पंडित दीनदयाल उपाध्याय दूरसंचार उत्कृष्टता पुरस्कार-2025: अमंत्या टेक्नोलॉजीज और फिनारा को मिला सम्मान
vikas chauhan July 30, 2026
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: भारत में दूरसंचार क्षेत्र को नई तकनीकी ऊंचाइयों तक पहुंचाने और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
इसी दिशा में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने दूरसंचार तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दो संगठनों को प्रतिष्ठित ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय दूरसंचार उत्कृष्टता पुरस्कार-2025’ से सम्मानित किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। पुरस्कार समारोह में तकनीकी नवाचार, दूरसंचार समाधान और डिजिटल भारत के निर्माण में योगदान देने वाले संस्थानों के प्रयासों को सराहा गया।
दो संगठनों को मिला प्रतिष्ठित सम्मान
वर्ष 2025 के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय दूरसंचार उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त करने वाले संगठनों में शामिल हैं:
- अमंत्या टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
- फिनारा
इन दोनों संगठनों को दूरसंचार तकनीक के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, नवाचार और प्रभावी समाधानों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि भारत का दूरसंचार क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें नवाचार करने वाले संस्थानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों की रही मौजूदगी
पुरस्कार समारोह में संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी, दूरसंचार विभाग के सचिव अमित अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान दूरसंचार क्षेत्र में हो रहे बदलावों, नई तकनीकों और भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा भारत को डिजिटल रूप से और अधिक सक्षम बनाने में दूरसंचार उद्योग की भूमिका को रेखांकित किया गया।
राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से हुई चयन प्रक्रिया
पंडित दीनदयाल उपाध्याय दूरसंचार उत्कृष्टता पुरस्कार-2025 के लिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई।
इस पुरस्कार के लिए सभी भारतीय नागरिकों और भारत में पंजीकृत संस्थानों से नामांकन आमंत्रित किए गए थे। नामांकन प्रक्रिया गृह मंत्रालय के अंतर्गत महानिदेशक (अवार्ड्स) द्वारा संचालित राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से पूरी की गई।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य देशभर में दूरसंचार क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों और संस्थानों की पहचान करना तथा उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करना है।
दूरसंचार नवाचार को बढ़ावा देना है पुरस्कार का उद्देश्य
पंडित दीनदयाल उपाध्याय दूरसंचार उत्कृष्टता पुरस्कार की शुरुआत संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग द्वारा की गई है।
इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य दूरसंचार क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करना, तकनीकी कौशल को बढ़ावा देना और ऐसे संस्थानों को सम्मानित करना है, जो देश के डिजिटल विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
इसके माध्यम से उन लोगों और संस्थानों को पहचान दी जाती है, जिन्होंने दूरसंचार नवाचार, कौशल विकास, सेवाओं, विनिर्माण और एप्लीकेशन विकास जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया है।
कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में दूरसंचार तकनीक की भूमिका
आज दूरसंचार तकनीक केवल मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह देश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास का आधार बन रही है।
दूरसंचार आधारित एप्लीकेशन और डिजिटल समाधान कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े बदलाव ला रहे हैं।
उदाहरण के तौर पर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंच रही हैं। वहीं, कृषि क्षेत्र में तकनीकी समाधान किसानों को मौसम, बाजार और खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं।
इसी प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन सेवाएं छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने में सहायक बन रही हैं।
डिजिटल भारत के लक्ष्य को मिल रही मजबूती
भारत सरकार डिजिटल इंडिया अभियान के तहत देश में बेहतर कनेक्टिविटी और तकनीकी सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम कर रही है।
दूरसंचार क्षेत्र में 5G नेटवर्क, स्वदेशी तकनीक, डिजिटल सेवाओं और आधुनिक संचार प्रणालियों का विकास इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
ऐसे में पंडित दीनदयाल उपाध्याय दूरसंचार उत्कृष्टता पुरस्कार जैसे सम्मान तकनीकी क्षेत्र में काम कर रहे नवाचारकर्ताओं और संस्थानों को प्रोत्साहित करने का कार्य करते हैं।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
दूरसंचार क्षेत्र में घरेलू तकनीक और भारतीय कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना आत्मनिर्भर भारत अभियान का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिससे भारत दूरसंचार तकनीक के क्षेत्र में केवल उपभोक्ता देश न रहकर वैश्विक स्तर पर तकनीकी समाधान विकसित करने वाला देश बने।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले संस्थानों का योगदान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
भविष्य के लिए तकनीकी विकास पर जोर
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि आने वाले समय में दूरसंचार क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), क्लाउड तकनीक और अत्याधुनिक डिजिटल समाधानों की भूमिका और बढ़ेगी।
इसलिए आवश्यक है कि देश में तकनीकी कौशल, अनुसंधान और नवाचार को लगातार बढ़ावा दिया जाए।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय दूरसंचार उत्कृष्टता पुरस्कार-2025 के माध्यम से भारत के दूरसंचार क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों को राष्ट्रीय पहचान मिली है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया द्वारा अमंत्या टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और फिनारा को सम्मानित किया जाना इस बात का प्रमाण है कि देश में दूरसंचार नवाचार और तकनीकी विकास को लगातार प्रोत्साहन मिल रहा है।
यह पुरस्कार न केवल विजेताओं के प्रयासों को सम्मान देता है, बल्कि देश के अन्य तकनीकी संस्थानों और युवाओं को भी नए प्रयोग करने तथा डिजिटल भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।
आने वाले वर्षों में दूरसंचार तकनीक भारत के विकास, समावेशन और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।

