरों की मौत से बढ़ी चिंता

स्थानीय लोगों के अनुसार बीते दिन क्षेत्र में चार कुत्तों की मौत हुई थी। इसके बाद शुक्रवार को उसी स्थान के आसपास एक सांड भी मृत मिला। लगातार दो दिनों में हुई इन घटनाओं के बाद लोगों में चिंता और नाराजगी दोनों देखने को मिली।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही सांड के मृत होने की सूचना फैली, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।

हालांकि, अभी तक किसी सरकारी एजेंसी ने यह पुष्टि नहीं की है कि इन जानवरों की मौत किस कारण से हुई।

स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद क्षेत्रीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि कुछ अराजक तत्व जानबूझकर जानवरों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। लोगों का दावा है कि जानवरों को कथित रूप से जहरीला पदार्थ दिए जाने की आशंका है।

हालांकि, यह आरोप फिलहाल स्थानीय लोगों के दावों पर आधारित हैं और पुलिस या प्रशासन की ओर से इनकी पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए मामले की जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और पूरे मामले की जांच का आश्वासन दिया।

पुलिस ने बताया कि उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि सामने आती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम कराने की उठी मांग

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मृत जानवरों का पोस्टमार्टम कराया जाए, ताकि उनकी मौत का वास्तविक कारण सामने आ सके।

लोगों का कहना है कि यदि वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत किसी बीमारी, प्राकृतिक कारण या किसी अन्य वजह से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करना अधिक उचित होगा।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि पशुओं की संदिग्ध मौत के मामलों में पशु चिकित्सकों द्वारा विस्तृत परीक्षण और पोस्टमार्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पशु सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

लगातार हो रही घटनाओं के बाद पशु सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि आवारा पशु भी शहरी पारिस्थितिकी का हिस्सा हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन तथा संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी क्षेत्र में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तो वहां निगरानी बढ़ाई जाए और आवश्यक होने पर सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जाए।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही लोगों ने प्रशासन से यह भी अनुरोध किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

पशु चिकित्सकों की भूमिका होगी महत्वपूर्ण

यदि पोस्टमार्टम कराया जाता है तो पशु चिकित्सकों की रिपोर्ट जांच में अहम साक्ष्य साबित हो सकती है। रिपोर्ट से यह पता लगाया जा सकेगा कि जानवरों की मौत किन कारणों से हुई।

यदि किसी विषैले पदार्थ की पुष्टि होती है, तो जांच एजेंसियां उसके स्रोत और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने का प्रयास करेंगी। वहीं यदि कोई अन्य कारण सामने आता है, तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

अफवाहों से बचने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने से बचें।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील मामले में तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आधिकारिक जानकारी साझा की जाती है। इसलिए नागरिकों को संयम बनाए रखना चाहिए।

स्थानीय लोगों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़ाना भी आवश्यक है। यदि किसी व्यक्ति को किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो उसे तुरंत पुलिस या नगर निगम को सूचित करना चाहिए।

इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे पदार्थ न फेंके जाएं जो जानवरों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की संभावना कम की जा सकती है।

कानपुर के धोबी मोहाल क्षेत्र में दो दिनों के भीतर कई जानवरों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों ने स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, मौत के कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लोगों ने पोस्टमार्टम, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे मामलों में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई और अफवाहों से बचाव दोनों समान रूप से आवश्यक हैं।

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