एटा में शराब की दुकानों पर महिलाओं का हंगामा, बोतलें बाहर फेंकीं; पुलिस ने संभाली स्थिति
रिपोर्ट: नंदू कश्यप
एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जैथरा थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर जहांगीराबाद में गुरुवार को शराब की दुकानों को लेकर महिलाओं का विरोध सामने आया। गांव की करीब 50 से अधिक महिलाएं देसी और कंपोजिट शराब की दुकानों पर पहुंचीं और वहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने दुकानों के ताले तोड़कर अंदर रखी शराब की बोतलें और पेटियां बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दीं। स्थिति बिगड़ती देख दोनों दुकानों के सेल्समैन मौके से चले गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद थाना जैथरा पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने महिलाओं को समझाकर शांत कराया, जिसके बाद हालात सामान्य हुए और दुकान संचालकों के कर्मचारी वापस मौके पर पहुंचे।
शराब की दुकानों को लेकर महिलाओं में नाराजगी
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की उपलब्धता के कारण कई परिवारों की आर्थिक और घरेलू स्थिति प्रभावित हो रही है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि परिवार के पुरुष सदस्य शराब का सेवन करते हैं, जिससे घर के जरूरी खर्चों पर असर पड़ता है। उनका यह भी कहना है कि शराब की आदत के कारण परिवारों में तनाव बढ़ रहा है और बच्चों की पढ़ाई तथा घर की अन्य जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।
महिलाओं ने इसी समस्या को लेकर शराब की दुकानों के खिलाफ विरोध जताया। उनका कहना था कि गांव में शराब की दुकानें नहीं होनी चाहिए। विरोध के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में लाठी-डंडे लेकर दुकानों तक पहुंचीं। हालांकि, घटना के दौरान किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है।
सेल्समैन ने ताला लगाकर बचाई स्थिति
देसी शराब की दुकान के सेल्समैन नरेंद्र कुमार के अनुसार, उन्होंने सुबह करीब 10 बजे दुकान खोली थी। कुछ समय बाद बड़ी संख्या में महिलाएं दुकान पर पहुंच गईं। महिलाओं को विरोध करते हुए देखकर उन्होंने दुकान के बाहर से ताला लगा दिया और वहां से चले गए।
नरेंद्र कुमार का कहना है कि उनके वहां से हटने के बाद महिलाओं ने दुकान का ताला तोड़ दिया। इसके बाद दुकान के अंदर रखी शराब की पेटियों को बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दिया गया। घटना के कारण मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
वहीं, कंपोजिट शराब की दुकान के सेल्समैन विपिन कुमार ने भी इसी तरह की घटना की जानकारी दी। उनके अनुसार, महिलाओं ने दुकान का ताला तोड़कर अंदर रखी शराब बाहर निकाल दी और दुकान में तोड़फोड़ की। स्थिति को देखते हुए वह भी मौके से चले गए।
पुलिस ने पहुंचकर संभाला मोर्चा
शराब की दुकानों पर महिलाओं के हंगामे की जानकारी मिलने पर सबसे पहले डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। भीड़ को देखते हुए थाना जैथरा पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया।
इसके बाद पुलिस ने महिलाओं को शांत कराया और मौके से हटाया। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति सामान्य हुई। घटना के बाद शराब की दुकानों के कर्मचारी भी वापस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी जुटाने के साथ ही घटना से जुड़े साक्ष्यों को भी देखा।
कैमरों में रिकॉर्ड हुई घटना
आबकारी विभाग के प्रभारी कुलदीप कुमार चौहान ने बताया कि मामला विभाग के संज्ञान में आया है। उनके अनुसार, शराब की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में महिलाओं द्वारा दुकान में प्रवेश करने, शराब की बोतलें बाहर निकालने और हंगामा करने की घटना रिकॉर्ड हुई है।
आबकारी प्रभारी के मुताबिक, उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर घटना में शामिल महिलाओं की पहचान की जाएगी। इसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विभाग की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
परिवारों पर शराब के असर को लेकर उठे सवाल
लालपुर जहांगीराबाद की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की उपलब्धता और उसके पारिवारिक प्रभाव को लेकर चर्चा तेज कर दी है। महिलाओं का कहना है कि शराब के कारण परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है और घरेलू जिम्मेदारियों को पूरा करने में परेशानी आती है।
हालांकि, शराब की दुकानों पर इस तरह विरोध और तोड़फोड़ करना कानूनन उचित नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में शिकायत और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। प्रशासन और आबकारी विभाग के सामने अब एक ओर महिलाओं की शिकायतों को समझने और दूसरी ओर दुकानों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।
फिलहाल पुलिस और आबकारी विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही गई है। इस घटना के बाद गांव में शराब की दुकानों को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

