महापौर-नगर आयुक्त की समीक्षा बैठक: जोन-3 में सफाई, जलभराव और विकास कार्यों पर अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: शहर के विकास कार्यों को गति देने तथा नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम में महापौर एवं नगर आयुक्त की संयुक्त अध्यक्षता में जोन-3 के पार्षदों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अभियंत्रण, राजस्व, स्वास्थ्य, जलकल, मार्ग प्रकाश तथा उद्यान विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की प्रमुख समस्याओं को विस्तार से रखा, जबकि संबंधित अधिकारियों ने उनके समाधान के लिए की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी।
बैठक की शुरुआत करते हुए महापौर ने कहा कि प्रत्येक पार्षद अपने वार्ड की विकास योजनाओं और जनसमस्याओं को क्रमवार प्रस्तुत करें, ताकि संबंधित विभाग तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कर सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक समस्या पर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए।
सफाई व्यवस्था और जलभराव रहे प्रमुख मुद्दे
बैठक में वार्ड-92 के पार्षद अवधेश त्रिपाठी ने बताया कि उनके क्षेत्र में पहले हर वर्ष जलभराव की गंभीर समस्या रहती थी। हालांकि, इस वर्ष सीओडी नाले के पक्के निर्माण के कारण स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके वार्ड में आरबीआई नाले के माध्यम से कई अन्य वार्डों का पानी भी निकलता है।
इसके साथ ही उन्होंने सफाई कर्मियों की कमी, बॉबकट मशीनों की अनुपलब्धता तथा अन्य संसाधनों के अभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएं तो सफाई व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनाई जा सकती है।
पार्षद ने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर वाहन निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचते हैं, जिससे नागरिकों को परेशानी होती है।
नगर आयुक्त ने दी नई सफाई व्यवस्था की जानकारी
पार्षदों की शिकायतों पर नगर आयुक्त ने बताया कि पूरे शहर में एक ही एजेंसी के माध्यम से सफाई व्यवस्था संचालित करने में कई व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही थीं।
वर्तमान में कार्यरत दोनों एजेंसियों का अनुबंध दो वर्ष पहले ही समाप्त हो चुका था और केवल समय-सीमा बढ़ाकर कार्य कराया जा रहा था। इसके कारण सफाई कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं हो पा रहा था।
उन्होंने जानकारी दी कि नगर निगम ने दो-दो जोन को मिलाकर नई निविदाएं जारी की हैं। जोन-2 और जोन-4 की निविदा प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है तथा दस्तावेजों का सत्यापन चल रहा है। अगले 15 से 20 दिनों में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और लगभग दो से ढाई महीने के भीतर नई एजेंसियां अपना कार्य शुरू कर देंगी।
नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि प्रत्येक वार्ड में चरणबद्ध तरीके से हाथ कूड़ा गाड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा जहां बॉबकट मशीनों की कमी है, वहां भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सफाई कर्मियों की भर्ती पर महापौर ने जताई चिंता
महापौर ने कहा कि यदि सेवानिवृत्त, मृतक अथवा स्थानांतरित सफाई कर्मियों के स्थान पर समय पर नई नियुक्तियां कर दी जातीं, तो सफाई व्यवस्था से जुड़ी अधिकांश समस्याएं स्वतः समाप्त हो जातीं। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ रखना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है।
इस पर नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि भर्ती कराने वाली एजेंसी का कार्यकाल दो वर्ष पहले समाप्त हो चुका है। इसी कारण नई नियुक्तियों में तकनीकी कठिनाइयां आ रही हैं। हालांकि, नई निविदा प्रक्रिया जारी है और उसके पूर्ण होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विकास कार्यों की नियमित समीक्षा के निर्देश
बैठक के दौरान महापौर ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और जिन परियोजनाओं में किसी प्रकार की बाधा आ रही है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्षदों द्वारा उठाई गई समस्याओं का समाधान केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका प्रभाव धरातल पर भी दिखाई देना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को जवाबदेह बनाते हुए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जनसुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर
बैठक में साफ-सफाई, जल निकासी, कूड़ा प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि नई सफाई व्यवस्था लागू होने के बाद डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, संसाधनों की उपलब्धता और सफाई व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का अनुरोध किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई निर्धारित समय में पूरी की जाएगी।
नगर निगम की यह संयुक्त समीक्षा बैठक शहर के विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
बैठक में सफाई व्यवस्था, जलभराव, कूड़ा प्रबंधन, संसाधनों की उपलब्धता और विकास परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। महापौर और नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर निगम का लक्ष्य प्रत्येक वार्ड में बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
यदि बैठक में लिए गए निर्णय तय समय के भीतर धरातल पर लागू होते हैं, तो आने वाले महीनों में जोन-3 सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में भी सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

