लखनऊ: दिव्या मित्तल के राजनीति में आने पर ओपी राजभर का बयान, बोले- IAS बनना आसान, MLA बनना मुश्किल
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में प्रवेश के ऐलान के बाद नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। इसी क्रम में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दिव्या मित्तल के राजनीतिक कदम पर टिप्पणी की है। राजभर ने कहा कि आईएएस बनना आसान है, लेकिन विधायक बनना बहुत मुश्किल काम है। उनका यह बयान मंगलवार को सामने आया।
दरअसल, दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर 2026 को एक वीडियो संदेश के जरिए राजनीति में प्रवेश करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी और उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी। उनके इस ऐलान के बाद प्रदेश की राजनीति में उनके अगले कदम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
दिव्या मित्तल ने राजनीति में प्रवेश का किया ऐलान
पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अपने भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में आएंगी, लेकिन किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जुड़ेंगी। उनका कहना है कि वह लोगों के साथ मिलकर एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच तैयार करना चाहती हैं।
दिव्या मित्तल वर्ष 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रही हैं। प्रशासनिक सेवा से उनका इस्तीफा 30 अगस्त 2026 को आया था और 15 सितंबर से उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था। उन्होंने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली थीं।
अपने वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीति के जरिए वह लोगों की आवाज को व्यापक स्तर पर उठाना चाहती हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए यहीं से अपनी नई राजनीतिक यात्रा शुरू करने की बात कही है।
ओपी राजभर ने क्या कहा?
दिव्या मित्तल के राजनीतिक प्रवेश को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि आईएएस बनना आसान है, लेकिन विधायक बनना बहुत मुश्किल है। राजभर के मुताबिक, चुनावी राजनीति में आने वाले व्यक्ति को जनता के बीच रहकर काम करना पड़ता है और राजनीतिक प्रक्रिया में अलग तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
राजभर ने राजनीति में धन के बढ़ते प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जिसके पास पैसा आता है, वह राजनीति में आने की इच्छा रखता है। हालांकि, उनके बयान का यह हिस्सा राजनीतिक प्रक्रिया और चुनावी राजनीति में धन की भूमिका को लेकर उनकी टिप्पणी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
राजनीति और प्रशासनिक सेवा में अंतर पर चर्चा
ओपी राजभर के बयान के बाद एक बार फिर प्रशासनिक सेवा और चुनावी राजनीति की प्रकृति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। प्रशासनिक सेवा में अधिकारी संवैधानिक और सरकारी व्यवस्था के तहत जिम्मेदारियां निभाते हैं, जबकि विधायक के रूप में व्यक्ति को चुनाव के माध्यम से जनता का प्रतिनिधित्व करना होता है।
इसी अंतर की ओर इशारा करते हुए राजभर ने आईएएस और विधायक बनने की प्रक्रिया को अलग-अलग बताया। उनका बयान ऐसे समय आया है जब पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने सक्रिय राजनीति में प्रवेश की घोषणा की है।
हालांकि, दिव्या मित्तल ने अभी किसी राजनीतिक दल से जुड़ने की घोषणा नहीं की है। उन्होंने स्वतंत्र रूप से जनता के साथ राजनीतिक मंच बनाने की बात कही है। इसलिए उनके राजनीतिक सफर की आगे की दिशा को लेकर अभी कोई अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है।
दिव्या मित्तल ने किन मुद्दों का किया जिक्र?
राजनीति में प्रवेश की घोषणा करते हुए दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक अनुभवों से जुड़े कई मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, स्कूलों, सड़क और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े अनुभवों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रशासन में काम करने के दौरान उन्हें कई ऐसी परिस्थितियां देखने को मिलीं, जहां संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए।
उन्होंने यह भी कहा कि वह राजनीति में लोगों के साथ मिलकर काम करना चाहती हैं। उनके अनुसार, राजनीति का उद्देश्य जनता की समस्याओं को उठाना और व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाना होना चाहिए।
धन और राजनीति पर भी बोले राजभर
ओपी राजभर ने अपने बयान में राजनीति में बढ़ते धन के प्रभाव को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि आज के समय में पैसा आने के बाद कई लोग राजनीति में आने की इच्छा रखते हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब दिव्या मित्तल ने बिना किसी राजनीतिक दल के अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने की बात कही है।
दूसरी ओर, दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो संदेश में चुनावी राजनीति में इस्तेमाल होने वाले धन, बाहुबल और जाति-धर्म के समीकरणों से अलग राजनीति करने की बात कही है। उन्होंने लोगों के सहयोग के आधार पर राजनीतिक मंच तैयार करने की बात कही।
आगे क्या होगा दिव्या मित्तल का राजनीतिक सफर?
दिव्या मित्तल के राजनीति में प्रवेश की घोषणा के बाद अब सबसे बड़ा सवाल उनकी राजनीतिक गतिविधियों और संगठनात्मक ढांचे को लेकर है। फिलहाल उन्होंने किसी राजनीतिक दल में शामिल होने से इनकार किया है और उत्तर प्रदेश से स्वतंत्र राजनीतिक यात्रा शुरू करने की बात कही है।
वहीं, ओपी राजभर की टिप्पणी ने इस घटनाक्रम को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले समय में दिव्या मित्तल किस तरह अपना राजनीतिक मंच तैयार करती हैं और जनता के बीच किन मुद्दों को लेकर जाती हैं, यह उनके नए राजनीतिक सफर की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण पहलू होगा।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि प्रशासनिक सेवा से राजनीति की ओर दिव्या मित्तल का कदम उत्तर प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में एक नया घटनाक्रम है, जिस पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राजभर की टिप्पणी इसी क्रम का हिस्सा है।

