NEET पेपर लीक के विरोध में संसद परिसर में धरने पर बैठे चंद्रशेखर आजाद, आप सांसद मिलने पहुंचे
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद संसद परिसर में छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठे हैं। उनका यह विरोध प्रदर्शन NEET परीक्षा के कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में किया जा रहा है। मंगलवार से शुरू हुआ यह धरना बुधवार को भी जारी रहा।
इसी बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने संसद परिसर पहुंचकर चंद्रशेखर आजाद से मुलाकात की और उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया। संजय सिंह ने इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
छात्रों की मांगों के समर्थन में धरने पर बैठे हैं चंद्रशेखर आजाद
चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि देशभर के हजारों छात्र NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि छात्रों की आवाज को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। इसी कारण वे संसद परिसर में शांतिपूर्ण धरना देकर सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी प्राथमिकता होना चाहिए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
संजय सिंह ने जताया पूरा समर्थन
संजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,
“संसद परिसर में छात्रों की मांगों को लेकर धरने पर बैठे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद जी को मेरा पूर्ण समर्थन है। सोचिए, यह कैसी तानाशाही है कि एक सांसद को संसद परिसर में शौचालय तक इस्तेमाल नहीं करने दिया जा रहा। सड़क से लेकर संसद तक, प्रधानमंत्री का अहंकार देश की जनता और सांसद मिलकर तोड़ेंगे।”
इस पोस्ट के साथ साझा किए गए वीडियो में संजय सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद कई दिनों से संसद परिसर में दिन-रात धरने पर बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक सरकार की ओर से न तो कोई मंत्री और न ही कोई अधिकृत प्रतिनिधि उनसे मिलने आया है।
सरकार पर संवाद नहीं करने का आरोप
वीडियो में संजय सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद की मांग केवल इतनी है कि छात्रों के आंदोलन और उनकी मांगों को सरकार गंभीरता से सुने। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन सरकार की ओर से इस दिशा में कोई पहल दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई सांसद संसद परिसर में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहा है, तो उसकी बात सुनी जानी चाहिए।
शौचालय इस्तेमाल नहीं करने देने का दावा
धरने के दौरान यह दावा भी किया गया कि चंद्रशेखर आजाद को संसद परिसर में शौचालय का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस मुद्दे को लेकर संजय सिंह ने सरकार की आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताया।
हालांकि, इस दावे पर संसद प्रशासन या केंद्र सरकार की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
NEET मुद्दे पर जारी है विरोध
NEET परीक्षा को लेकर पिछले कुछ समय से विभिन्न छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
इसी आंदोलन के समर्थन में चंद्रशेखर आजाद संसद परिसर में धरने पर बैठे हैं। विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सरकार से छात्रों की बात सुनने और समाधान निकालने की अपील की है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
संसद परिसर में जारी इस धरने और लगाए गए आरोपों पर फिलहाल केंद्र सरकार या संसद प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में इस मामले में आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

