आईएमए कानपुर की ‘आयाम फाइनेंस मीट एवं भजन संध्या’ में चिकित्सकों को मिला निवेश और आध्यात्मिकता का संदेश
vikas chauhan July 18, 2026
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) कानपुर शाखा ने चिकित्सकों के व्यावसायिक और व्यक्तिगत विकास को ध्यान में रखते हुए एक अनूठे कार्यक्रम ‘आयाम फाइनेंस मीट एवं भजन संध्या’ का आयोजन किया।
वेस्टमेट इन्वेस्टमेंट सर्विस के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम परेड स्थित जितेन्द्र कुमार लोहिया ऑडिटोरियम, आईएमए भवन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों को आधुनिक वित्तीय प्रबंधन, निवेश योजना और दीर्घकालिक वेल्थ क्रिएशन के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आध्यात्मिक वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए कानपुर के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने की, जबकि संचालन और समापन की औपचारिकताओं में आईएमए सचिव डॉ. (प्रो.) शालिनी मोहन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सकों, चिकित्सा विशेषज्ञों और आमंत्रित अतिथियों की उपस्थिति रही।
आधुनिक निवेश और वित्तीय योजना पर विशेषज्ञों ने साझा किए महत्वपूर्ण विचार
कार्यक्रम का पहला सत्र पूरी तरह वित्तीय जागरूकता और निवेश प्रबंधन को समर्पित रहा। इस दौरान नुवामा (Nuvama) के प्रोडक्ट हेड रहेन्द्र प्रधान तथा लाइटहाउस कैंटन (Lighthouse Canton) के एमडी एवं हेड – ग्रोथ डेट अंकित अग्रवाल ने चिकित्सकों को बदलते आर्थिक परिवेश में निवेश की नई रणनीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि केवल आय अर्जित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे योजनाबद्ध तरीके से निवेश करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने स्मार्ट फाइनेंशियल प्लानिंग, एसेट एलोकेशन, वेल्थ क्रिएशन, जोखिम प्रबंधन और दीर्घकालिक निवेश जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने चिकित्सकों को यह भी समझाया कि विभिन्न वित्तीय साधनों में संतुलित निवेश करने से भविष्य की आर्थिक आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है। सत्र के अंत में प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए निवेश संबंधी प्रश्नों का भी विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।
वेल्थ क्रिएशन और वित्तीय अनुशासन पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में वेस्टमेट इन्वेस्टमेंट सर्विस के निदेशक प्रदीप सूर्यवंशी और निखिल दुबे ने चिकित्सकों को दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा और संपत्ति निर्माण के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि वित्तीय सफलता केवल अधिक कमाई पर निर्भर नहीं करती, बल्कि अनुशासित निवेश, स्पष्ट लक्ष्य और दीर्घकालिक योजना पर आधारित होती है।
उन्होंने चिकित्सकों को भविष्य की आवश्यकताओं, महंगाई, सेवानिवृत्ति योजना, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निवेश रणनीति बनाने की सलाह दी।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि बदलते आर्थिक परिदृश्य में समय-समय पर निवेश पोर्टफोलियो की समीक्षा करना आवश्यक है, ताकि जोखिम और लाभ के बीच उचित संतुलन बनाए रखा जा सके। उनके सुझावों और व्यावहारिक उदाहरणों को उपस्थित चिकित्सकों ने काफी सराहा।
चिकित्सकों ने पूछे निवेश से जुड़े सवाल
कार्यक्रम के दौरान संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सकों ने अपने व्यक्तिगत निवेश, कर योजना, दीर्घकालिक बचत और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे।
विशेषज्ञों ने सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से इन प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत किया। इस संवादात्मक चर्चा से प्रतिभागियों को न केवल निवेश संबंधी नई जानकारी मिली, बल्कि वे अपनी व्यक्तिगत वित्तीय योजनाओं को लेकर भी अधिक जागरूक हुए।
भजन संध्या ने बनाया आध्यात्मिक माहौल
वित्तीय जागरूकता सत्र के बाद कार्यक्रम का दूसरा भाग भजन संध्या के रूप में आयोजित किया गया। इस अवसर पर राजीव सक्सेना एवं श्वेता श्रीवास्तव की भजन मंडली ने भक्तिमय प्रस्तुतियों से पूरे सभागार को आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर कर दिया।
भजनों की मधुर प्रस्तुति ने उपस्थित चिकित्सकों और अतिथियों को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा, जिसने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
आईएमए पदाधिकारियों ने भी दी भजन प्रस्तुति
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण यह भी रहा कि आईएमए कानपुर के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा तथा आईएमए सचिव डॉ. (प्रो.) शालिनी मोहन ने भी भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी।
उनकी प्रस्तुतियों को उपस्थित चिकित्सकों और अतिथियों ने खूब सराहा। इससे कार्यक्रम में आत्मीयता और सहभागिता का भाव और अधिक मजबूत हुआ। उपस्थित लोगों ने इसे एक ऐसा आयोजन बताया जिसमें ज्ञान, संस्कृति और आध्यात्मिकता का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
चिकित्सकों के समग्र विकास की दिशा में सार्थक पहल
आईएमए कानपुर का मानना है कि चिकित्सकों का विकास केवल चिकित्सा ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। बदलते समय में वित्तीय साक्षरता, मानसिक संतुलन और सामाजिक सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
इसी उद्देश्य से इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां चिकित्सकों को अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ व्यक्तिगत वित्तीय प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी जानकारी प्राप्त हो सके।
बड़ी संख्या में चिकित्सक और गणमान्य अतिथि रहे उपस्थित
कार्यक्रम में आईएमए कानपुर के वैज्ञानिक सचिव डॉ. दीपक श्रीवास्तव, डॉ. ए. सी. अग्रवाल, डॉ. यू. सी. सिन्हा, डॉ. किरण सिन्हा, डॉ. बृजेन्द्र शुक्ला सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त वेस्टमेट इन्वेस्टमेंट सर्विस के निदेशक निखिल दुबे, प्रदीप सूर्यवंशी, सुशांत धवन और विराट तिवारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। बड़ी संख्या में चिकित्सकों और आमंत्रित अतिथियों की सहभागिता ने आयोजन को सफल बनाया।
वित्तीय जागरूकता और आध्यात्मिकता का संतुलित संदेश
कार्यक्रम के समापन पर आईएमए पदाधिकारियों ने कहा कि आज के समय में चिकित्सकों के लिए आर्थिक रूप से जागरूक होना उतना ही आवश्यक है, जितना कि अपने पेशे में दक्ष होना।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि व्यस्त जीवनशैली के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां मानसिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
‘आयाम फाइनेंस मीट एवं भजन संध्या’ ने यही संदेश दिया कि व्यावसायिक सफलता, वित्तीय अनुशासन और आध्यात्मिक संतुलन एक-दूसरे के पूरक हैं।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा दी गई वित्तीय जानकारी और भजन संध्या की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने इसे ज्ञान, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर आयोजन बना दिया। आईएमए कानपुर की यह पहल चिकित्सकों के समग्र विकास की दिशा में एक सार्थक प्रयास के रूप में सराही गई।

