ऊर्जा वेलनेस ग्रुप ने GSVM मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग को वाशिंग मशीन व बेडिंग्स दान कीं
रिपोर्ट – हरि शंकर शर्मा
कानपुर, 1 अक्टूबर 2026। बच्चों के स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में ऊर्जा वेलनेस ग्रुप की ओर से एक सराहनीय सामाजिक पहल की गई। ऊर्जा वेलनेस ग्रुप की नीवा डालमिया के नेतृत्व में समूह की टीम ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में पहुंचकर उपचाररत बच्चों और अस्पताल की व्यवस्थाओं के लिए उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई। इस दौरान अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 11 किलोग्राम क्षमता की सेमी-ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन दान की गई।
इस पहल के माध्यम से अस्पताल में बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाले कपड़ों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर साफ-सफाई का विशेष महत्व होता है। खासकर बाल रोग विभाग में भर्ती बच्चों के लिए स्वच्छ वातावरण संक्रमण से बचाव और बेहतर देखभाल की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वाशिंग मशीन उपलब्ध कराई गई।
पोषण पुनर्वास केंद्र में भी उपलब्ध कराए बेडिंग्स
ऊर्जा वेलनेस ग्रुप की टीम ने बाल रोग विभाग के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनसीआर) में भर्ती कुपोषित बच्चों के लिए भी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई। केंद्र में मौजूद सभी बिस्तरों के लिए नए गद्दे, चादरें और तकिए दिए गए। इससे उपचाराधीन बच्चों को अपेक्षाकृत अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
दरअसल, कुपोषण से जूझ रहे बच्चों के उपचार में दवाओं और चिकित्सकीय निगरानी के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण और पर्याप्त आराम भी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में बेडिंग्स उपलब्ध कराने की पहल बच्चों की देखभाल से जुड़ी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो सकती है।
थैलेसीमिया यूनिट में बच्चों से मिले सदस्य
कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा वेलनेस ग्रुप की टीम ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की थैलेसीमिया यूनिट का भी दौरा किया। यहां उपचाररत बच्चों को ताजे फल और ज्ञानवर्धक खिलौने वितरित किए गए। टीम के सदस्यों ने बच्चों के साथ समय बिताया और उनसे बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया।
फल वितरण के माध्यम से बच्चों के पोषण पर ध्यान देने का संदेश दिया गया, जबकि ज्ञानवर्धक खिलौनों के जरिए बच्चों को सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया गया। अस्पताल में लंबे समय तक उपचार लेने वाले बच्चों के लिए परिवार और चिकित्सकों के साथ-साथ समाज का भावनात्मक सहयोग भी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे प्रयास बच्चों के मनोबल को बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।
बच्चों के स्वास्थ्य और विकास के लिए सहयोग जरूरी : नीवा डालमिया
इस अवसर पर ऊर्जा वेलनेस ग्रुप की नीवा डालमिया ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और उनके सर्वांगीण विकास के लिए समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति और संस्था को आगे आकर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की बेहतर देखभाल केवल चिकित्सकीय व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छता, पोषण, शिक्षा और मानसिक उत्साह भी उनके विकास के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा वेलनेस ग्रुप भविष्य में भी बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण से जुड़े सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्था का प्रयास है कि जरूरतमंद बच्चों और उनके परिवारों को यथासंभव सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।
चिकित्सकों ने पहल की सराहना की
कार्यक्रम में बाल रोग विभाग से जुड़े चिकित्सक डॉ. यशवंत राय, डॉ. एस. के. गौतम, डॉ. अरुण आर्य, डॉ. अमितेश यादव और डॉ. अनुकृति सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। चिकित्सकों ने ऊर्जा वेलनेस ग्रुप की ओर से की गई इस पहल की सराहना की।
चिकित्सकों के अनुसार अस्पतालों में स्वच्छता, पोषण और बच्चों के मानसिक उत्साह को बढ़ावा देने वाले सामाजिक प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक संवेदनशील और मानवीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अस्पताल में उपचाररत बच्चों को केवल चिकित्सा सुविधा ही नहीं, बल्कि स्वच्छ वातावरण और आवश्यक सहयोग भी मिलना जरूरी है।
सामाजिक संस्थाओं से आगे आने की अपील
चिकित्सकों ने समाज से अपील की कि जरूरतमंद बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और उपचार में सहयोग के लिए सामाजिक संस्थाएं, स्वयंसेवी संगठन और सक्षम नागरिक आगे आएं। उनका कहना है कि सामूहिक प्रयासों से अस्पतालों में उपचाररत बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, ऊर्जा वेलनेस ग्रुप की यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को एक साथ जोड़ती नजर आई। वाशिंग मशीन के माध्यम से स्वच्छता व्यवस्था को सहयोग मिला, वहीं नए गद्दे, चादर और तकिए से पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों के आराम पर ध्यान दिया गया। इसके अलावा थैलेसीमिया यूनिट में फल और ज्ञानवर्धक खिलौनों का वितरण बच्चों के पोषण और मानसिक उत्साह को बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम रहा।
ऐसे सामाजिक प्रयास स्वास्थ्य संस्थानों और समाज के बीच सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। साथ ही, इससे यह संदेश भी मिलता है कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और भविष्य के लिए सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सामाजिक भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

