कानपुर में अवैध मोटर ड्राइविंग स्कूलों पर RTO का बड़ा एक्शन, फर्जी सेंटरों पर होगी सख्त कार्रवाई – पढ़िए चेतावनी
रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा
कानपुर: सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और मोटर वाहन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संभागीय परिवहन विभाग (RTO) ने कानपुर में अवैध रूप से संचालित मोटर ड्राइविंग स्कूलों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। हाल ही में किए गए औचक निरीक्षण में कई ऐसे ड्राइविंग स्कूल सामने आए, जो बिना वैध मान्यता के संचालित हो रहे थे। इसके अलावा कुछ संस्थान ऐसे भी मिले, जो निर्धारित नियमों का पालन किए बिना प्रशिक्षण दे रहे थे।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई के बाद शहर में अवैध ड्राइविंग स्कूल संचालकों के बीच हलचल बढ़ गई है। विभाग का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दो दिनों तक चला विशेष निरीक्षण अभियान
संभागीय परिवहन विभाग के प्रावधिक मोटर यान निरीक्षक (आरआई) संतोष कुमार ने बीते दो दिनों में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार कानपुर नगर में केवल 10 मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर ही अधिकृत और वैध रूप से संचालित हैं। इसके विपरीत, कई अन्य संस्थान बिना आवश्यक अनुमति और निर्धारित मानकों के प्रशिक्षण देते पाए गए।
निरीक्षण का उद्देश्य केवल अनियमितताओं का पता लगाना नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी था कि वाहन चलाने का प्रशिक्षण सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमों के अनुरूप दिया जाए।
जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कुछ ड्राइविंग स्कूलों का पंजीकृत पता रिकॉर्ड में कुछ और था, जबकि वास्तविक संचालन किसी अन्य स्थान से किया जा रहा था। इस प्रकार की अनियमितता मोटर वाहन नियमों के विपरीत मानी जाती है।
जांच के दौरान कैनाल रोड क्षेत्र में संचालित परफेक्ट मोटर ड्राइविंग स्कूल, राष्ट्रीय मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल तथा हिंदुस्तान मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल अनाधिकृत रूप से संचालित होते पाए गए। विभागीय टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही कई स्थानों पर संचालक मौके से चले गए, जबकि कुछ संस्थानों में ताला लगा मिला।
हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक मामले में नियमानुसार जांच की जाएगी और संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर भी दिया जाएगा।
प्राइवेट वाहनों से दी जा रही थी ट्रेनिंग
निरीक्षण के दौरान आनंद नगर स्थित एक मोटर ड्राइविंग सेंटर में एक प्रशिक्षक निजी (प्राइवेट) वाहन से अभ्यर्थियों को ड्राइविंग सिखाता हुआ मिला। प्रारंभिक जांच में यह मामला मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण संबंधी नियमों के विपरीत पाया गया।
दरअसल, व्यावसायिक ड्राइविंग प्रशिक्षण के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार स्वीकृत और उपयुक्त श्रेणी के वाहनों का उपयोग किया जाना आवश्यक होता है। यदि किसी संस्थान द्वारा निजी वाहन का उपयोग किया जाता है, तो वह नियमानुसार कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
इसी प्रकार नमक फैक्ट्री चौराहे के पास संचालित मिश्रा मोटर ड्राइविंग स्कूल के संबंध में भी दस्तावेजों और वास्तविक संचालन स्थल में अंतर पाया गया। मौके पर मौजूद कर्मचारी वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके।
कुछ स्थानों पर केवल बोर्ड मिले, जिम्मेदार नहीं
फूलबाग चौराहे और पर्यटन अधिकारी कार्यालय परिसर के आसपास भी निरीक्षण किया गया। यहां फूले मोटर ड्राइविंग स्कूल के बोर्ड तो लगे मिले, लेकिन मौके पर कोई जिम्मेदार व्यक्ति उपस्थित नहीं था। इससे विभाग को संस्थान के संचालन की वैधता पर संदेह हुआ।
परिवहन अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में सभी तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी है मानकों का पालन
विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन चलाने का प्रशिक्षण केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। यदि प्रशिक्षण केंद्र निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते हैं, तो प्रशिक्षुओं को सही तकनीकी जानकारी नहीं मिल पाती। इसका असर भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की संभावना पर भी पड़ सकता है।
इसी कारण परिवहन विभाग समय-समय पर ड्राइविंग स्कूलों का निरीक्षण करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रशिक्षण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो।
कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी
प्रावधिक मोटर यान निरीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जिन संस्थानों में अनियमितताएं मिली हैं, उनका पूरा विवरण तैयार कर लिया गया है। इसके बाद विस्तृत जांच रिपोर्ट उप परिवहन आयुक्त (कानपुर परिक्षेत्र) को भेज दी गई है।
उन्होंने बताया कि संबंधित संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि जांच में अनियमितताएं सही पाई जाती हैं, तो नियमानुसार उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वाहनों की ब्लैकलिस्टिंग और पंजीयन पर भी कार्रवाई
परिवहन विभाग के अनुसार प्रशिक्षण में उपयोग किए जा रहे उन वाहनों की भी जांच की जा रही है, जिनका इस्तेमाल नियमों के विपरीत किया गया। आवश्यक होने पर ऐसे वाहनों को ब्लैकलिस्ट करने और उनके पंजीयन पर कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी कार्रवाई मोटर वाहन अधिनियम और लागू नियमों के अनुसार ही की जाएगी तथा संबंधित पक्षों को कानूनी प्रक्रिया के तहत सुनवाई का अवसर मिलेगा।
अभियान आगे भी रहेगा जारी
संभागीय परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह विशेष अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। शहर के अन्य क्षेत्रों में भी निरीक्षण किए जाएंगे ताकि बिना मान्यता वाले ड्राइविंग स्कूलों की पहचान की जा सके।
विभाग का उद्देश्य किसी विशेष संस्था को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था को पारदर्शी एवं नियमसम्मत बनाना है। इसके साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे ड्राइविंग प्रशिक्षण लेने से पहले संबंधित संस्थान की मान्यता अवश्य जांच लें।
प्रशिक्षुओं के लिए विभाग की सलाह
परिवहन विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे केवल अधिकृत मोटर ड्राइविंग स्कूलों से ही प्रशिक्षण प्राप्त करें। प्रवेश लेने से पहले संस्थान का पंजीकरण, प्रशिक्षकों की योग्यता तथा प्रशिक्षण में उपयोग होने वाले वाहनों की वैधता की जानकारी अवश्य लें। इससे न केवल बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि भविष्य में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी किसी प्रकार की परेशानी से भी बचा जा सकेगा।
कानपुर में अवैध मोटर ड्राइविंग स्कूलों के खिलाफ शुरू हुई यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अधिकृत प्रशिक्षण केंद्रों को निर्धारित मानकों का पालन करने और प्रशिक्षुओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

