हमीरपुर में छात्रों के समर्थन में आजाद समाज पार्टी का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत कई मांगें उठाईं
रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम
हमीरपुर: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को हमीरपुर में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ता जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचे और छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। इसके बाद पार्टी की ओर से राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में छात्रों से जुड़े मुद्दों, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और कथित पेपर लीक व भर्ती घोटालों पर कार्रवाई की मांग की गई।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
शनिवार को आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इसके लिए वे लंबे समय तक मेहनत करते हैं और कई बार आर्थिक संसाधन भी खर्च करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद छात्रों के भविष्य और उनके विश्वास को प्रभावित कर सकता है।
इसी वजह से पार्टी ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग उठाई।
राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद आजाद समाज पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
पार्टी ने मांग की कि यदि जांच में किसी अधिकारी की भूमिका नियमों के विपरीत पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
पार्टी नेताओं का कहना है कि छात्रों की शिकायतों को संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से सुना जाना चाहिए। इसके बजाय, उनके खिलाफ कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत सामने आने पर उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही, छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं का समाधान भी पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान उठाई गई राजनीतिक मांगें संबंधित पार्टी का पक्ष हैं। सरकार और संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई अलग प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर सख्त कार्रवाई की मांग
आजाद समाज पार्टी ने पेपर लीक और कथित भर्ती घोटालों के मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता से लाखों छात्रों की मेहनत प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ी की शिकायत सामने आती है, तो उसकी समयबद्ध जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही, जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
पार्टी ने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर भी सुधार की आवश्यकता बताई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।
सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग
ज्ञापन में सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि युवाओं को भर्ती प्रक्रिया के प्रत्येक चरण के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
परीक्षा आयोजन, परिणाम, चयन प्रक्रिया और नियुक्ति से जुड़े मामलों में स्पष्ट नियम और समयसीमा निर्धारित किए जाने की मांग उठाई गई। इसके अलावा, भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिकायत के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की बात भी कही गई।
पार्टी का कहना है कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं का सरकारी परीक्षाओं पर विश्वास मजबूत होगा।
परीक्षा शुल्क समाप्त करने की मांग
आजाद समाज पार्टी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगने वाले परीक्षा शुल्क को समाप्त करने की मांग भी उठाई। पार्टी नेताओं का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए बार-बार परीक्षा शुल्क जमा करना कठिन हो सकता है।
उनका कहना है कि यदि कोई छात्र कई प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होता है, तो उसे प्रत्येक परीक्षा के लिए शुल्क देना पड़ता है। इसलिए परीक्षा शुल्क को लेकर सरकार को छात्रों के हित में विचार करना चाहिए।
हालांकि, परीक्षा शुल्क से संबंधित किसी भी नीति में बदलाव का निर्णय सरकार और संबंधित परीक्षा संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र में आता है।
रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती की मांग
ज्ञापन में सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर समयबद्ध भर्ती की मांग भी शामिल रही। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकारी विभागों में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया को लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि रिक्त पदों की पहचान कर भर्ती प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की जाए। इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी को भी दूर किया जा सकेगा।
इसके साथ ही, पार्टी ने वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग की। पार्टी नेताओं का कहना है कि भर्ती कैलेंडर जारी होने से अभ्यर्थियों को आगामी परीक्षाओं की जानकारी पहले से मिल सकेगी और वे बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
आंदोलन को व्यापक करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
पार्टी का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि परीक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और छात्रों की शिकायतों पर प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।
हालांकि, आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर पार्टी की ओर से भविष्य की रणनीति की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रशासन ने ज्ञापन शासन स्तर तक भेजने का आश्वासन दिया
प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने पार्टी का ज्ञापन प्राप्त किया। प्रशासन की ओर से ज्ञापन को शासन स्तर तक भेजने का आश्वासन दिया गया।
अब यह देखना होगा कि ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर संबंधित स्तर से क्या कार्रवाई होती है। साथ ही, जंतर-मंतर पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।
प्रदर्शन में पार्टी पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रामबाबू, चित्रकूट मंडल प्रभारी हसन खान (गोलू) समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पार्टी नेताओं ने कहा कि छात्रों की समस्याओं और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाना जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा और भर्ती व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएं।
कुल मिलाकर, हमीरपुर में हुआ यह प्रदर्शन छात्रों के समर्थन और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर आयोजित किया गया। पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, कथित पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर कार्रवाई, परीक्षा शुल्क समाप्त करने, रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती और वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने समेत कई मांगें उठाईं।

