मथुरा में छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, मांट तहसील का घेराव कर उठाए ये सवाल
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: छात्रों के समर्थन और विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मथुरा के मांट तहसील क्षेत्र में प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने महंगाई, भ्रष्टाचार, चढ़ावे और चंदे से जुड़े आरोपों तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी पहले मांट क्षेत्र स्थित राधे कृष्णा फार्म हाउस के बाहर एकत्रित हुए। इसके बाद जुलूस के रूप में तहसील मुख्यालय की ओर रवाना हुए। तहसील मुख्यालय पहुंचने पर पुलिस बल पहले से तैनात था। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को तहसील परिसर के अंदर जाने से रोका गया। इसके बाद मुख्य द्वार के बाहर ही प्रदर्शन सभा में बदल गया।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, महंगाई और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
मांट तहसील पर हुए प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा और भर्ती से जुड़े मामलों में युवाओं को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग भी उठाई।
जंतर-मंतर पर छात्रों की कार्रवाई का विरोध
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं पर संवाद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं और छात्रों से जुड़ा है।
हालांकि, दिल्ली में हुए घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के अपने-अपने दावे हैं। कांग्रेस ने इसे छात्रों के अधिकारों से जोड़ते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
पेपर लीक को लेकर सरकार पर निशाना
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए कहा कि जो सरकार पेपर लीक नहीं रोक सकती, उसे जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को पेपर लीक जैसी घटनाओं से आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पार्टी का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। छात्रों को लंबे समय तक तैयारी करने के बाद परीक्षा में शामिल होना पड़ता है, इसलिए किसी भी अनियमितता का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है।
धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग भी उठाई। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार प्रभावी कार्रवाई नहीं करती है, तो विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगा।
कांग्रेस की ओर से कहा गया कि छात्रों के हितों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
महंगाई और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया
कांग्रेस के प्रदर्शन में छात्रों के अलावा महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आम जनता महंगाई के कारण परेशान है।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार से आम लोगों को राहत देने की मांग की। उनका कहना है कि रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ता है।
इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
मंदिर के चढ़ावे और चंदे को लेकर भी लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धार्मिक स्थलों के चढ़ावे और चंदे से जुड़े मामलों को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता होनी चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने अपने संबोधन में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और चंदे को लेकर भी सरकार पर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जनता को हर मामले में स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए इन आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही हो सकती है।
तहसील मुख्यालय पर पुलिस ने रोका
प्रदर्शनकारी राधे कृष्णा फार्म हाउस के बाहर एकत्रित होने के बाद जुलूस के रूप में तहसील मुख्यालय पहुंचे। तहसील मुख्यालय के प्रवेश द्वार पर भारी पुलिस बल तैनात था।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तहसील परिसर के अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य द्वार के बाहर ही सभा आयोजित कर अपनी बात रखी।
प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया गया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, ये सभी आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक अध्यक्ष ने किया
प्रदर्शन और सभा का संचालन मांट ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरदेव सिंह ने किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों को उठाने की बात कही।
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इसके अलावा, बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने छात्रों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाई।
बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हुए शामिल
प्रदर्शन में पूर्व अध्यक्ष विक्रम वाल्मीकि, शिवदत्त चतुर्वेदी, हरिओम उपाध्याय, गंगा शरण दीक्षित, खचेरमाल प्रधान, करविंदर सिंह, धर्मवीर सिंह, सुशील कुमार, सतीश चंद्र दुबे, जयगोपाल शर्मा, चंद्र मोहन शर्मा, सतवीर शर्मा, प्रमोद पाठक सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा, हाशिम ह्यूमर, रवि खरे, अजीम शाह, बालवीर प्रधान, हाकिम सिंह छोकर, टिंकू धनगर, धर्मेंद्र सिंह प्रधान, अमित दीक्षित, राजेश सारस्वत, उमेश शर्मा, आसिफ कुरैशी, ठाकुर भगवान सिंह, दीपक सिंह, डॉ. आशुतोष भारद्वाज, चंदप्रकाश सिंह, मनीष चौधरी, मोहित चौधरी, लक्ष्मी नारायण, दिलशाद खान और राजेश कुमार समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया।
छात्रों के मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां तेज
मांट तहसील पर हुए प्रदर्शन के बाद छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया है।
विपक्षी दलों की ओर से लगातार शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाया जा रहा है। वहीं, सरकार की ओर से इन मुद्दों पर अपना पक्ष रखा जाता रहा है।
ऐसे में आने वाले दिनों में छात्र मुद्दे प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बने रह सकते हैं।
लोकतांत्रिक तरीके से विरोध का दावा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से किया गया। पार्टी का कहना है कि जनहित के मुद्दों को लेकर आवाज उठाना विपक्ष की जिम्मेदारी है।
वहीं, प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना रही। तहसील मुख्यालय पर पुलिस की तैनाती के बाद प्रदर्शनकारियों को मुख्य द्वार पर ही सभा करनी पड़ी।
कुल मिलाकर, मथुरा के मांट में कांग्रेस के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दों के साथ-साथ महंगाई, भ्रष्टाचार और अन्य राजनीतिक विषयों को प्रमुखता से उठाया गया। अब यह देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और सरकार की ओर से इन मुद्दों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

