कानपुर में GRP और RPF ने की संयुक्त कार्रवाई में सांसी गैंग का सदस्य गिरफ्तार, जानिए कौन है वो

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रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा

कानपुर: रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कानपुर में जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सांसी गैंग के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।

गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित 19 हजार रुपये की नकदी और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से अपने साथियों के साथ मिलकर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाता था।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी. के निर्देशन, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे एन. कोलांची के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रयागराज प्रशांत वर्मा की लगातार निगरानी में की गई। वहीं, पुलिस उपाधीक्षक कानपुर शेषमणि उपाध्याय के निकट पर्यवेक्षण में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस मामले का सफल अनावरण किया।

महिला यात्री की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12512 राप्तीसागर एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक महिला यात्री के ट्रॉली बैग से नकदी और अन्य सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। घटना सामने आने के बाद जीआरपी कानपुर सेंट्रल ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की।

पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रयागराज के निर्देश पर जीआरपी कानपुर सेंट्रल के प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने मामले के शीघ्र खुलासे के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया। इसके बाद तकनीकी और पारंपरिक दोनों माध्यमों का उपयोग करते हुए जांच को आगे बढ़ाया गया।

500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच

घटना के खुलासे के लिए जांच टीम ने लगभग 100 किलोमीटर के रेलवे रूट की मैपिंग की। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म, प्रवेश और निकास मार्गों सहित विभिन्न स्थानों पर लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया।

लगातार की गई निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। इसके बाद जीआरपी कानपुर सेंट्रल, आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल और सीआईबी विंग आरपीएफ की संयुक्त टीम ने आरोपी की तलाश तेज कर दी।

संयुक्त कार्रवाई में आरोपी गिरफ्तार

जांच के दौरान प्राप्त सुरागों के आधार पर संयुक्त पुलिस टीम ने थाना चकेरी क्षेत्र स्थित शताब्दी उद्यान मोड़ के पास दबिश देकर आरोपी अनिल (34 वर्ष) पुत्र वीरेंद्र उर्फ विजेंदर, निवासी ग्राम खाण्हा खेड़ी, थाना नारनौंद, जिला हांसी (हरियाणा) को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के समय आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित 19 हजार रुपये नकद तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। बरामदगी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पूछताछ में सामने आई महत्वपूर्ण जानकारी

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाता था। आरोपी के अनुसार गैंग के सदस्य यात्रियों से बातचीत कर उनका विश्वास जीतने की कोशिश करते थे और अवसर मिलते ही उनका सामान या नकदी चोरी कर लेते थे।

प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी से प्राप्त धनराशि का उपयोग गैंग के सदस्य अपने निजी खर्चों और नशे जैसी गतिविधियों में करते थे। हालांकि, पुलिस इस संबंध में विस्तृत जांच कर रही है और गैंग के अन्य सदस्यों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

सांसी गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

जीआरपी कानपुर सेंट्रल और आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। संयुक्त टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर निगरानी रख रही हैं।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी जीआरपी कानपुर सेंट्रल ने इसी गैंग से जुड़े शातिर आरोपी विक्रम सांसी को चोरी के मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। ऐसे में पुलिस का मानना है कि लगातार की जा रही कार्रवाई से रेलवे क्षेत्र में सक्रिय इस गैंग की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

रेलवे यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष फोकस

रेलवे पुलिस का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ट्रेनों, रेलवे स्टेशनों और प्लेटफॉर्म पर नियमित गश्त बढ़ाई गई है। इसके अतिरिक्त आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी निगरानी और सर्विलांस की सहायता से संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने सामान की सुरक्षा स्वयं सुनिश्चित करें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे या किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि का संदेह हो तो तत्काल जीआरपी, आरपीएफ अथवा रेलवे हेल्पलाइन पर सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

संयुक्त टीम की भूमिका रही अहम

इस सफल कार्रवाई में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्रवाई में आरपीएफ कानपुर सेंट्रल के प्रभारी सिद्धनाथ पाटीदार, सीआईबी विंग आरपीएफ के अमित चौधरी, जीआरपी के उपनिरीक्षक संदीप कुमार तिवारी, अर्पित तिवारी, अभिषेक शुक्ला, पीरज कुशवाहा, मुकुंद लाल यादव सहित हेड कांस्टेबल रमेश सोनकर, हरिपाल यादव, शिव सिंह, सतेंद्र सिंह, वैश खान, राजकमल वर्मा, दीपक यादव तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने सक्रिय योगदान दिया।

जीआरपी और आरपीएफ की यह संयुक्त कार्रवाई रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। तकनीकी जांच, व्यापक सीसीटीवी विश्लेषण और समन्वित अभियान के माध्यम से आरोपी की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आधुनिक जांच प्रणाली और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बेहद आवश्यक है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी रेलवे क्षेत्र में अपराध करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा का वातावरण मिल सके।

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