मथुरा में संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर कलश यात्रा का भव्य स्वागत, 18 मंडलों में होगा भ्रमण
रिपोर्ट-योगेश भारद्वाज
मथुरा। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर निकाली जा रही कलश यात्रा बुधवार को मथुरा जनपद पहुंची। बनारस से प्रारंभ हुई इस धार्मिक एवं सामाजिक संदेश देने वाली यात्रा का जिले में श्रद्धा और उत्साह के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का अभिनंदन किया और ढोल-नगाड़ों के साथ “जय गुरु रविदास” के जयकारे लगाए।
संत रविदास महाराज के विचारों और उनके सामाजिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित यह कलश यात्रा मथुरा जिले की तीनों विधानसभाओं के 18 मंडलों में भ्रमण करेगी। यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सार्वजनिक स्थलों पर कलश का पूजन और सम्मान किया जाएगा। साथ ही संत रविदास जी के जीवन दर्शन, उनके उपदेशों और समाज सुधार के कार्यों पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।
पुष्प वर्षा और जयकारों से हुआ कलश यात्रा का स्वागत
मथुरा पहुंचने पर कलश यात्रा का कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। जगह-जगह लोगों ने पुष्प अर्पित कर संत रविदास महाराज को नमन किया। धार्मिक वातावरण के बीच बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए और संत रविदास जी के संदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
जिला मीडिया प्रभारी श्याम चतुर्वेदी ने बताया कि यह यात्रा जिले के सभी 18 मंडलों में क्रमवार पहुंचेगी। इसके माध्यम से संत रविदास जी के विचारों और उनके द्वारा दिए गए समानता, सामाजिक समरसता एवं मानवता के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर सत्संग, भजन-कीर्तन और विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संत रविदास जी के आदर्श जीवन और उनके समाज सुधार के कार्यों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
संत रविदास जी ने दिया समानता और भाईचारे का संदेश
कार्यक्रम के जिला संयोजक आकाश चौधरी ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी का जीवन समाज के लिए प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन मानव सेवा, सामाजिक एकता और समानता के लिए समर्पित किया।
संत रविदास जी ने अपने विचारों से समाज में फैली ऊंच-नीच और भेदभाव की भावना को दूर करने का प्रयास किया। उनका प्रसिद्ध संदेश “मन चंगा तो कठौती में गंगा” आज भी लोगों को सकारात्मक सोच और अच्छे कर्मों की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास महाराज का सपना ऐसा समाज बनाने का था, जहां सभी लोगों को समान सम्मान और अवसर मिले। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को एकता और भाईचारे की राह दिखाती हैं।
18 मंडलों में पहुंचेगी कलश यात्रा
मथुरा जिले में यह कलश यात्रा तीनों विधानसभाओं के अंतर्गत आने वाले सभी मंडलों में जाएगी। यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि संत रविदास जी के विचारों को सामाजिक जागरूकता के रूप में आगे बढ़ाना भी है।
यात्रा के दौरान स्थानीय कार्यकर्ता और श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे। प्रत्येक मंडल में कलश का पूजन कर संत रविदास जी को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके साथ ही उनके जीवन और संदेशों पर चर्चा भी होगी।
आयोजकों के अनुसार, यह यात्रा समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश देने का माध्यम बनेगी। इसके जरिए युवा पीढ़ी को भी संत रविदास जी के आदर्शों और उनके योगदान से परिचित कराया जाएगा।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी लिया आयोजन में हिस्सा
कार्यक्रम में भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस अवसर पर जिला संयोजक ने कहा कि संत रविदास जी के विचार समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि संत रविदास महाराज ने गरीब, वंचित और कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए जीवनभर कार्य किया।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का संदेश “ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न” समाज में समान अवसर और कल्याणकारी व्यवस्था की भावना को दर्शाता है।
कार्यक्रम में जिला मंत्री सुरेश जी, अजय जी, ओल मंडल अध्यक्ष मनीष ओझा सहित विभिन्न मंडलों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने विधि-विधान से कलश पूजन किया और संत रविदास महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
कलश यात्रा के माध्यम से संत रविदास महाराज के विचारों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा समाज में प्रेम, सद्भाव और समानता का संदेश देगी।
वर्तमान समय में संत रविदास जी की शिक्षाएं और भी अधिक प्रासंगिक हैं। उनके विचार समाज को आपसी सहयोग, सम्मान और मानवता के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं।
इस प्रकार, मथुरा में पहुंची संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती की कलश यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी प्रतीक बन रही है। जिले के 18 मंडलों में भ्रमण के बाद यह यात्रा संत रविदास जी के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का कार्य करेगी।

