संतकबीरनगर में ‘मीट एंड ग्रीट’ अभियान के तहत रोडवेज व स्लीपर बसों की सघन चेकिंग

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रिपोर्ट – शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी

संतकबीरनगर। माननीय न्यायालय के आदेश के अनुपालन में संतकबीरनगर पुलिस द्वारा यात्रियों की सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘मीट एंड ग्रीट’ अभियान चलाया गया। अभियान के तहत यातायात पुलिस ने जिले के प्रमुख मार्गों, बस स्टैंड और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर रोडवेज तथा स्लीपर बसों की सघन चेकिंग की। इस दौरान बसों के दस्तावेजों के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों की भी जांच की गई।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी यातायात अमित कुमार के पर्यवेक्षण में की गई। यातायात प्रभारी संतकबीरनगर परमहंस के नेतृत्व में यातायात पुलिस की टीम ने विभिन्न स्थानों पर बसों को रोककर निर्धारित नियमों के अनुसार उनकी जांच की।

परमिट और फिटनेस समेत जरूरी दस्तावेजों की जांच

अभियान के दौरान रोडवेज और स्लीपर बसों को रोककर उनके आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। पुलिस टीम ने बसों के परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र और चालक एवं परिचालक से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। इसके अलावा यह भी देखा गया कि संबंधित बसें निर्धारित यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन कर रही हैं या नहीं।

यातायात पुलिस ने बसों की स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बस संचालकों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वाहन का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए। साथ ही बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने से बचने और गति सीमा का पालन करने के लिए भी कहा गया।

यात्रियों की सुरक्षा पर रहा विशेष जोर

चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीम ने केवल वाहनों के दस्तावेजों की जांच तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया। बसों में आपातकालीन निकास व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने चालक और परिचालक को समझाया कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसलिए वाहन को निर्धारित गति सीमा में चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने और किसी भी स्थिति में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही बसों में यात्रा कर रहे यात्रियों को भी सुरक्षित यात्रा के संबंध में जागरूक किया गया। यात्रियों से अपील की गई कि वे यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामान्य स्थिति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई

चेकिंग के दौरान यातायात पुलिस ने बसों में निर्धारित सुरक्षा और यातायात मानकों का निरीक्षण किया। जिन वाहनों में नियमों अथवा निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया गया, उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार, ऐसे अभियानों का उद्देश्य वाहन चालकों और संचालकों को केवल नियमों के प्रति सचेत करना ही नहीं, बल्कि सड़क पर यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करना भी है। नियमित जांच से बस संचालकों में नियमों के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाने और यात्रियों को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

‘मीट एंड ग्रीट’ अभियान का उद्देश्य

‘मीट एंड ग्रीट’ अभियान के माध्यम से पुलिस और यात्रियों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने यात्रियों से सीधे संवाद कर उनकी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी।

वहीं, बस चालकों और परिचालकों को भी यह बताया गया कि यात्रियों की सुरक्षा में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्हें वाहन चलाते समय सावधानी बरतने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहन की तकनीकी स्थिति पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया।

आगे भी जारी रहेगी चेकिंग

संतकबीरनगर पुलिस ने कहा कि माननीय न्यायालय के आदेश के अनुपालन में ‘मीट एंड ग्रीट’ अभियान के अंतर्गत रोडवेज और स्लीपर बसों की चेकिंग तथा यात्रियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा के लिए वाहन चालकों, परिचालकों और यात्रियों—सभी की सहभागिता जरूरी है। इसलिए एक ओर जहां नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, वहीं दूसरी ओर यात्रियों और वाहन कर्मचारियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।

इस अभियान के जरिए पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि जिले में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बने। यात्रियों की सुरक्षा, यातायात नियमों का पालन और जिम्मेदार वाहन संचालन को प्राथमिकता देते हुए इस तरह की जांच और जागरूकता गतिविधियां निरंतर संचालित की जाएंगी।