हमीरपुर से जम्मूतवी तक नई ट्रेन की मांग, डीएम को सौंपा ज्ञापन; जानिए प्रस्तावित रूट और ठहराव
रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम
हमीरपुर: बुंदेलखंड क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को और बेहतर करने की मांग लगातार उठ रही है। इसी क्रम में हमीरपुर में मैहर से जम्मूतवी तक नई ट्रेन चलाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से ‘मां शारदा वैष्णव देवी धाम एक्सप्रेस’ नाम से नई ट्रेन चलाने की मांग रखी गई है। मांग करने वालों का कहना है कि इस रेल सेवा के शुरू होने से हमीरपुर सहित बुंदेलखंड के यात्रियों को दिल्ली और जम्मू की ओर आने-जाने में सुविधा मिल सकती है।
ज्ञापन में प्रस्तावित ट्रेन को मैहर से जम्मूतवी तक चलाने और रास्ते में प्रमुख धार्मिक, व्यावसायिक तथा क्षेत्रीय स्टेशनों पर ठहराव देने की मांग की गई है। इसके तहत मैहर, सतना, चित्रकूट, बांदा, रागौल, सुमेरपुर, हमीरपुर रोड और कानपुर को संभावित ठहराव के रूप में शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
मैहर से जम्मूतवी तक ट्रेन चलाने की मांग
ज्ञापन सौंपने वालों के मुताबिक, बुंदेलखंड के लोगों को जम्मू, दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए कई बार अलग-अलग माध्यमों का सहारा लेना पड़ता है। विशेष रूप से हमीरपुर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए सीधी रेल सेवा उपलब्ध होने से यात्रा आसान हो सकती है।
वर्तमान रेल नेटवर्क में हमीरपुर रोड, सुमेरपुर, रागौल, बांदा, चित्रकूट और मैहर जैसे स्टेशन रेल मार्ग से जुड़े हुए हैं। उदाहरण के तौर पर बेतवा एक्सप्रेस के रूट में कानपुर सेंट्रल से हमीरपुर रोड, भरवा सुमेरपुर, रागौल, बांदा, चित्रकूटधाम कर्वी, सतना और मैहर जैसे स्टेशन शामिल हैं।
ऐसे में नई ट्रेन के प्रस्तावित संचालन को लेकर मांग करने वालों का तर्क है कि मौजूदा रेल नेटवर्क का उपयोग करते हुए बुंदेलखंड को जम्मू क्षेत्र से जोड़ने वाली सेवा यात्रियों के लिए उपयोगी हो सकती है।
‘मां शारदा वैष्णव देवी धाम एक्सप्रेस’ नाम रखने का सुझाव
ज्ञापन में प्रस्तावित ट्रेन का नाम ‘मां शारदा वैष्णव देवी धाम एक्सप्रेस’ रखने का सुझाव दिया गया है। नाम के जरिए मैहर और वैष्णो देवी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को एक रेल सेवा के माध्यम से जोड़ने की भावना व्यक्त की गई है।
मैहर क्षेत्र मां शारदा मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, जबकि जम्मू-कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी धाम देशभर के श्रद्धालुओं के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में प्रस्तावित ट्रेन को धार्मिक यात्रियों के साथ-साथ सामान्य यात्रियों के लिए भी उपयोगी बताया गया है।
इन स्टेशनों पर ठहराव की मांग
ज्ञापन में प्रस्तावित ट्रेन के लिए जिन स्टेशनों पर ठहराव की मांग की गई है, उनमें मैहर, सतना, चित्रकूट, बांदा, रागौल, सुमेरपुर, हमीरपुर रोड और कानपुर प्रमुख हैं।
इन स्टेशनों का चयन क्षेत्रीय यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किए जाने की मांग रखी गई है। खासतौर पर हमीरपुर रोड, सुमेरपुर और रागौल जैसे स्टेशनों पर ठहराव होने से आसपास के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के यात्रियों को भी रेल सेवा का लाभ मिल सकता है।
वर्तमान में कानपुर और हमीरपुर रोड के बीच भी नियमित रेल सेवाएं संचालित होती हैं। इसी मार्ग पर चित्रकूट और बांदा की ओर जाने वाली सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
दिल्ली और जम्मू जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद
ज्ञापन में कहा गया है कि हमीरपुर और आसपास के क्षेत्रों से दिल्ली तथा जम्मू की यात्रा करने वाले लोगों को कई बार कानपुर या झांसी जैसे बड़े स्टेशनों से ट्रेन पकड़नी पड़ती है। इससे यात्रियों को अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ता है।
मांग करने वालों के अनुसार, यदि मैहर से जम्मूतवी के बीच प्रस्तावित नई ट्रेन का संचालन होता है और इसमें हमीरपुर रोड समेत प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव मिलता है, तो क्षेत्र के यात्रियों को अपने नजदीकी स्टेशन से लंबी दूरी की यात्रा करने का विकल्प मिल सकता है।
हालांकि, प्रस्तावित ट्रेन के संचालन, रूट, समय और ठहराव को लेकर अंतिम निर्णय रेलवे स्तर पर होना है। इसलिए फिलहाल इसे क्षेत्रीय लोगों की मांग और प्रस्ताव के रूप में ही देखा जा रहा है।
व्यापार और शिक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण बताया
ज्ञापन में नई ट्रेन की जरूरत को केवल यात्रियों और धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें व्यापार, शिक्षा और रोजगार के लिहाज से भी बेहतर रेल कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण बताया गया है।
बुंदेलखंड के व्यापारी दिल्ली जैसे बड़े बाजारों से जुड़े हैं। वहीं, छात्र और युवा उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दिल्ली, कानपुर तथा अन्य शहरों की यात्रा करते हैं। ऐसे में लंबी दूरी की सीधी ट्रेन उपलब्ध होने पर इन वर्गों के लिए यात्रा के विकल्प बढ़ सकते हैं।
इसके अलावा, चित्रकूट और मैहर जैसे धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली प्रस्तावित रेल सेवा पर्यटन गतिविधियों के लिए भी उपयोगी होने का दावा किया गया है।
रेल मंत्री और रेलवे अधिकारियों को भेजा गया ज्ञापन
मांग को आगे बढ़ाने के लिए रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड और संबंधित रेलवे अधिकारियों को भी ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों ने रेलवे से प्रस्ताव पर विचार करने और क्षेत्र की यात्रियों की जरूरतों के आधार पर नई ट्रेन चलाने की दिशा में पहल करने का अनुरोध किया है।
हमीरपुर रोड रेलवे स्टेशन की सदस्य सलाहकार समिति के सदस्य कपिल देव सिंह ने क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, अधिवक्ता उदय नारायण ने भी प्रस्तावित ट्रेन को बुंदेलखंड के लिए उपयोगी बताते हुए मांग को रेलवे के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने की बात कही।
यात्रियों को समय और खर्च बचने की उम्मीद
नई ट्रेन की मांग के पीछे सबसे बड़ा तर्क यात्रियों के समय और अतिरिक्त खर्च को कम करना बताया गया है। वर्तमान में लंबी दूरी की यात्रा के लिए दूसरे बड़े स्टेशनों तक पहुंचने की जरूरत पड़ने पर यात्रियों को पहले स्थानीय यात्रा करनी पड़ती है और इसके बाद लंबी दूरी की ट्रेन पकड़नी होती है।
ऐसे में प्रस्तावित मां शारदा वैष्णव देवी धाम एक्सप्रेस को लेकर स्थानीय स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि यदि रेलवे इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करता है तो हमीरपुर और बुंदेलखंड के यात्रियों को दिल्ली तथा जम्मू क्षेत्र से बेहतर रेल संपर्क मिल सकता है।
फिलहाल नई ट्रेन का संचालन रेलवे की स्वीकृति और तकनीकी-व्यावहारिक आकलन पर निर्भर करेगा। आने वाले समय में रेलवे की ओर से प्रस्ताव पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर यात्रियों और क्षेत्रवासियों की नजर रहेगी।

