लखनऊ के गमला कांड की आई याद: बागपत में POLICE लिखी कार से पौधा किया गया चोरी, CCTV में कैद हुई घटना – एक बार जरूर पढ़ें
रिपोर्ट – हैदर मलिक
बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से पौधा चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का कथित वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। सामने आए फुटेज के मुताबिक, सफेद रंग की वैगनआर कार एक्सप्रेस-वे पर रुकती दिखाई देती है। इसके बाद कार से एक व्यक्ति नीचे उतरता है और सड़क किनारे लगाए गए पौधे को उखाड़कर कार में रखता नजर आता है। फिर वह कार से वहां से रवाना हो जाता है।
यह घटना बागपत में अग्रवाल मंडी टटीरी और बड़ौत के बीच दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर हुई बताई जा रही है। मामले का वीडियो सामने आने के बाद यह घटना चर्चा में है। हालांकि, फुटेज में दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान और कार पर लिखे ‘POLICE’ शब्द के आधार पर उसके किसी पुलिस विभाग से संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
CCTV में कैद हुई पौधा चोरी की घटना
सामने आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दिल्ली की दिशा से आती हुई एक सफेद रंग की वैगनआर कार एक्सप्रेस-वे पर रुकती है। कार पर बड़े अक्षरों में POLICE लिखा हुआ दिखाई देता है। कुछ देर रुकने के बाद एक व्यक्ति वाहन से बाहर आता है।
इसके बाद वह सड़क किनारे कॉरिडोर की हरियाली के लिए लगाए गए पौधों में से एक को उखाड़ता है। पौधे को लेकर वह वापस कार की ओर जाता है और उसे वाहन में रख देता है। इसके बाद कार वहां से आगे बढ़ जाती है।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसकी चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पौधा किस उद्देश्य से ले जाया गया और इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से कोई कार्रवाई की गई है या नहीं।
POLICE लिखी कार ने खींचा ध्यान
इस मामले में सबसे अधिक चर्चा कार पर लिखे POLICE शब्द को लेकर हो रही है। वीडियो में कार सफेद रंग की दिखाई दे रही है और उसके पीछे की ओर POLICE लिखा नजर आता है। हालांकि, केवल वाहन पर किसी विभाग का नाम लिखे होने से यह साबित नहीं होता कि वाहन सरकारी है या उसमें सवार व्यक्ति संबंधित विभाग का कर्मचारी है।
इसलिए घटना में शामिल व्यक्ति की पहचान और वाहन की वास्तविक स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है तो मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
लखनऊ के गमला कांड की याद हुई ताजा
बागपत की इस घटना ने लखनऊ में सामने आई गमला चोरी की घटना की याद भी ताजा कर दी है। मई 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में लखनऊ में सार्वजनिक स्थान से गमला चोरी किए जाने की घटना का उल्लेख किया था। उन्होंने बताया था कि सीसीटीवी में महंगी कार से आए लोगों द्वारा करीब 45 रुपये का गमला ले जाने की घटना सामने आई थी।
उस घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक संपत्ति और शहर के सौंदर्यीकरण के लिए लगाए गए सामान की सुरक्षा तथा नागरिक जिम्मेदारी पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि लोग कम कीमत की ऐसी वस्तुएं खरीदकर भी अपने घर में लगा सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थानों से उन्हें ले जाना उचित नहीं है।
अब बागपत में एक्सप्रेस-वे की हरियाली के लिए लगाए गए पौधे को कथित तौर पर उखाड़कर ले जाने का वीडियो सामने आने के बाद दोनों घटनाओं की तुलना की जा रही है।
एक्सप्रेस-वे की हरियाली से जुड़ा मामला
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण और विकास के साथ सड़क के आसपास हरियाली को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर पौधे लगाए गए हैं। ऐसे में लगाए गए पौधों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।
पौधे सड़क की सुंदरता बढ़ाने के साथ पर्यावरणीय दृष्टि से भी उपयोगी होते हैं। यदि सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पौधों को नुकसान पहुंचाया जाता है या उन्हें हटा दिया जाता है, तो इससे संबंधित विभाग की ओर से किए जा रहे हरित प्रयास प्रभावित हो सकते हैं।
इसी वजह से बागपत की घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
फिलहाल सामने आए वीडियो के आधार पर घटना में पौधा उखाड़कर ले जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि और उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति तथा वाहन की पहचान के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
यदि संबंधित विभाग या पुलिस इस मामले में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई करती है, तो जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है। इसके जरिए वाहन की पहचान, उसका रूट और घटना में शामिल व्यक्ति तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पौधों और अन्य सुविधाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सड़क, एक्सप्रेस-वे, पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के लिए लगाए जाने वाले पौधे आम लोगों के लिए भी उपयोगी होते हैं।
ऐसे में लोगों से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने और उसकी सुरक्षा में सहयोग करने की अपेक्षा की जाती है। साथ ही, सीसीटीवी जैसी निगरानी व्यवस्था के माध्यम से इस तरह की घटनाओं पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण है।
बागपत के इस मामले में अब आगे की कार्रवाई संबंधित विभाग और पुलिस की जांच पर निर्भर करेगी। फिलहाल CCTV में कैद बताए जा रहे इस वीडियो ने सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा जरूर तेज कर दी है और लखनऊ की पिछली गमला चोरी की घटना की याद फिर से सामने आ गई है।

