भोपाल में लेखक ओमप्रकाश मेहरा की पुस्तक ‘मेरे जज़्बात’ का भव्य विमोचन, मंत्री विश्वास सारंग रहे मौजूद
रिपोर्ट – कैलाश कुमार अहिरवार
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रसिद्ध लेखक ओमप्रकाश मेहरा द्वारा लिखित पुस्तक ‘मेरे जज़्बात (कुछ छुए, कुछ अनछुए पहलू)’ का भव्य विमोचन किया गया। पुस्तक का विमोचन मध्य प्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस अवसर पर साहित्य, समाजसेवा और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
यह कार्यक्रम भोपाल स्थित मां वैष्णो धाम आदर्श नवदुर्गा मंदिर, प्लेटिनियम प्लाजा में आयोजित किया गया। गरिमामय वातावरण में हुए पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में संत-मंडली, समाजसेवी, साहित्यकार, पाठक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अतिथियों ने भाग लिया।
साहित्य और समाज से जुड़े लोगों की रही मौजूदगी
पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में साहित्य और समाज से जुड़े लोगों ने लेखक ओमप्रकाश मेहरा की नई कृति का स्वागत किया।
वक्ताओं ने कहा कि किसी पुस्तक का प्रकाशन केवल लेखक की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होता, बल्कि यह समाज और पाठकों के साथ विचारों के संवाद का भी माध्यम बनता है। इसी क्रम में ‘मेरे जज़्बात’ पुस्तक को लेखक के जीवन अनुभवों और भावनात्मक अभिव्यक्तियों का महत्वपूर्ण संकलन बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान पुस्तक की विषयवस्तु और इसके उद्देश्य पर भी चर्चा हुई। उपस्थित लोगों ने कहा कि सरल भाषा में लिखी गई रचनाएं पाठकों से सीधे जुड़ने में अधिक प्रभावी होती हैं।
जीवन के अनुभवों और भावनाओं को शब्द देती है पुस्तक
लेखक ओमप्रकाश मेहरा की पुस्तक ‘मेरे जज़्बात (कुछ छुए, कुछ अनछुए पहलू)’ में जीवन के विभिन्न अनुभवों, भावनाओं और सामाजिक पहलुओं को केंद्र में रखा गया है।
पुस्तक में लेखक ने उन भावनाओं और विचारों को सरल एवं संवेदनशील भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, जो अक्सर व्यक्ति के मन में रह जाते हैं और सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ पाते।
इस पुस्तक के माध्यम से पाठकों को जीवन के विभिन्न पहलुओं पर सोचने और आत्मचिंतन करने का अवसर मिलता है। साथ ही, रचनाओं में सकारात्मक सोच और मानवीय संवेदनाओं को भी प्रमुखता दी गई है।
पुस्तक पाठकों को आत्मचिंतन के लिए करती है प्रेरित
‘मेरे जज़्बात’ को लेकर लेखक का उद्देश्य केवल अपने अनुभवों को साझा करना नहीं है, बल्कि पाठकों के साथ भावनात्मक और वैचारिक संवाद स्थापित करना भी है।
पुस्तक में जीवन से जुड़े अनुभवों और भावनाओं को जिस सरलता से प्रस्तुत किया गया है, उससे पाठक अपने जीवन के अनुभवों से भी जुड़ाव महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा, पुस्तक सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्मचिंतन की दिशा में भी प्रेरित करती है।
कार्यक्रम में मौजूद साहित्यकारों और पाठकों ने कहा कि आज के व्यस्त जीवन में ऐसी रचनाओं की आवश्यकता है, जो व्यक्ति को कुछ समय रुककर अपने विचारों और भावनाओं पर विचार करने का अवसर दें।
मंत्री विश्वास सारंग ने लेखक को दी शुभकामनाएं
पुस्तक विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग ने लेखक ओमप्रकाश मेहरा को उनकी नई पुस्तक के लिए शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि ‘मेरे जज़्बात’ जैसी पुस्तकें समाज में संवेदनशीलता और मानवता की भावना को मजबूत करने का काम करती हैं। उनके अनुसार, साहित्य समाज को जोड़ने और लोगों को एक-दूसरे की भावनाओं को समझने का अवसर देता है।
विश्वास सारंग ने कहा कि पुस्तक में जीवन के अनुभवों और भावनाओं को जिस तरह प्रस्तुत किया गया है, वह पाठकों के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक हो सकता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं के लिए ऐसी पुस्तकों के महत्व पर जोर दिया।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनने की उम्मीद
मंत्री विश्वास सारंग ने उम्मीद जताई कि ओमप्रकाश मेहरा की पुस्तक युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत साबित होगी। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को सकारात्मक विचारों, मानवीय मूल्यों और जीवन के वास्तविक अनुभवों से जोड़ने में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने लेखक के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि साहित्यिक कृतियां समाज में संवाद और विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देती हैं।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी कहा कि पुस्तक के विषय पाठकों को जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
लेखक ने अतिथियों का जताया आभार
पुस्तक के लेखक ओमप्रकाश मेहरा ने विमोचन समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों, साहित्यकारों, समाजसेवियों और पाठकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ‘मेरे जज़्बात’ पुस्तक उनके दिल के बेहद करीब है। इस पुस्तक में उन्होंने अपने अनुभवों, भावनाओं और विचारों को पाठकों के साथ साझा करने का प्रयास किया है।
लेखक ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज में प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाठक पुस्तक की भावनाओं और विचारों से जुड़ सकेंगे।
समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास
ओमप्रकाश मेहरा के अनुसार, पुस्तक के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच और मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि जीवन में हर व्यक्ति के अपने अनुभव होते हैं। कई बार ये अनुभव व्यक्ति के व्यक्तित्व और सोच को गहराई से प्रभावित करते हैं। ऐसे अनुभवों को शब्दों में व्यक्त करना स्वयं में एक रचनात्मक प्रक्रिया है।
‘मेरे जज़्बात’ के माध्यम से लेखक ने इसी प्रक्रिया को पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। पुस्तक के नाम से भी स्पष्ट है कि इसमें जीवन के कुछ ऐसे पहलुओं को स्थान दिया गया है, जो कभी सामने आए और कुछ भावनाएं ऐसी भी रहीं, जो अनकही रह गईं।
साहित्यिक कार्यक्रमों से बढ़ता है पाठकों का जुड़ाव
भोपाल में आयोजित यह पुस्तक विमोचन कार्यक्रम साहित्य और समाज के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण अवसर बना। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से लेखक सीधे पाठकों और साहित्यप्रेमियों से जुड़ते हैं।
इसके अलावा, पुस्तक विमोचन जैसे आयोजन नई साहित्यिक कृतियों को पाठकों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे साहित्य के प्रति रुचि बढ़ती है और लेखकों को भी अपनी रचनात्मक यात्रा आगे बढ़ाने का प्रोत्साहन मिलता है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पुस्तक के प्रकाशन को साहित्यिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
गरिमामय वातावरण में हुआ कार्यक्रम
पूरे कार्यक्रम का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया। संत-मंडली, साहित्यकारों, समाजसेवियों और पाठकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
अतिथियों ने लेखक ओमप्रकाश मेहरा की कृति के लिए शुभकामनाएं दीं और पुस्तक के सफल होने की कामना की। वहीं, लेखक ने भी सभी सहयोगियों और उपस्थित लोगों का आभार जताया।
कुल मिलाकर, भोपाल में प्रसिद्ध लेखक ओमप्रकाश मेहरा द्वारा लिखित पुस्तक ‘मेरे जज़्बात (कुछ छुए, कुछ अनछुए पहलू)’ का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। मध्य प्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग ने पुस्तक का विमोचन किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि, संत-मंडली, समाजसेवी, साहित्यकार और पाठक मौजूद रहे। इस अवसर पर पुस्तक की विषयवस्तु और उसके उद्देश्य पर चर्चा हुई।
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ऐसी पुस्तकें समाज में संवेदनशीलता, मानवता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं। वहीं, लेखक ओमप्रकाश मेहरा ने कहा कि यह पुस्तक उनके दिल के बेहद करीब है और इसका उद्देश्य समाज में प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देना है।
पुस्तक अपने जीवन अनुभवों, भावनाओं और अनकहे पहलुओं के माध्यम से पाठकों को आत्मचिंतन की दिशा में प्रेरित करने का प्रयास करती है। यही वजह है कि ‘मेरे जज़्बात’ का विमोचन भोपाल के साहित्यिक और सामाजिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बना।

