श्रावण मास 2026: CM योगी ने शिवभक्तों और कांवड़ियों को दी शुभकामनाएं, बोले- साधना और आत्मिक उन्नयन का है पावन अवसर
Digital UP News Desk
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावण मास के शुभारंभ पर प्रदेशवासियों, भगवान शिव के श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि श्रावण मास केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मिक उन्नयन, संयम, साधना और भक्ति का भी विशेष अवसर है।
मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करते हुए प्रदेश और देश के सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। साथ ही उन्होंने कहा कि महादेव की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों और प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में पुण्य, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।
श्रावण मास को बताया शिव आराधना का पावन पर्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि आज से प्रारंभ हो रहा श्रावण मास भगवान शिव की आराधना और उपासना को समर्पित है। इस पूरे महीने में श्रद्धालु व्रत, पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भगवान शिव की आराधना करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में श्रावण मास का विशेष महत्व है। इस दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उमड़ती है और शिवालयों में हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बन जाता है।
कांवड़ियों का किया हार्दिक अभिनंदन
मुख्यमंत्री ने श्रावण मास के अवसर पर कांवड़ यात्रा में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं का भी हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है। लाखों शिवभक्त कठिन यात्रा कर पवित्र नदियों से जल लाकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव के साथ अपनी धार्मिक यात्रा को सफल बनाएंगे।
संयम और साधना का संदेश
सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि श्रावण मास व्यक्ति को आत्मचिंतन, संयम और आध्यात्मिक उन्नति की प्रेरणा देता है। यह समय केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने विचारों, व्यवहार और जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी अवसर है।
उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति श्रद्धा और अनुशासन के साथ भगवान शिव की आराधना करता है, तब उसके भीतर आत्मविश्वास, धैर्य और सेवा की भावना का विकास होता है।
भगवान शिव से प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना
मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की कि वे सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण करें और प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, समृद्धि तथा खुशहाली का संचार करें। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का आशीर्वाद समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का माध्यम बनता है।
इसके अलावा उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि श्रावण मास के दौरान धार्मिक आयोजनों में अनुशासन बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
श्रावण मास का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महीने में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत और महामृत्युंजय मंत्र के जाप का विशेष महत्व होता है।
देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ, देवघर, बैद्यनाथ धाम और अन्य शिवालयों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
प्रशासन भी कर रहा विशेष तैयारियां
श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन को मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके साथ ही प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से सहयोग और अनुशासन बनाए रखने की अपील भी की है।
सामाजिक सद्भाव का भी संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रावण मास केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवता का भी संदेश देता है। उन्होंने लोगों से एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करने और समाज में सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्व समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और सभी को मिलकर इन्हें शांति, अनुशासन और सहयोग की भावना के साथ मनाना चाहिए।
श्रावण मास के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश श्रद्धा, संयम, साधना और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है। उन्होंने भगवान शिव के सभी भक्तों और कांवड़ियों का अभिनंदन करते हुए प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि श्रावण मास प्रत्येक व्यक्ति के लिए आत्मिक उन्नयन और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का श्रेष्ठ अवसर है।

