श्रावस्ती में पत्नी और बच्चों को बुलाने की मांग पर 200 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ा पति, दौड़ी चली आई पत्नी
रिपोर्ट- सूर्यप्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के इकौना कस्बे में शनिवार शाम एक पारिवारिक विवाद उस समय सार्वजनिक चिंता का विषय बन गया, जब एक व्यक्ति करीब 200 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया और नीचे उतरने से इनकार कर दिया।
उसने साफ कहा कि जब तक उसकी पत्नी और बच्चे मौके पर नहीं आएंगे, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगा। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा तथा कई घंटों तक समझाने का प्रयास चलता रहा।
आखिरकार पत्नी और बच्चों के पहुंचने के बाद पुलिस की कड़ी मशक्कत और समझदारी से व्यक्ति को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर मामला शांत कराया गया।
शाम होते ही मच गई अफरा-तफरी
यह घटना इकौना थाना क्षेत्र के आजाद नगर मोहल्ले की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार शाम अचानक स्थानीय निवासी नानकु (40 वर्ष) नगर की पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गया। जैसे ही लोगों की नजर उस पर पड़ी, पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।
सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और सबसे पहले आसपास सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। साथ ही स्थानीय लोगों से भी अपील की गई कि वे भीड़ न लगाएं और पुलिस के प्रयासों में सहयोग करें।
पत्नी और बच्चों को बुलाने की रखी शर्त
टंकी पर चढ़े व्यक्ति ने पुलिस और स्थानीय लोगों से कहा कि वह तभी नीचे उतरेगा, जब उसकी पत्नी और बच्चे मौके पर आएंगे। इसके चलते पुलिस ने परिजनों से संपर्क साधा और उन्हें घटनास्थल पर बुलाने का प्रयास शुरू किया।
हालांकि इस दौरान व्यक्ति लगातार टंकी पर डटा रहा। पुलिस अधिकारियों ने धैर्य बनाए रखते हुए उससे बातचीत जारी रखी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
पारिवारिक विवाद बताया जा रहा कारण
परिजनों के अनुसार, नानकु और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक मतभेद चल रहे थे। बताया गया कि करीब नौ महीने पहले हुए विवाद के बाद उसकी पत्नी बच्चों के साथ मायके चली गई थी। बाद में वह मुंबई भी चली गई थी और हाल ही में वापस लौटी थी।
शनिवार को वह घर से कहीं चली गई, जिसके बाद नानकु परेशान हो गया। इसी तनाव के चलते उसने पानी की टंकी पर चढ़ने जैसा कदम उठा लिया। हालांकि पुलिस ने पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ संभालते हुए किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई।
स्थानीय लोगों ने भी निभाई अहम भूमिका
घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। कई लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर नानकु को समझाने की कोशिश की। सभी उसे शांत रहने और सुरक्षित नीचे उतरने की सलाह देते रहे।
पुलिस ने भी लगातार संवाद बनाए रखा और परिजनों को जल्द से जल्द घटनास्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था की। इस दौरान अधिकारियों ने भीड़ को नियंत्रित रखने पर भी विशेष ध्यान दिया ताकि बचाव कार्य प्रभावित न हो।
पत्नी और बच्चों के पहुंचने के बाद बनी सहमति
काफी देर तक चले प्रयासों के बाद जब नानकु की पत्नी और बच्चे मौके पर पहुंचे, तब पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई। अधिकारियों ने परिवार को शांतिपूर्वक समझाया और विवाद का समाधान बातचीत से निकालने की सलाह दी।
इसके बाद नानकु भी नीचे उतरने के लिए तैयार हो गया। पुलिसकर्मियों ने पूरी सावधानी बरतते हुए उसे सुरक्षित नीचे उतारा। उसके नीचे आते ही मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
पुलिस की सूझबूझ से टला बड़ा संकट
इस पूरी घटना में पुलिस ने संयम और धैर्य का परिचय दिया। अधिकारियों ने किसी प्रकार का बल प्रयोग करने के बजाय बातचीत और समझाइश का रास्ता अपनाया। यही कारण रहा कि कई घंटों तक चले इस घटनाक्रम का अंत सुरक्षित तरीके से हुआ।
पुलिस ने बाद में पति-पत्नी के बीच आपसी बातचीत कराकर उन्हें भविष्य में विवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से करने की सलाह दी। दोनों पक्षों को समझाने के बाद मामला शांत हो गया।
पेशे से नाई है नानकु
जानकारी के अनुसार, नानकु पेशे से नाई है। उसकी शादी लगभग 16 वर्ष पहले हुई थी। परिवार में उसकी चार बेटियां और एक बेटा हैं। लंबे समय से चल रहे पारिवारिक मतभेद के कारण परिवार अलग-अलग रह रहा था, जिससे मानसिक तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस और प्रशासन मौके पर नहीं पहुंचते, तो स्थिति और अधिक जटिल हो सकती थी। वहीं, पुलिस की सतर्कता और परिवार की मौजूदगी से पूरे मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकल आया।
सामाजिक संदेश भी देता है यह मामला
विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक विवादों का समाधान बातचीत, आपसी विश्वास और कानूनी या सामाजिक परामर्श के माध्यम से किया जाना चाहिए। तनाव की स्थिति में जल्दबाजी में उठाए गए कदम न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार के लिए चिंता का कारण बन सकते हैं।
ऐसे मामलों में परिवार, रिश्तेदारों और समाज की सकारात्मक भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। समय पर संवाद स्थापित कर कई विवादों को बढ़ने से रोका जा सकता है।
श्रावस्ती के इकौना में हुई यह घटना कई घंटों तक लोगों की चर्चा का विषय बनी रही। हालांकि पुलिस, परिजनों और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और व्यक्ति को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
इसके बाद पति-पत्नी के बीच बातचीत कराकर विवाद को शांत कराया गया। यह घटना इस बात का भी संदेश देती है कि पारिवारिक मतभेदों का समाधान संवाद और समझदारी से निकालना ही सबसे बेहतर विकल्प है।

