बांदा में सड़क सुरक्षा समिति की हुई बैठक, पढ़िए दुर्घटनाओं में कमी के लिए लिया गया यह फैसला

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रिपोर्ट – शैलेन्द्र शानू वर्मा 

बांदा: जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एडीएम वित्त एवं राजस्व कुमार धर्मेंद्र ने की। इस दौरान राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान और वहां आवश्यक सुधार कराने पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में अधिकारियों ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों की समीक्षा की। साथ ही, जिले को जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए संबंधित सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि राजमार्गों पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सड़क किनारे अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और नियमों का उल्लंघन दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।

इसलिए, सड़क सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए ऐसे स्थानों को चिन्हित करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर वहां सुरक्षा से जुड़े उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने पर भी चर्चा हुई।

अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल घटना के बाद राहत और बचाव कार्य पर्याप्त नहीं हैं। बल्कि, दुर्घटनाओं की संभावनाओं को पहले से पहचानकर निवारक कदम उठाना अधिक आवश्यक है।

हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स के कार्यों की समीक्षा

बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने डिस्ट्रिक्ट हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स और डेडिकेटेड हाईवे सर्वेलेंस टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा की वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया।

अपर पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजमार्गों पर नियमित निगरानी बढ़ाई जाए। विशेष रूप से ऐसे स्थानों पर ध्यान दिया जाए, जहां भारी वाहनों की अवैध पार्किंग या सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने के कारण यातायात प्रभावित होता है।

इसके साथ ही, सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि राजमार्गों पर यातायात की सुगम आवाजाही के लिए सड़क के किनारों को अतिक्रमण और अनधिकृत पार्किंग से मुक्त रखना जरूरी है।

अवैध पार्किंग और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों पर कार्रवाई

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध पार्किंग और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों की समस्या पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि कई बार सड़क किनारे खड़े वाहन अन्य वाहन चालकों के लिए दृश्यता और आवागमन में परेशानी पैदा करते हैं।

ऐसे में संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि अवैध पार्किंग के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाए। साथ ही, सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के संबंध में भी नियमों के अनुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा, दुर्घटना संभावित स्थानों का चिन्हीकरण कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने पर भी जोर दिया गया। इन स्थानों पर संकेतक, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा करने की बात कही गई।

ओवरलोडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाने पर सख्ती

एडीएम वित्त एवं राजस्व कुमार धर्मेंद्र ने वाहनों की ओवरलोडिंग और गलत दिशा में वाहन संचालन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

उन्होंने शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर भी नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत किया जाना आवश्यक है। इसलिए, संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

ढाबों, होटलों और पेट्रोल पंपों के सामने यातायात व्यवस्था पर ध्यान

बैठक में सड़क किनारे स्थित ढाबों, होटलों, पेट्रोल पंपों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सामने यातायात व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई।

अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ऐसे स्थानों पर वाहनों की आवाजाही और पार्किंग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सड़क किनारे अनियंत्रित तरीके से वाहन खड़े होने से यातायात बाधित हो सकता है और दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है।

इसलिए, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्यों को लेकर भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि दुर्घटना की स्थिति में एंबुलेंस, क्रेन और पुलिस रिस्पांस वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

समय पर राहत और बचाव व्यवस्था उपलब्ध होने से दुर्घटना के बाद प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता मिल सकती है। इसलिए, संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा, हाईवे पेट्रोलिंग व्यवस्था को भी सतर्क और सक्रिय रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि राजमार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग से यातायात नियमों के उल्लंघन और अन्य समस्याओं पर समय रहते कार्रवाई की जा सकती है।

CCTV और तकनीकी माध्यमों से निगरानी

बैठक में सड़क सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरों, एटीएमएस और ई-चालान प्रणाली के माध्यम से निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

तकनीकी निगरानी के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन पर नजर रखी जा सकती है। इसके अलावा, ई-चालान प्रणाली के माध्यम से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है।

अधिकारियों ने संयुक्त प्रवर्तन दल को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराया जा सके।

जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान को सफल बनाने पर जोर

बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान, यातायात नियमों का प्रवर्तन, सड़क सुरक्षा जागरूकता और त्वरित राहत व्यवस्था जैसे बिंदुओं पर ध्यान देने की बात कही गई।

अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लगातार निगरानी और प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है। साथ ही, वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी महत्वपूर्ण है।

बैठक में अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को लेकर विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा और कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कई अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग, एआरटीओ श्यामलाल, यातायात प्रभारी महेंद्र प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया और जिले में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए समन्वित प्रयास करने पर सहमति जताई। अब संबंधित विभागों को दिए गए निर्देशों के आधार पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

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