कानपुर सिंचाई विभाग की एक और बड़ी लापरवाही – नहर सफाई की सिल्ट बीच सड़क पर डालने से लगा घंटों जाम

c48eaaf6-8d2c-42d1-b2f1-86a5a2f1319e

रिपोर्ट – विकास चौहान

कानपुर: शहर में नहर सफाई कार्य के दौरान एक बार फिर प्रशासनिक समन्वय की कमी सामने आई है। सिंचाई विभाग द्वारा नहर की सफाई से निकाली गई सिल्ट को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर रखने के बजाय व्यस्त मार्ग के किनारे और आंशिक रूप से सड़क पर ही डाल दिया गया।

इसके परिणामस्वरूप वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले नहर के ओवरफ्लो होने से क्षेत्र में जलभराव की समस्या पैदा हुई थी।

उस घटना के बाद अधिकारियों ने आवश्यक निर्देश दिए थे, फिर भी हालात में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह से ही सड़क के किनारे गीली सिल्ट और कूड़ा-जैसा मलबा जमा होने लगा।

जिसके कारण सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो गई और दोपहिया, ई-रिक्शा, ऑटो तथा अन्य वाहन धीमी गति से निकलने को मजबूर हुए। व्यस्त समय में इसका असर और बढ़ गया तथा कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं।

पहले जलभराव, अब सड़क पर सिल्ट

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हाल ही में नहर में पानी के ओवरफ्लो होने से आसपास के इलाकों में जलभराव हुआ था। उस समय लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ा था। घटना के बाद नगर आयुक्त ने नगर निगम और संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने तथा ऐसी स्थिति दोबारा न बनने देने के निर्देश दिए थे।

 लोगों का आरोप है कि नहर सफाई के दौरान निकाली गई सिल्ट को बीच सड़क के किनारे डालकर वही समस्या दूसरे रूप में दोहरा दी गई। उनका कहना है कि यदि सफाई कार्य के साथ-साथ सिल्ट के तत्काल उठान की व्यवस्था की जाती, तो यातायात प्रभावित नहीं होता।

यातायात पर पड़ा असर

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, सड़क पर जमा सिल्ट के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी, जबकि ई-रिक्शा और ऑटो चालकों को भी रास्ता निकालने में दिक्कत हुई। व्यस्त समय में सड़क संकरी होने से जाम जैसी स्थिति बन गई।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों का असर आसपास की दुकानों और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। उनका मानना है कि सफाई अभियान आवश्यक है, लेकिन इसके संचालन की योजना ऐसी होनी चाहिए जिससे आम लोगों को कम से कम असुविधा हो।

नागरिकों ने उठाए समन्वय पर सवाल

क्षेत्र के लोगों ने सवाल उठाया कि यदि पहले ही अधिकारियों द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके थे, तो उनके अनुपालन की निगरानी क्यों नहीं की गई। उनका कहना है कि नगर निगम और सिंचाई विभाग के बीच बेहतर समन्वय होने पर इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था।

नागरिकों का सुझाव है कि नहर सफाई के दौरान निकाली जाने वाली सिल्ट को सड़क पर लंबे समय तक न छोड़ा जाए। इसके बजाय, उसे निर्धारित स्थान पर ले जाकर तत्काल निस्तारित किया जाए, ताकि यातायात और स्वच्छता दोनों प्रभावित न हों।

शहरी प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों क्या मानते हैं?

शहरी प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि नहरों की नियमित सफाई जल निकासी व्यवस्था के लिए आवश्यक है। वहीं, सफाई से निकले मलबे और सिल्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की भी उतनी ही अहम भूमिका होती है। यदि सफाई सामग्री को सार्वजनिक मार्ग पर छोड़ दिया जाए, तो इससे सड़क सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता तीनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

 ऐसे कार्यों के लिए पहले से ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान, बैरिकेडिंग और सिल्ट उठाने की समयबद्ध व्यवस्था होनी चाहिए। इससे नागरिकों को कम असुविधा होगी और सफाई अभियान भी प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।

लोगों की अपेक्षा

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सफाई अभियान शहर के हित में है, लेकिन उसके क्रियान्वयन में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे आम लोगों को परेशानी न उठानी पड़े। उनका सुझाव है कि संबंधित विभाग संयुक्त रूप से कार्ययोजना बनाएं, सिल्ट हटाने के लिए अलग वाहन लगाए जाएं और कार्य पूरा होने के तुरंत बाद सड़क को साफ कराया जाए।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि संबंधित विभाग इस मामले की समीक्षा करें और भविष्य में नहर सफाई के दौरान ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें जिससे सड़क पर सिल्ट जमा न रहे।

उनका कहना है कि यदि अधिकारियों के निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए, तो जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

 शहर में विकास और सफाई कार्य तभी प्रभावी माने जाएंगे, जब उनकी योजना और क्रियान्वयन दोनों आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किए जाएं। विभागों के बीच बेहतर समन्वय, समयबद्ध सिल्ट निस्तारण और नियमित निगरानी से ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सकता है।

You may have missed